AI Literacy Excellence Award: भारत सीएसआर सस्टेनेबिलिटी अवॉर्ड्स 2026 में आईसेक्ट इंडिया को मिला “एआई लिटरेसी एक्सीलेंस अवॉर्ड”

भारत सीएसआर सस्टेनेबिलिटी अवॉर्ड्स 2026 में आईसेक्ट इंडिया को मिला “एआई लिटरेसी एक्सीलेंस अवॉर्ड”
देशभर में 1.80 लाख से अधिक लोगों तक एआई साक्षरता पहुंचाने, नवाचार, साझेदारियों और अंतिम छोर तक डिजिटल समावेशन सुनिश्चित करने के प्रयासों को मिला राष्ट्रीय सम्मान

नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने और भविष्य उन्मुख कौशल विकास को बढ़ावा देने के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए आईसेक्ट इंडिया को 7वें भारत सीएसआर सस्टेनेबिलिटी समिट एंड अवॉर्ड्स 2026 में प्रतिष्ठित “एआई लिटरेसी एक्सीलेंस अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान देश में नवाचार आधारित मॉडल, रणनीतिक साझेदारियों और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से एआई साक्षरता का सशक्त इकोसिस्टम विकसित करने तथा युवाओं को भविष्य की कार्यसंस्कृति के लिए तैयार करने में आईसेक्ट इंडिया की अग्रणी भूमिका को मान्यता देता है।

आज जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से अर्थव्यवस्था, उद्योग और रोजगार के स्वरूप को बदल रहा है, ऐसे समय में एआई शिक्षा तक सभी की पहुंच सुनिश्चित करना राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गया है। इस दिशा में आईसेक्ट इंडिया ने एक अनूठा मॉडल विकसित किया है, जिसके माध्यम से एआई शिक्षा को पारंपरिक कक्षाओं से आगे बढ़ाकर विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्रामीण क्षेत्रों और वंचित समुदायों तक पहुंचाया जा रहा है। तकनीक और जमीनी स्तर के व्यापक नेटवर्क के समन्वय से संस्था यह सुनिश्चित कर रही है कि एआई साक्षरता केवल कुछ लोगों का विशेषाधिकार न रहकर प्रत्येक विद्यार्थी और युवा के लिए उपलब्ध अवसर बने।

देश के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 65,000 से अधिक केंद्रों के विशाल नेटवर्क के साथ आईसेक्ट इंडिया पिछले चार दशकों से शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता और डिजिटल समावेशन के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। इसी व्यापक नेटवर्क का उपयोग करते हुए संस्था ने अपने कौशल विकास कार्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शामिल किया है, ताकि देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए भविष्य के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार किए जा सकें।

यह राष्ट्रीय सम्मान आईसेक्ट के चेयरमैन श्री संतोष चौबे के दूरदर्शी नेतृत्व का भी प्रमाण है, जिनकी तकनीक आधारित शिक्षा और सामाजिक नवाचार की सोच ने आईसेक्ट इंडिया को देश की अग्रणी कौशल विकास संस्थाओं में स्थापित किया है। साथ ही संस्था आईसेक्ट इंडिया के कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी के रणनीतिक नेतृत्व को भी रेखांकित करती है, जिनके मार्गदर्शन में संस्था ने एआई साक्षरता अभियान को नई गति प्रदान करते हुए उभरती तकनीकों को शिक्षा और कौशल विकास से प्रभावी रूप से जोड़ा है।

यह सम्मान आईसेक्ट इंडिया की ओर से महाप्रबंधक अभिषेक गुप्ता तथा प्रबंधक मुकेश कुमार ने प्राप्त किया।

समावेशी एआई साक्षरता का मजबूत इकोसिस्टम

अपने "एआई लिटरेसी मिशन" के अंतर्गत आईसेक्ट इंडिया ने शिक्षा, रणनीतिक साझेदारियों और तकनीक आधारित कौशल विकास को जोड़ते हुए एक व्यापक एआई शिक्षण इकोसिस्टम विकसित किया है। इस मिशन के तहत संस्था ने वर्ष 2030 तक देश के 1 करोड़ लोगों को एआई साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे भारत को भविष्य के लिए तैयार डिजिटल कार्यबल उपलब्ध कराया जा सके।

