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मुख्यमंत्री को ज्ञापन: शक्तिपीठ महामार्ग के विरोध में बसमत में किसानों का आक्रोश, छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिमा परिसर में आंदोलन

Hingoli News. प्रस्तावित शक्तिपीठ महामार्ग के विरोध में हिंगोली जिले के बसमत शहर में किसानों का आक्रोश देखने को मिला। शक्तिपीठ विरोधी संघर्ष समिति के नेतृत्व में मंगलवार को छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिमा परिसर में जोरदार आंदोलन और प्रदर्शन किया गया। आंदोलन के बाद समिति ने उपविभागीय अधिकारी के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। सैकड़ों किसानों की उपस्थिति में हुए इस आंदोलन में महामार्ग परियोजना की तकनीकी, आर्थिक तथा पर्यावरणीय खामियों को लेकर सरकार के खिलाफ तीखी नाराजगी व्यक्त की गई।
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तकनीकी और यातायात अध्ययन के अभाव का आरोप
आंदोलनकारियों का आरोप है कि वर्ष 2022 में शक्तिपीठ महामार्ग की घोषणा तो कर दी गई, लेकिन अब तक किसी प्रकार का विस्तृत तकनीकी, आर्थिक अथवा यातायात संबंधी अध्ययन नहीं किया गया। किसानों ने सवाल उठाया कि जब नागपुर-रत्नागिरी महामार्ग पहले से मौजूद है, तब नए महामार्ग की आवश्यकता क्या है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से किसानों और स्थानीय नागरिकों को क्या लाभ होगा, इसका स्पष्ट खाका सरकार ने अब तक प्रस्तुत नहीं किया है। भारी लागत, भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय प्रभावों का समुचित अध्ययन नहीं होने से परियोजना की व्यवहार्यता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
उपजाऊ कृषि भूमि पर संकट
संघर्ष समिति के अनुसार प्रस्तावित महामार्ग अत्यंत उपजाऊ कृषि भूमि से होकर गुजरने वाला है, जिससे सैकड़ों किसानों के भूमिहीन होने और विस्थापन का खतरा उत्पन्न हो सकता है। किसानों का कहना है कि इससे खाद्यान्न उत्पादन प्रभावित होगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा।
छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिमा परिसर में आयोजित आंदोलन के दौरान समिति ने स्पष्ट किया कि प्रभावित गांवों की ग्रामसभाओं ने इस महामार्ग को किसी भी प्रकार की सहमति नहीं दी है।
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संघर्ष समिति की प्रमुख मांगें
संघर्ष समिति ने किसानों के हित, पर्यावरण संरक्षण और संतुलित विकास को ध्यान में रखते हुए सरकार के समक्ष निम्न मांगें रखीं, प्रस्तावित शक्तिपीठ महामार्ग को तत्काल रद्द किया जाए। किसी भी निर्णय से पूर्व विस्तृत तकनीकी, पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों का अध्ययन कराया जाए। ज्ञापन पर संघर्ष समिति के समन्वयक संदीप माटेगांवकर, तानाजी भोसले, नवनाथ पाटील कुन्हे, गोरख चव्हाण, सीताराम जाधव, ऋषिकेश देशमुख, माणिकराव सावंत तथा पुंडलिकराव देशमुख सहित अनेक किसानों के हस्ताक्षर हैं। बसमत क्षेत्र के किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने महामार्ग परियोजना रद्द नहीं की, तो आगामी दिनों में आंदोलन और अधिक तीव्र किया जाएगा।
Created On :   19 May 2026 8:55 PM IST











