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MP News,: सरदार सरोवर परियोजना पर पटवारी ने कहा लड़ने के बजाय सरकार ने कर लिया समझौता

डिजिटल डेस्क, भोपाल। सरदार सरोवर परियोजना में गुजरात सरकार के साथ हुए समझौते को लेकर सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस ने इस समझौते को सरकार को झुकना बताया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि परियोजना के लिए मप्र ने अपनी ज़मीन, जंगल , गांव डुबोए और लाखों लोगों का विस्थापन झेला है।
इसके लिए गुजरात सरकार से 7669 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा था। लेकिन प्रदेश सरकार ने अधिकारों के लिए लड़ने के बजाय गुजरात सरकार से समझौता कर लिया। अब उल्टा 550 करोड़ रुपये गुजरात को देने पर सहमति जता दी गई। मां नर्मदा का उद्गम मप्र में है और इसका अधिकांश प्रवाह भी यहीं है। फिर भी प्रदेश के अनेक हिस्से आज भी सिंचाई और पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।
किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिलता, गांवों तक नहरें नहीं पहुंचती, लेकिन हमारे हिस्से का पानी और हमारे संसाधनों का लाभ कहीं और पहुंच जाता है। पटवारी ने कहा पूरा प्रदेश देख रहा है कि किस तरह आज मोहन सरकार ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह के सामने मप्र के हितों से समझौता कर लिया।
जनता के टैक्स का पैसा ब्याज चुकाने में जा रहा
सरकार के एक बार फिर 3600 करोड़ का कर्ज लेने को लेकर पटवारी ने कहा कि प्रदेश पर 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो गया है। प्रदेश कर्ज के दलदल में है। सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से सरकारी प्रतिभूतियां जारी कर बाजार से 3600 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया है। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 में सरकार अब तक 12800 करोड़ रुपये की उधारी ले चुकी है।
सरकार ने पूरे वित्तीय वर्ष में 78500 करोड़ रुपये उधार लेने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 16.30 प्रतिशत राशि अभी शुरुआती महीनों में ही उधार ले ली गई है। यह आर्थिक नीतियों की विफलता है। सरकार को अपनी आमदनी का बहुत बड़ा हिस्सा केवल कर्ज के ब्याज के रूप में चुका रही। जनता के टैक्स का पैसा विकास पर खर्च होने के बजाय ब्याज चुकाने में जा रहा है। इसका बोझ आने वाली पीढ़ियों पर डाला जा रहा है।
आर्थिक बदहाली के बावजूद सरकार फिजूलखर्ची पर कोई रोक लगाने को तैयार नहीं है। भाजपा की पैसा दो–काम लो की संस्कृति ने पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप दे दिया है।
Created On :   10 July 2026 1:21 AM IST