इसी उद्देश्य से संस्था ने पांच "एआई कौशल रथ" प्रारंभ किए हैं, जो विद्यालयों, महाविद्यालयों और समुदायों तक पहुंचकर व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक माध्यम से एआई शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।

आईसेक्ट इंडिया ने विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ साझेदारी के माध्यम से भी एआई शिक्षा का दायरा व्यापक बनाया है। यूनिसेफ के "पासपोर्ट टू अर्निंग (P2E)" कार्यक्रम के अंतर्गत संस्था ने 1,25,000 युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल उत्पादकता और रोजगारपरक कौशल का प्रशिक्षण प्रदान किया है।

इसी प्रकार "युवा – एआई फॉर ऑल" पहल के माध्यम से 48,000 विद्यार्थियों को एआई की मूलभूत अवधारणाओं से परिचित कराया गया है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के सहयोग से संचालित "एचएएल कौशल रथ" से 1,806 लाभार्थियों को प्रशिक्षण मिला है, जबकि इंडसइंड बैंक के सहयोग से संचालित "स्किल्स ऑन व्हील्स" कार्यक्रम के माध्यम से 5,606 युवाओं को तकनीक आधारित मोबाइल कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

इन सभी पहलों के माध्यम से आईसेक्ट इंडिया अब तक 1,80,637 से अधिक लाभार्थियों को एआई साक्षरता एवं भविष्य उन्मुख कौशल से सशक्त बना चुका है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि नवाचार, मोबाइल शिक्षण, उद्योग साझेदारियों और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से डिजिटल विभाजन को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है तथा एआई शिक्षा को बड़े स्तर पर सभी तक पहुंचाया जा सकता है।

इस अवसर पर आईसेक्ट इंडिया के कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा, "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा, रोजगार और नवाचार की दिशा को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है। वास्तविक अवसर केवल एआई तकनीक विकसित करने में नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी और युवा को इसका जिम्मेदारीपूर्वक एवं प्रभावी उपयोग करने योग्य बनाना है। आईसेक्ट इंडिया का उद्देश्य एआई शिक्षा को देश के हर क्षेत्र, हर समुदाय और हर विद्यार्थी तक सुलभ, समावेशी और प्रासंगिक बनाना है। यह सम्मान हमारे उस संकल्प को और मजबूत करता है जिसके माध्यम से हम तकनीक आधारित, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार भारत के निर्माण में योगदान दे रहे हैं।"

सम्मान प्राप्त करने के बाद आईसेक्ट इंडिया के महाप्रबंधक श्री अभिषेक गुप्ता ने कहा, "यह सम्मान आईसेक्ट इंडिया के एआई लिटरेसी मिशन से जुड़े प्रत्येक विद्यार्थी, शिक्षक, सहयोगी संस्था और हमारी पूरी टीम का सम्मान है। यह हमें और अधिक नवाचार करने, नई साझेदारियां विकसित करने तथा देश के युवाओं को भविष्य के लिए आवश्यक डिजिटल एवं एआई कौशल से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।"

"एआई लिटरेसी एक्सीलेंस अवॉर्ड" आईसेक्ट इंडिया की उस सतत यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसके माध्यम से संस्था शिक्षा और तकनीक के जरिए सामाजिक परिवर्तन का मजबूत आधार तैयार कर रही है। भारत के वैश्विक एआई नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ते समय आईसेक्ट इंडिया एआई साक्षरता, डिजिटल समावेशन और भविष्य उन्मुख कौशल विकास को देश के प्रत्येक विद्यार्थी, प्रत्येक समुदाय और प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्था का विश्वास है कि निरंतर नवाचार, व्यापक सहयोग और समावेशी शिक्षा के माध्यम से ही कुशल, सशक्त और भविष्य के लिए तैयार नागरिकों वाला विकसित भारत निर्मित किया जा सकता है।

Created On :   1 July 2026 6:06 PM IST

Tags

Next Story