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Jabalpur News: ड्राइवर की जगह हेल्पर चला रहे डंपर और हाइवा राहगीरों की जान दांव पर, नहीं चेत रहे जिम्मेदार

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। सड़कों पर यमदूत बनकर दौड़ रहे हाइवा और डंपरों के चलते राहगीरों की जान दांव पर लगी हुई है। स्थिति यह है कि इन यमदूतों के सारथी कोई ट्रैंड ड्राइवर नहीं, बल्कि हेल्पर हैं, जिनके पास न तो ड्राइविंग की ट्रेनिंग है और न कोई ड्राइविंग लाइसेंस।
जानकारों का कहना है कि इनके पास नियमों की जानकारी तक नहीं रहती, जिसके चलते ये आए दिन नो एंट्री में भी बेधड़क शहर में प्रवेश कर जाते हैं। बावजूद इसके लिए कोई भी विभाग इसकी जिम्मेदारी लेने तैयार नहीं है। सख्ती के अभाव में इनके हौसले और भी ज्यादा बुलंद हैं और लोगों की जान दांव पर लगी हुई है।
ट्रांसपोर्ट के कार्य से जुड़े जानकारों ने बताया कि शाम होते ही अक्सर हाइवा और डंपरों की कमान नौसिखिये हेल्परों के हाथों में चली जाती है, जो बेकाबू होकर जनता की जिंदगी से खिलवाड़ करते रहते हैं। लोगों का कहना है कि कई डंपरों और हाइवा का बिना नंबर प्लेट के ही धड़ल्ले से संचालन किया जाता है।
चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए इस तरह की शातिराना हरकत की जाती है। खनिज व रेत के अवैध परिवहन में लिप्त अधिकांश डंपरों व हाइवा में नंबर प्लेट नदारद रहती है। इनकी नियमित जांच तो दूर महीनों, सालों इनके जरूरी दस्तावेज तक नहीं खंगाले जाते। यही कारण है कि इस अनियमितता पर रोक नहीं लग पा रही है।
रफ्तार पर कोई अंकुश नहीं
शहर में पुलिस या परिवहन विभाग के गैर जिम्मेदाराना रवैये से हाइवा संचालक नियम तो तोड़ ही रहे हैं, ये तेज रफ्तार के साथ लोगों में खौफ पैदा करते हैं। वहीं तेज गति से वाहन चलाने पर भी कार्रवाई नहीं होती, जिससे ये बेफिक्र होकर नियम तोड़ने पर आमादा रहते हैं। लोगों का कहना है कि ये सड़कों पर लोगों को मौत के घाट उतार रहे हैं। ये अवैध उत्खनन में संलग्न हैं, पर्यावरण को चौपट करने उतारू हैं, साथ ही इनके संचालक राजस्व की हानि भी पहुंचा रहे हैं। वहीं डंपर, हाइवा शहरवासियों को कई तरह से चोट पहुंचा रहे हैं।
सख्ती से हो कार्रवाई तभी कुछ राहत
लोगों का कहना है कि शहर में संचालित जितने भी हाइवा, डंपर जैसे हैवी वाहन हैं। इनके खिलाफ मुहिम चलाकर कार्रवाई की जरूरत है। परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस को इनकी जांच के लिए अभियान चलाना चाहिए। सबसे पहले इनका बीमा, फिटनेस, जहां संचालन की अनुमति मांगी गई है।
वहां का परमिट, चालक का ड्राइविंग लाइसेंस, निर्धारित टैक्स, हेल्पर की जानकारी सहित सभी जरूरत दस्तावेजों की जांच की जानी चाहिए। यदि अभियान चलाकर इनके खिलाफ कार्रवाई हो तो कई लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती हैं। ग्रामीण इलाकों में अवैध उत्खनन को भी कुछ हद तक रोका जा सकता है।
शहर के इन हिस्सों से प्रवेश
{तिलवारा की ओर मेडिकल और आगे बस्तियों तक ।
{अंधमूक चौराहे की ओर शाहीनाका,गढ़ा बाजार और आगे।
{कुण्डम की ओर से रांझी के अंदर बस्तियों तक।
{पाटन बायपास चौराहे से माढ़ोताल, विजय नगर।
{गौर बायपास चौराहे से सदर और आसपास का एरिया।
अवैध परिवहन : तीन दिन बाद पता चल सका कि बेलखेड़ा व नरसिंहपुर के हैं पकड़े गए हाइवा
शहपुरा के पावला व जुगपुरा घाट में पकड़े गए तीन हाइवा के संचालकों पर रेत के अवैध परिवहन का मामला दर्ज किया गया है। तीन दिन पूर्व माइनिंग विभाग द्वारा रेत के अवैध खनन व परिवहन के विरुद्ध की गई कार्रवाई में तीन हाइवा जब्त किए गए थे। इन हाइवा में नंबर प्लेट ही नहीं थी। इनके नंबरों की जानकारी को लेकर दो दिन तक मामला खनिज विभाग और आरटीओ कार्यालय के बीच झूलता रहा।
पूछे जाने पर शुक्रवार देर रात माइनिंग अधिकारी एके राय ने बताया कि इंजन नंबर के आधार पर आरटीओ द्वारा उक्त वाहनों की जांच की गई, जिसमें बिना नंबर प्लेट के एक हाइवा का नंबर एमपी 20 एचबी 6499 निकला, जो मूलत: बेलखेड़ा और वर्तमान में जबलपुर में रह रहे मयंक सिंह का है। वहीं दो अन्य हाइवा जिनके नंबर क्रमश: एमपी 49 एच 9455 व एमपी 09 एचएच 4960 हैं।
ये दोनों हाइवा नरसिंहपुर निवासी विमलेश कुमार के नाम पर दर्ज हैं। दोनों संचालकों के खिलाफ अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना के बाद इसे कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
Created On :   25 April 2026 5:30 PM IST











