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Bhopal News: एसआईआर और चुनाव आयोग के आरोपों पर मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष की प्रेस कांफ्रेंस

भास्कर ब्यूरो, भोपाल। एसआईआर और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने प्रेस कांफ्रेंस की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और युवा देश है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी में जिनकी पांच पीढ़ियों में भारत की राजनीति में दख़ल रखा। उस परिवार के सदस्य राहुल गांधी द्वारा आज किसी को भी गंदी गालियां देना, किसी का भी मजाक बनाना निंदनीय है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल थोपा, ये इस बात का प्रमाण है कि वे संवैधानिक संस्थाओं को नहीं मानता। राहुल गांधी ने बोफोर्स घोटाले पर कोर्ट के फैसले, सर्जिकल स्ट्राइक, चौकीदार चोर का नारा समेत अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने सारी सीमाओं को तोड़ने का काम किया है। कांग्रेस सत्ता से बाहर रहने का कारण बौखलाई हुई है, इसलिए वे निंदनीय कृत्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल से अपना कुनबा नहीं संभल रहा है। वे अपने साथियों की गिरेबान में हाथ डालते-डालते गर्दन दबाने में लगे हैं। उन्होंने कांग्रेस और अखिलेश यादव राजनीतिक दूरी पर कहा कि कांग्रेस को पहले अपना गठबंधन और संगठन संभालना चाहिए। उन्होंने कहा कि अखिलेश रायबरेली जा रहे हैं तो कह रहे हो कि मैं सैफई में भी आ सकता हूं। हेमंत खंडेलवाल ने एसआईआर और आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर बार-बार आरोप लगाने और जनता में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
डॉ यादव ने कहा कि अब तो अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प भी भारत के ईवीएम को अपनाने पर जोर दे रहे हैं। ऐसे में राहुल ने ईवीएम को ब्लैक बॉक्स और ईडी को ठगबंधन करार दिया। माफ़ी मांगना चाहिए। कांग्रेस को राजनीतिक सफर और प्रदर्शन पर आत्ममंथन करना चाहिए। केरल, हिमाचल में जब कांग्रेस सत्ता में आती है, तब क्या चुनाव प्रक्रिया पर उसे संदेह नहीं रहता? तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में लंबे समय तक अलग-अलग दलों की सरकारें रही हैं, तब भी चुनाव हुए हैं और जनता ने अपने जनादेश दिए हैं।
आयोग ने सब क्लियर कर दिया
बिहार, उप्र समेत कई राज्यों में कांग्रेस लंबे समय से कमजोर हुई है। आज आवश्यकता चुनाव आयोग पर आरोप लगाने की नहीं, बल्कि यह समझने की है कि जनता का विश्वास क्यों कम हुआ। राहुल गांधी को भी आरोप लगाने से पहले तथ्यों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। लोकतंत्र में हार-जीत होती रहती है। कांग्रेस को चाहिए कि वह आरोप-प्रत्यारोप के बजाय अपनी संगठनात्मक कमियों का मूल्यांकन कर और जन विश्वास मजबूत करे। हर चुनाव में वोट चोरी हो गई, अन्याय हो गया, अपराध हो गया, ये हो गया, वो हो गया, लेकिन हुआ क्या? ढाक के तीन पात। केरल के अंदर अगर गड़बड़ी हुई थी, तो उस गड़बड़ी की दुरुस्ती हुई और कांग्रेस की सरकार बदली। अब इसमें क्या करें? एसआईआर के कारण से तो सरकार बनी है आपकी, अब केरल में क्या बोलना चाहोगे? राहुल गांधी स्पष्ट करें, जहां इनकी सरकार बन जाए, मीठा-मीठा गप और कड़वा-कड़वा थू, ये नहीं चलेगा। डॉ यादव ने कहा कि दो-तीन दिन पहले ऐसा लगा कि कितना बड़ा पाप हो गया है। सूत ना कपास, प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस चली। आयोग, सुप्रीम कोर्ट जैसे लोकतंत्र के पिलर्स पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है। फार्म 6, एसआईआर पर आयोग ने सब क्लियर किया। पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल के हाल देखो, लोकतंत्र को संभालने की जिम्मेदारी विपक्ष की भी है। राहुल गांधी को तो माफी मांगना चाहिए।
Created On :   29 Sept 2026 1:47 AM IST












