Jabalpur News: आंधी चलते ही दूसरा इंजन भी बंद हुआ, इससे बेकाबू हो गया क्रूज, डिस्मेंटल कर सबूत भी मिटाए

आंधी चलते ही दूसरा इंजन भी बंद हुआ, इससे बेकाबू हो गया क्रूज, डिस्मेंटल कर सबूत भी मिटाए
एक इंजन पहले से था खराब ऐन वक्त पर दूसरा भी बिगड़ा

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। बरगी में क्रूज डूबने के पीछे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। शुरुआत से ही ऐसी कई लापरवाही की गईं जिसकी कीमत 13 जानों को गंवा कर चुकानी पड़ी। एक इंजन खराब होने के बावजूद क्रूज काे गहराई में उतारा गया।

इसके बाद मौसम की चेतावनी को नजरअंदाज करना, बगैर लाइफ जैकेट के पर्यटकों को सवार करने जैसे कारनामों के जरिए पर्यटकों की जिंदगियां खिलौनों की तरह इस्तेमाल की गईं। हादसे के दौरान क्रूज पर सवार पर्यटकों की दर्द भरी दास्तां का एक-एक शब्द बताता है कि उन्हें किस तरह से बीच मझधार में धकेला गया।

इंजन के बंद होते ही पत्ते की तरह पलट गया क्रूज

इस दुर्घटना में जीवित बचे बुजुर्ग मो. रियाज के बयान पुख्ता सबूत देते हैं कि आंधी आने के बाद इंजन बंद पड़ने पर स्थिति ज्यादा खतरनाक हो गई थी। हादसे के एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार क्रूज में दो इंजन लगे थे, जिनमें से सिर्फ एक ही चालू हालत में था। आंधी के फोर्स का कोई काउंटर फोर्स नहीं मिला और क्रूज पत्ते की तरह पलट गया।

गलती यहां:- यही सबसे बड़ी गलती साबित हुई। सिंगल इंजन के साथ क्रूज को चलाने की अनुमति किसने दी अभी तक स्पष्ट नहीं है।

पायलट, हेल्पर भागे, इसलिए कैबिन में फंस गए पर्यटक

क्रूज को बेकाबू होता देख तैराकी जानने वालों के साथ पायलट और हेल्पर ने छलांग लगा दी। जब कैबिन में पानी भरा तो गेट जाम हो गए। ऊपरी हिस्से में एक मां अपने बच्चे के साथ फंसी रह गई। नीचे कैबिन में भी यही हुआ। पानी भरने के बाद कोई पर्यटक गेट खोलकर या कांच तोड़कर बाहर नहीं आ सका।

गलती यहां:- पायलट और हेल्पर को क्रूज पर सवार पर्यटकों को कम से कम कैबिन से बाहर निकालने के लिए मदद करनी चाहिए थी।

जांच-पड़ताल से पहले सबूत के टुकड़े-टुकड़े

किसी भी जांच पड़ताल के लिए घटनास्थल से जुटाए गए सबूत सबसे ज्यादा मायने रखते हैं फिर इसके बाद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य दीगर बातें। जिस क्रूज की घटना की जांच होनी है उसके ही टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए। सरकार ने उच्च स्तरीय समिति गठित की है। समिति में महानिदेशक, होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा, सचिव, मध्यप्रदेश शासन और आयुक्त, जबलपुर संभाग शामिल हैं।

समिति क्रूज के संचालन की खामियां तलाशने वाली है। संभवत: इसी क्रूज के टुकड़ों से..। इसके बावजूद दुखी परिवारों को अब इन जिम्मेदारों से उम्मीद है कि जांच में लीपापोती नहीं होगी और हादसे के शिकार निर्दोष लोगों को न्याय मिल सकेगा।

मौसम रिपोर्ट नहीं मिली

क्रूज के कमांडर राजेन्द्र निगम का कहना है कि क्रूज में लहरों के कारण पानी भर गया था, इसलिए क्रूज डूब गया। दोनों इंजन चालू थे, बल्कि उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान उन्हें स्थानीय मौसम की सटीक रिपोर्ट नहीं मिल सकी। सटीक जानकारी के अभाव में जलमार्ग पर जोखिम बढ़ गया, जिससे क्रूज और यात्रियों की सुरक्षा संकट में पड़ गई।

सोशल मीडिया पर पोस्ट का विरोध तत्काल अलग की

बरगी क्रूज हादसा पर शनिवार को दो बच्चों का शव बरामद होने के बाद प्रशासन की अधिकृत साइट में शव बरामद होने पर सफलता जैसी पोस्ट डाले जाने पर कुछ लोगों ने कमेंट्स के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई। हालांकि इस पोस्ट को तत्काल ही अलग भी कर दिया गया।

Created On :   4 May 2026 5:36 PM IST

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