जबलपुर न्यूज: धान उपार्जन में किसी प्रकार की गड़बड़ियां बर्दाश्त नहीं, ध्यान रखें इसकी पुनरावृत्ति न हो

धान उपार्जन में किसी प्रकार की गड़बड़ियां बर्दाश्त नहीं, ध्यान रखें इसकी पुनरावृत्ति न हो
कलेक्टर ने दिए निर्देश: उपार्जन की समिति आयोजित, अधिकारी प्रतिदिन फील्ड विजिट करें

डिजिटल डेस्क जबलपुर।

कलेक्ट्रेट में सोमवार को उपार्जन समिति की बैठक कलेक्टर अरूण कुमार विश्वकर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पिछले वर्ष धान उपार्जन के दौरान हुई अनियमितताएं, उपज की कमीं, संदिग्ध ऑनलाइन प्रविष्टियां, लंबित भुगतान तथा आगामी खरीदी की तैयारियों की समीक्षा की गई।

बैठक में कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने निर्देश दिए कि उपार्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता तय करने के लिए सभी खरीदी केंद्रों का शत प्रतिशत भौतिक सत्यापन किया जाए। केवल कागजी समीक्षा के बजाय अधिकारी नियमित रूप से फील्ड में जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करें। उन्होने यह भी कहा कि उपार्जन कार्य में पिछले वर्ष की तरह इस बार किसी प्रकार की गड़बड़ियां बर्दाश्त नहीं होगी, इसलिए जरूरी है कि अधिकारी इस बात का ध्यान रखें कि गड़बड़ी की पुनरावृत्ति न हो।

बैठक में कलेक्टर ने प्रस्तावित खरीदी केंद्रों के संचालन और समितियों की भूमिका पर भी चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि खरीदी केंद्रों के चयन में संबंधित समितियों के पिछले रिकॉर्ड और कार्यप्रणाली का परीक्षण किया जाए। जहां पूर्व में अनियमितताएं सामने आई हैं, वहां विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि पटवारी और सचिव के साथ ब्लॉक तथा जिला स्तर के अधिकारियों को भी निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी जाए, ताकि खरीदी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की निगरानी सुनिश्चित हो सके।

कार्यालय में बैठकर समीक्षा करने से काम नहीं चलेगा:

कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने कहा कि धान खरीदी का कार्य केवल कार्यालय में बैठकर समीक्षा करने से नहीं चलेगा। सभी संबंधित अधिकारियों को प्रतिदिन फील्ड में जाकर खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करना होगा। उन्होंने खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखने और वास्तविक किसानों के हितों की रक्षा करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने मंडियों में आने वाली धान की मात्रा के आंकड़े प्राप्त कर उनका खरीदी केंद्रों के रिकॉर्ड से मिलान करने के निर्देश भी दिए।

प्रकरण के निराकरण में देरी पर नाराजगी:

कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने प्रकरण के निराकरण में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि केवल प्राथमिकी दर्ज कराने या शपथपत्र लेने से विभागीय जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती। संदिग्ध प्रविष्टियों की जांच कर वास्तविक किसानों के मामलों का प्राथमिकता से सत्यापन किया जाए, ताकि किसी पात्र किसान के साथ अन्याय न हो। उन्होंने अनाज की कमी, आर्थिक नुकसानए संबंधित रिकॉर्ड वसूली की कार्ययोजना सहित विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

ये रहे उपस्थित:

बैठक में डिप्टी कलेक्टर अभिषेक सिंह, ऋषभ जैन, नीता कोरी तथा संबंधित विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।


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