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MP News: डाक विभाग सीधी में पासपोर्ट सेवा केंद्र और बालाघाट में शुरु करेगा ई-कॉमर्स सिस्टम

भास्कर ब्यूरो, भोपाल। भारतीय डाक विभाग सीधी में नए साल में (2027) में सीधी में पासपोर्ट कार्यालय शुरु करेगा। इससे विंध्य क्षेत्र के लोगों को पासपोर्ट बनवाना आसान होगा। डाक विभाग द्वारा इसके लिए भवन निर्माण का काम करवाया जा रहा है, जिसके आगामी तीन महीने में पूरा होने की संभावना है। जबकि बालाघाट में ई-काॅमर्स कार्यालय शुरु करेगा। इसके लिए भी डाटा नेटवर्किंग का काम चल रहा है। शुक्रवार को भोपाल में मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल मप्र सर्किल वीनित माथुर ने डाक सप्ताह को लेकर प्रेस कांफ्रेंस की।
उन्होंने बताया कि डाक विभाग 9 से 15 अक्टूबर तक डाक सप्ताह मनाएगा, इस दौरान डाक सेवाओं, फाइनेंशियल इंक्लुशन, फिलेटली, मेल एवं पार्सल सर्विस, आईटी और डाक में नवाचार पर जोर दिया जाएगा। डाक विभाग द्वारा मप्र परिमंडल में 25 पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्रों के रूप में काम कर रहा है। जबकि सीधी और मुरैना में नए पासपोर्ट सेवा केंद्र खोले जा रहे हैं, इनके शुरु होने पर प्रदेश में पासपोर्ट सेवा केंद्रों की संख्या 27 हो जाएगी। मुरैना में पासपोर्ट सेवा केंद्र का काम पूरा हो चुका है, जबकि सीधी का काम निर्माणाधीन है।
बालाघाट ई-कॉमर्स के लिए ओपन नेटवर्क फॉर डिजीटल कॉमर्स (ओएनडीसी) के साथ जुड़कर एक लाॅजिस्टिक्स सर्विस शुरु करेगा। इसके लिए नेटवर्क बिछाने का काम चल रहा है। माथुर ने बताया कि मप्र में जितने पासपोर्ट बनते हैं, उनमें 51 प्रतिशत (डेढ़ से दो लाख सालान) पासपोर्ट डाक विभाग के पासपोर्ट सेवा केंद्रों के जरिए बनते हैं। इसको बढ़ावा देने के लिए दो केंद्र और शुरु किए जा रहे हैं।
यूथ को कनेक्ट करने डिजीटल डिटॉक्स
माथुर ने बताया कि देश-प्रदेश के युवाओं को पोस्ट-डाक से जोड़ने के लिए डाक विभाग ने सतना मेडिकल कॉलेज, आईआईटी इंदौर, देवी अहिल्या विवि इंदौर, भोपाल के मैनिट और एक अन्य जगह आधुनिक और कैफेटेरिया की तर्ज पर पोस्ट ऑफिस में डिजीटल डिटॉक्स प्रोग्राम शुरु किया है। युवाओं के लिए जेनरेशन नेक्स्ट पोस्ट ऑफिस और डाक सेवा कनेक्ट भी शुरु किया गया है। पांचों केंद्रों पर यहां युवा कॉफी भी पी सकते हैं, गाने गा सकते हैं, संगीत का आनंद लेते हुए दादा-दादी को पोस्ट कार्ड आिद लिख सकते हैं। इन केंद्रों पर म्यूजिक सिस्टम भी लगाया गया है, जिसमें युवा गिटार भी बजा सकते हैं। कई युवाओं ने अपने परिवारजनों की यादों में कविताएं लिखी है।
इससे डाक विभाग की 170 साल पुरानी कार्ड लिखने की परंपरा को जिंदा रखने और युवाओं को डाक सेवा से जोड़ने का काम किया जा रहा है। माथुर ने बताया कि प्रदेश के 700 पोस्ट ऑफिस का मॉर्डनाइजेशन किया जा चुका हैं। प्रदेश में 27 हजार कर्मचारी दो शिफ्ट में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के अिधकांश पोस्ट ऑफिस किराए के भवनों में चल रहे हैं, इसके कारण यहां नेटवर्किंग में देरी होने से सर्वर की समस्या हो सकती है, जिसका समाधान भी किया जाता है।
डाक विभाग का दायरा बढ़ा
माथुर ने बताया कि मप्र परिमंडल में 10281 डाकघर है। इनमें 1 करोड़ 93 लाख 79 हजार से अिधक खातों में 83 हजार 611 करोड़ रुपए जमा किए गए हैं। प्रदेश में 31 लाख से ज्यादा सुकन्या समृद्धि योजना के खाते खोले गए हैं, जिनमें 9 हजार 669 करोड़ रुपए जमा है। प्रदेश में 85 लाख लोग इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक सुविधा से जुड़े है। आधार कार्ड बनवाने और अपडेशन के लिए 468 पोस्ट ऑफिस केंद्र है। इसके अलावा भी कॉलोनियों-स्कूलों में कैंप लगाकर आधार का काम किया जा रहा है।
माथुर ने कहा कि आमजन स्पीड पोस्ट और पार्सल सुविधा का लाभ ले रहे हैं, जिसका ग्राफ देखे तो अप्रैल, 2026 से सितंबर 2026 के बीच 86 लाख 53 हजार से अिधक आर्टिकल की बुकिंग और डिस्ट्रीब्यूशन किया गया है। इससे जाहिर है कि भारतीय डाक पर आमजन का भरोसा 170 साल से कायम है।
Created On :   11 Oct 2026 1:42 AM IST












