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मॉब लिंचिंग: 'दाढ़ी-टोपी से होती है पहचान, मॉब लिंचिंग से बचने के लिए मुस्लिम बदलें पहनावा', रिटायर्ड IAS नियाज खान के बयान पर छिड़ी बहस

नई दिल्ली/भोपाल। मध्य प्रदेश कैडर के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी नियाज खान ने मॉब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया है, जो अब चर्चा का विषय बन गया है। अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले नियाज खान ने इस बार भारतीय मुसलमानों को अपनी पहचान छिपाने के लिए पहनावा बदलने की सलाह दी है।
नियाज खान ने अपने पोस्ट में लिखा कि "भारत में मुस्लिमों की जितनी भी मॉब लिंचिंग हुई है, उनमें अधिकतर लोग कुर्ता, पायजामा, दाढ़ी और टोपी पहने हुए थे। इस पहनावे से उनकी पहचान आसानी से हो जाती है। मॉब लिंचिंग से बचने के लिए मुस्लिम अपना ड्रेस और हुलिया बदलें। वे तुर्की के मुस्लिमों जैसा पहनावा अपनाएं, जिससे उनकी पहचान छिपी रहे।"
भारत में मुस्लिमों की जितनी भी मॉब lynching हुई है अधिकतर वह कुर्ता, पैजामा, दाढ़ी और टोपी में हुई है। इस पहनावे से उनकी पहचान आसानी से हो जाती है। मॉब lynching से बचने के लिए मुस्लिम अपना ड्रेस और हुलिया बदलें। वे तुर्की के मुस्लिमों जैसे कपड़े पहने इससे उनकी पहचान छिपी रहेगी।
— NIYAZ KHAN (@saifasa) July 10, 2026
'दाढ़ी-टोपी से हो जाती है पहचान'
रिटायर्ड आईएएस नियाज खान का कहना है कि पारंपरिक मुस्लिम पहनावे के कारण लोगों की पहचान आसानी से हो जाती है, जिससे वे भीड़ हिंसा (मॉब लिंचिंग) का शिकार बन सकते हैं। उनका मानना है कि यदि मुस्लिम आधुनिक या तुर्की शैली का पहनावा अपनाएं तो पहचान छिपी रह सकती है और ऐसी घटनाओं का खतरा कम हो सकता है।
सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस
नियाज खान की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। कुछ यूजर्स ने इसे सुरक्षा के लिहाज से दी गई व्यक्तिगत सलाह बताया, जबकि कई लोगों ने इस विचार का विरोध किया। आलोचकों का कहना है कि किसी भी समुदाय को अपनी धार्मिक या सांस्कृतिक पहचान बदलने की सलाह देना समाधान नहीं है। उनका तर्क है कि भीड़ हिंसा रोकना और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है, न कि पीड़ित समुदाय की पहचान बदलना।
पहले भी बयानों को लेकर रहे हैं चर्चा में
रिटायर्ड आईएएस नियाज खान इससे पहले भी धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय के कारण चर्चा में रहे हैं। उनके कई पोस्ट सोशल मीडिया पर व्यापक बहस का विषय बन चुके हैं।
नोट: यह खबर नियाज खान द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए सार्वजनिक पोस्ट पर आधारित है। पोस्ट में किए गए दावे, विशेष रूप से मॉब लिंचिंग के कारणों और पैटर्न संबंधी टिप्पणियां, उनके व्यक्तिगत विचार हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
Created On :   10 July 2026 2:22 PM IST












