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RNTU’s 3rd Graduation Day: आरएनटीयू में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों का ग्रेजुएशन डे समारोह, कई देशों के छात्र-छात्राओं को स्नातक और स्नातकोत्तर की उपाधि से किया गया सम्मानित

भोपाल। भोपाल के रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में शनिवार को अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों का थर्ड ग्रेजुएशन डे समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि सीएसआईआर-एडवांस्ड मैटेरियल्स एंड प्रोसेसेस रिसर्च इंस्टीट्यूट (AMPRI) के निदेशक डॉ. थल्लाडा भास्कर रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे भी मौजूद रहे। समारोह में विभिन्न देशों से आए अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए उपाधियां प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं वाइस चांसलर प्रो. रवि प्रकाश दुबे ने विद्यार्थियों को समाज, राष्ट्र एवं मानवता के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की शपथ भी दिलाई।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अतिथियों ने स्नातक विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समारोह में विभिन्न देशों के विद्यार्थियों ने अपनी शैक्षणिक यात्रा के अनुभव साझा किए। साथ ही भारत की संस्कृति, शिक्षा व्यवस्था और विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान किए गए सहयोग की भी सराहना की। विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित-समावेशी वातावरण तथा उत्कृष्ट शैक्षणिक सुविधाओं के लिए धन्यवाद दिया।
मुख्य अतिथि डॉ. थल्लाडा भास्कर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार और संवेदनशील वैश्विक नागरिक बनना है। उन्होंने कहा कि भारत में अध्ययन के दौरान आपने यहां की संस्कृति, जीवन-मूल्यों, परंपराओं और वैज्ञानिक सोच को करीब से जाना है। अब जब आप अपने-अपने देशों में लौटेंगे, तो भारत के सांस्कृतिक और शैक्षणिक दूत के रूप में इन अनुभवों को दुनिया तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी आपकी होगी।
कुलाधिपति संतोष चौबे ने विद्यार्थियों को रवीन्द्रनाथ टैगोर के आदर्शों और मूल्यों के बारे में बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि केवल दुनिया को समझना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्वयं को इतना सक्षम बनाना भी आवश्यक है कि हम दुनिया से मिलने वाले ज्ञान, अनुभव और अवसरों को स्वीकार कर सकें। यही कार्य शिक्षा करती है।
वहीं प्रो चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने कहा कि शिक्षा हमें सोचने, समझने, विश्लेषण करने और मानवीय मूल्यों को आत्मसात करने की क्षमता प्रदान करती है। आज का संसार अनेक संभावनाओं और चुनौतियों से भरा है। इसमें शांति भी है और युद्ध भी। यह हम पर निर्भर करता है कि हम किस दिशा को अपनाते हैं। इसलिए युवाओं को ऐसी दृष्टि विकसित करनी चाहिए जो उन्हें सही विकल्प चुनने में सक्षम बनाए।
इसके साथ रजिस्ट्रार डॉ संगीता जौहरी कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय छात्र यहां से डिग्री के साथ भारतीय संस्कृति, मानवीय मूल्यों और नेतृत्व के अनुभव भी लेकर जा रहे हैं। उन्होंने सभी स्नातक विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें अपने-अपने देशों में विश्वविद्यालय के सशक्त प्रतिनिधि बनने का आह्वान किया।
बता दें कि विश्वविद्यालय द्वारा एक विद्यार्थी को गोल्ड मेडल, चार विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर (PG) उपाधि तथा 12 विद्यार्थियों को स्नातक (UG) उपाधि प्रदान की गई। ये विद्यार्थी नाइजीरिया, जिम्बाब्वे, लाइबेरिया, युगांडा, सूडान, गांबिया एवं रिपब्लिक ऑफ टोगो सहित विभिन्न देशों से हैं। यह समारोह विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता तथा वैश्विक शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रतीक रहा।
इंटरनेशनल डिवीजन की डीन प्रो. ऋतु कुमारन ने बताया कि वर्तमान में विश्वविद्यालय में 15 देशों के 120 अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जो विश्वविद्यालय परिसर को वैश्विक विविधता और बहुसांस्कृतिक वातावरण प्रदान करते हैं। वहीं विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं व्यक्तिगत स्तर पर सहयोग प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें भारतीय शिक्षा प्रणाली और संस्कृति से परिचित कराने के लिए विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित करता है।
समारोह में विश्वविद्यालय के गवर्निंग बॉडी के मेंबर श्री राघवेंद्र गौतम सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, प्राध्यापक, कर्मचारी, शोधार्थी, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
Created On :   4 July 2026 8:41 PM IST












