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MP News: जोहो मेल का उपयोग करना सरकारी कर्मियों के लिये अनिवार्य, हर साल प्रति ई-मेल आईडी 2 हजार रुपये भुगतान होगा

भास्कर ब्यूरो, भोपाल। राज्य सरकार के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिये मेल बाक्स आधारित ई-मेल निजी प्लेटफार्म जोहो (जेडओएचओ) मेल द्वारा निर्मित ई-मेल का उपयोग करना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रत्येक बाक्स आधारित ई-मेल आईडी के रखरखाव हेतु जोहो को 2 हजार रुपये का भुगतान राज्य सरकार की ओर से होगा। यह निर्णय राज्य इलेक्ट्रानिक विकास निगम की केंद्र के एनआईसी भोपाल के साथ हुई एक बैठक में लिया गया है।
जोहो द्वारा निर्मित ई-मेल का प्रत्येक यूजर को प्रत्येक माह उपयोग करना अनिवार्य होगा अन्यथा 45 दिन तक उपयोग न करने पर यह ई-मेल स्वत: इनेक्टिव हो जायेगा। उल्लेखनीय है कि बिना ई-मेल बॉक्स वाली ई-मेल आईडी मुख्य रूप से एक फॉरवर्डिंग एड्रेस होती है। इस तरह की ई-मेल आईडी का अपना कोई पर्सनल इनबॉक्स या सर्वर स्टोरेज नहीं होता जहां मेल जमा होकर सुरक्षित रहें। इस बिना ई-मेल बॉक्स वाली ई-मेल आईडी पर आने वाले सभी ई-मेल तुरंत किसी दूसरे मुख्य मेलबॉक्स पर भेज दिए जाते हैं।
इसका उपयोग गोपनीयता और सुरक्षा हेतु असली ई-मेल आईडी को छिपाने के लिए होता है। अलग से सर्वर स्पेस या पेड मेलबॉक्स खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। यह परियोजना भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और नेशनल इन्फर्मेटिक्स सेंटर द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर संचालित की जा रही है, जिसके तहत सरकारी ईमेल खातों को जोहो के क्लाउड प्लेटफॉर्म पर ट्रांसफर (माइग्रेट) किया जा रहा है।
सरकार ने पुरानी ईमेल प्रणाली को अपग्रेड करने के लिए जोहो को चुना है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कामकाज में डेटा सुरक्षा को बढ़ाना, साइबर हमलों से सुरक्षा प्रदान करना और एक सुरक्षित व आधुनिक क्लाउड-बेस्ड ईमेल सिस्टम तैयार करना है। इस परियोजना के तहत केंद्रीय मंत्रालयों और सरकारी विभागों के लगभग 16.68 लाख आधिकारिक ई-मेल खातों को सफलतापूर्वक जोहो समर्थित क्लाउड प्लेटफॉर्म पर ट्रांसफर किया जा चुका है। इसमें प्रधानमंत्री कार्यालय भी शामिल है। अब राज्य सरकारों को भी इसमें जोड़ा जा रहा है।
Created On :   11 Oct 2026 2:09 AM IST












