उठे सवाल शुरु पड़ताल: सेवानिवृत्ति के बाद यूनियन पद पर बने रहने के मामले में रेलवे ने मांगा वैकल्पिक नामांकन, सभी मंडलों में सूची की जांच के निर्देश

सेवानिवृत्ति के बाद यूनियन पद पर बने रहने के मामले में रेलवे ने मांगा वैकल्पिक नामांकन, सभी मंडलों में सूची की जांच के निर्देश
  • मध्य रेलवे मुख्यालय ने सभी मंडलों में यूनियन पदाधिकारियों की सूची की जांच के दिए निर्देश
  • मंडलों में यूनियन पदाधिकारियों की सूची की जांच के दिए निर्देश
  • रेलवे बोर्ड के निर्देशों का हवाला देते हुए 15 दिन में कार्यरत कर्मचारी का नाम देने को कहा
  • CRMS भुसावल के विभागीय सचिव एस.बी. पाटील 31 मई को हुए सेवानिवृत्त

Bhusawal News. मध्य रेलवे के भुसावल मंडल में मान्यता प्राप्त कर्मचारी यूनियन के विभागीय पदाधिकारी को लेकर प्रशासन ने वैकल्पिक नामांकन की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। भुसावल मंडल के कार्मिक विभाग की ओर से 4 सितंबर 2026 को जारी पत्र में CRMS भुसावल मंडल के विभागीय सचिव एस.बी. पाटील का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि वे 31 मई 2026 को रेलवे सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पत्र में उनके स्थान पर किसी कार्यरत रेल कर्मचारी का नामांकन 15 दिनों के भीतर करने को कहा गया है। यह प्रक्रिया रेलवे बोर्ड के पूर्व निर्देशों और मध्य रेलवे मुख्यालय से जारी हालिया पत्र के संदर्भ में शुरू की गई है। उपलब्ध प्रशासनिक पत्रों के अनुसार, सेवानिवृत्ति के बाद विभागीय अथवा शाखा स्तर पर मान्यता प्राप्त यूनियन के पदाधिकारी के रूप में बने रहने के संबंध में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना है।

15 दिन में वैकल्पिक नामांकन

भुसावल मंडल के कार्मिक विभाग ने CRMS भुसावल मंडल के विभागीय अध्यक्ष को भेजे पत्र में एस.बी. पाटील के स्थान पर कार्यरत रेल कर्मचारी का वैकल्पिक नामांकन करने को कहा है। पत्र के अनुसार, यह प्रक्रिया 15 दिनों के भीतर पूरी की जानी है।

इससे यह स्पष्ट है कि रेलवे प्रशासन ने सेवानिवृत्ति की स्थिति को ध्यान में रखते हुए संबंधित यूनियन पद के लिए नया नामांकन करने की प्रक्रिया शुरू की है। निर्धारित अवधि के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारी के विभागीय सचिव पद पर बने रहने की अनुमति नहीं होगी।

पुराने निर्देशों के आधार पर प्रक्रिया

पत्र में रेलवे बोर्ड के 17 जनवरी 1994 के निर्देश तथा मध्य रेलवे मुख्यालय के 29 नवंबर 1996 के पत्र का भी संदर्भ दिया गया है। इन निर्देशों में मान्यता प्राप्त यूनियन के विभागीय एवं शाखा स्तर के पदाधिकारियों से जुड़ी विभिन्न परिस्थितियों में आवश्यक प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है।

इस संदर्भ में भुसावल मंडल में सामने आई स्थिति को लेकर यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने के बाद वैकल्पिक नामांकन की प्रक्रिया किस समय शुरू हुई। हालांकि, उपलब्ध पत्रों में इस देरी के कारण का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।

मुख्यालय ने सभी मंडलों की सूची जांचने को कहा

मध्य रेलवे के प्रधान कार्यालय के वरिष्ठ कर्मचारी अधिकारी (IR) संजय कुमार दायमा की ओर से 3 सितंबर 2026 को जारी पत्र में सभी संबंधित मंडलों और कार्यशालाओं को मान्यता प्राप्त यूनियनों के विभागीय एवं शाखा स्तर के पदाधिकारियों की सूची की जांच करने को कहा गया है।

निर्देश के अनुसार, यदि किसी सूची में सेवानिवृत्त रेल कर्मचारी पदाधिकारी के रूप में दर्ज पाया जाता है तो संबंधित यूनियन को 15 दिन की सूचना देकर उसके स्थान पर कार्यरत कर्मचारी का वैकल्पिक नामांकन कराने की प्रक्रिया अपनाई जानी है।

साथ ही, नए पदाधिकारियों के नामांकन के समय यह भी देखने को कहा गया है कि संबंधित कर्मचारी अगले एक वर्ष में सेवानिवृत्त तो नहीं होने वाला है। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, बर्खास्तगी, पद से हटाए जाने, अनिवार्य सेवानिवृत्ति या संबंधित क्षेत्राधिकार से बाहर तबादले जैसी परिस्थितियों में भी वैकल्पिक नामांकन की प्रक्रिया का प्रावधान बताया गया है।

अब अन्य मंडलों की सूचियों पर भी नजर

मुख्यालय के 3 सितंबर के निर्देश के बाद यह प्रक्रिया केवल भुसावल मंडल तक सीमित नहीं रहेगी। मध्य रेलवे के अन्य मंडलों और कार्यशालाओं में मान्यता प्राप्त यूनियनों के पदाधिकारियों की सूची की भी जांच की जानी है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अन्य स्थानों पर भी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के नाम यूनियन के विभागीय अथवा शाखा स्तर के पदों पर दर्ज हैं या नहीं। यदि ऐसी स्थिति सामने आती है तो संबंधित यूनियन से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वैकल्पिक नामांकन कराया जाएगा।

प्रशासनिक प्रक्रिया पर रहेगी नजर

भुसावल मंडल में 31 मई को सेवानिवृत्ति और 4 सितंबर को जारी वैकल्पिक नामांकन संबंधी पत्र के बीच रहे समय को लेकर स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठ सकता है कि संबंधित पद पर नए नामांकन की प्रक्रिया पहले क्यों नहीं हुई। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन या यूनियन की ओर से कोई अलग कारण सामने नहीं आया है।

अब मुख्यालय के निर्देशों के अनुसार भुसावल मंडल में वैकल्पिक नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के साथ-साथ मध्य रेलवे के अन्य मंडलों और कार्यशालाओं में यूनियन पदाधिकारियों की सूची की जांच किस तरह आगे बढ़ती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

Created On :   7 Sept 2026 5:42 PM IST

Tags

Next Story