Chhindwara News: सीसीटीएसएल से निगम का करार खत्म, शहर के सिटी ट्रांसपोर्ट को लगेगा झटका

सीसीटीएसएल से निगम का करार खत्म, शहर के सिटी ट्रांसपोर्ट को लगेगा झटका
छिंदवाड़ा से महानगरों की बस कनेक्टिविटी को बड़ा झटका लगने वाला है। जुलाई से सूत्र सेवा को बंद करने की तैयारी शुरु हो गई है। इसका असर न केवल जिले की परिवहन सेवा पर पड़ेगा बल्कि इंटर डिस्ट्रिक्ट सिटी ट्रांसपोर्ट सेवा भी इससे पूरी तरह से लडख़ड़ा जाएगी।

Chhindwara News: छिंदवाड़ा से महानगरों की बस कनेक्टिविटी को बड़ा झटका लगने वाला है। जुलाई से सूत्र सेवा को बंद करने की तैयारी शुरु हो गई है। इसका असर न केवल जिले की परिवहन सेवा पर पड़ेगा बल्कि इंटर डिस्ट्रिक्ट सिटी ट्रांसपोर्ट सेवा भी इससे पूरी तरह से लडख़ड़ा जाएगी। दरअसल, सीसीटीएसएल का निगम से करार एक साल पहले खत्म हो चुका है, लेकिन नई व्यवस्था न होने से अब तक इसका संचालन जारी था। निगम से जुड़े सूत्र बताते हैं कि एक साल तक संचालन जारी रखने के बाद इस महीने से इसे बंद किया जा सकता है। इसकी तमाम तैयारी निगम स्तर पर हो चुकी है।

छिंदवाड़ा में 2018 से सूत्र सेवा की शुरुआत हुई थी। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के माध्यम से 27 बसों का संचालन शुरु किया गया। ये बसें न केवल छिंदवाड़ा जिला स्तर पर बल्कि भोपाल, इंदौर, जबलपुर जैसे महानगरों के लिए भी संचालित होती थी। अप्रैल 2025 में सीसीटीएसएल और निगम का करार का खत्म होने के बाद इसे बढ़ाने पर बात चल रही थी, लेकिन एक साल बाद कोई हल नहीं निकलने और शासन स्तर पर ई-बसों का संचालन शुुरु किए जाने के बाद इन बसों का बंद होना तय माना जा रहा है। निगम अधिकारियों की मानें तो इसी माह से ये बसे बंद कर दी जाएगी।

इसका बड़ा असर सिटी ट्रांसपोर्ट पर

1.जिला स्तर पर कनेक्टिविटी: प्रदेश के बड़े महानगरों के अलावा जिला स्तर पर अमरवाड़ा, सोनपुर, बटकाखापा और सिवनी में बसों का संचालन किया जाता है। इन बसों के बंद होने से यहां की कनेक्टिविटी पर इसका बड़ा असर पड़ेगा।

2.कर्मचारियों की लिए दिक्कत: जिला मुख्यालय से बड़ी संख्या में कर्मचारी इन बसों के जरिए अपनी शासकीय सेवा देने के लिए जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचते हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या शासकीय शिक्षकों की है।

3.सबसे बड़ा असर छात्र-छात्राओं पर: ग्रामीण क्षेत्रों की छात्र-छात्राएं इन बसों के जरिए ही जिला मुख्यालय के कॉलेज में कम किराए पर पढऩे के लिए आती है। इस व्यवस्था के बंद होने से सबसे ज्यादा नुकसान इन विद्यार्थियों का ही होने वाला है।

सरकार क्या बना रही विकल्प...?

ई-बसों का संचालन: प्रदेश की नई ट्रांसपोर्ट व्यवस्था के तहत ई-बसों का संचालन शुरु हो रहा है। ये बसें जबलपुर,भोपाल और इंदौर जैसे बड़े महानगरों के जरिए छिंदवाड़ा आएगी, लेकिन जिला स्तर के संचालन का प्लान किसी के पास नहीं है। जबकि इन रुटों पर तो पहले से ही प्राईवेट बसों का संचालन हो रहा है, लेकिन जिला स्तर पर प्राईवेट बसों की संख्या क्षमता के मुताबिक कम है।

इमलीखेड़ा में चार्जिंग पाइंट: ई-बसों के संचालन के लिए निगम स्तर पर तैयारी शुरु कर दी गई हैं। इमलीखेड़ा में इन बसों के संचालन के लिए चार्जिंग पाइंट नगर निगम द्वारा बनाए जा रहे हैं, ताकि लंबी रूटों से आने वाली बसों का चार्ज कर फिर से दूसरे रूटों पर चलाया जा सकें। इसकी तमाम तैयारी शुरु की जा चुकी है।

एक विकल्प ये भी...

बताया जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर बसों के संचालन के लिए महानगर स्तर पर भी विकल्प निकाला जा रहा है। जो बसें छिंदवाड़ा में फिलहाल चल रही है। उन बसों को सीसीटीएसएल (छिंदवाड़ा सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड) की बजाए जेसीटीएसएल (जबलपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड) के माध्यम से चलाया जाएगा। जेसीटीएसएल वर्तमान बसों से अनुबंध करेगा। जिसकी कमाई का एक हिस्सा इस फर्म को भी देना होगा।

लेकिन नई व्यवस्था से यात्रियों पर बढ़ेगा किराए का बोझ

सीसीटीएसएल की बजाय जेसीटीएसएल से बसों का संचालन किए जाने से किराए में भी बढ़ोतरी होना तय माना जा रहा है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों से बस संचालक पहले ही किराए बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। कमीशन का एक हिस्सा जुड़ जाने से किराए में बढ़ोतरी होगी। मतलब 3 से चार रुपए प्रति किलोमीटर बस संचालकों को जेसीटीएसएल को देना होगा।

इनका कहना है...

- सीसीटीएसएल से निगम का करार एक साल पहले ही खत्म हो चुका है। जुलाई से सभी बसों का संचालन बंद किया जा सकता है। इसकी तैयारी की जा रही है। इसकी जगह ई-बसों का संचालन महानगर स्तर पर शुरु किया जाएगा।

आनंद अग्रवाल

प्रभारी, सिटी बस सेवा

Created On :   5 July 2026 3:14 PM IST

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