नाराजगी: हल्दी की राजधानी के रूप में प्रसिद्ध जिले में बेमौसमी बारिश से हल्दी भीगने से किसानों का गुस्सा फूटा, नीलामी करवाई बंद

हल्दी की राजधानी के रूप में प्रसिद्ध जिले में बेमौसमी बारिश से हल्दी भीगने से किसानों का गुस्सा फूटा, नीलामी करवाई बंद
  • बेमौसमी बारिश से हल्दी भीग जाने से किसानों का गुस्सा फूटा
  • कृषि उपज बाजार समिति परिसर में बिक्री के लिए लाई गई किसानों की हल्दी पूरी तरह भीग गई थी

Hingoli News. हल्दी की राजधानी के रूप में प्रसिद्ध जिले में बेमौसमी बारिश से हल्दी भीग जाने से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। मंगलवार को बेमौसम बारिश के कारण हिंगोली कृषि उपज बाजार समिति परिसर में बिक्री के लिए लाई गई किसानों की हल्दी पूरी तरह भीग गई थी।

जिसके बाद संगठन के कार्यकर्ताओं ने किसानों की हल्दी काली हो गई का विरोध करते हुए बाजार समिति के मुख्य द्वार पर कालिख पोत दी। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित किसान बाजार समिति परिसर में घुस गए और नीलामी प्रक्रिया रोक दी। हल्दी की कीमतों में गिरावट से किसान और नाराज हो गए, जो पहले से ही खरीद में देरी और बारिश के कारण हुए नुकसान से जूझ रहे थे।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और (हिंगोली बाजार समिति) बाजार समिति के सचिव संपत मुंडे और पूर्व सचिव नारायण पाटिल ने हस्तक्षेप किया। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि किसानों की हल्दी की खरीद सही कीमत पर की जाएगी, खरीद प्रक्रिया में कोई देरी नहीं होगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में किसानों का माल भीग न जाए। इस आश्वासन के बाद किसानों ने अपना विरोध वापस ले लिया और नीलामी प्रक्रिया दोबारा शुरू हो गई।

इस (हिंगोली बाजार समिति) आंदोलन का नेतृत्व क्रांतिकारी किसान संघ के मराठवाड़ा अध्यक्ष गजानन कवरखे ने किया था। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष नामदेव पतंगे, प्रवीण मते, चैतन्य चव्हाण, सखाराम भाकरे, विट्ठल वायचल, राम चव्हाण, संतोष सावके, संदीप पाटिल, मनोहर पाटिल, अशोकराव जयसवाल, विशाल पोल सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

Created On :   7 May 2026 7:08 PM IST

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