नहीं चेत रहे नाविक और जिम्मेदार: उधर, थम नहीं रहे आंसू...इधर रुक नहीं पा रही है खुली बेपरवाही

उधर, थम नहीं रहे आंसू...इधर रुक नहीं पा रही है खुली बेपरवाही
गौरीघाट, तिलवाराघाट, लम्हेटा समेत अन्य नर्मदा तटों और पर्यटन स्थलों पर नियमों की खुलेआम उड़ाई जा रहीं धज्जियां

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। बरगी डैम में क्रूज डूबने के साथ कई परिवारों के सपने डूब गए। हर आंख में आंसू है, लेकिन इसके बावजूद नौका विहार कराने वाले नाविक और जिम्मेदार अधिकारी सबक लेते दिखाई नहीं दे रहे। शुक्रवार को गौरीघाट, तिलवाराघाट, लम्हेटा घाट का जायजा लिया गया, तो यहां नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ती नजर आईं।

यहां अधिकांश नाव में लोगों को बिना सुरक्षा जैकेट के ही नौका विहार कराया जा रहा था। नर्मदा के तटों से चलने वाली नाव में न तो लाइफ जैकेट है, न ही कोई प्रशिक्षित गोताखोर या रेस्क्यू बोट। नाविक पर्यटकों और स्थानीय लोगों की जान जोखिम में डालकर मनमाने ढंग से नौका संचालन कर रहे हैं। प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि लापरवाही बरतने वाले नाविकों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

भेड़ाघाट, पंचवटी में पर्यटकों की सुरक्षा ताक पर

प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल भेड़ाघाट पंचवटी में भी पर्यटकों की सुरक्षा ताक पर रखी जा रही है। चट्टानों के बीच तेज बहाव में चलने वाली नाव पर लाइफ जैकेट के बगैर पर्यटक बोटिंग करते नजर आ जाते हैं। यहां भी पर्यटकों की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां हादसों की ज्यादा आशंका है, इसके बावजूद जिम्मेदार बेफिक्र हैं।

पर्यटकों की जान से किया जा रहा खिलवाड़

बुद्ध पूर्णिमा के चलते शुक्रवार काे गौरीघाट में सामान्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा भीड़- भाड़ नजर आई। नर्मदा तटों पर पहुंचे श्रद्धालुओं व पर्यटकों ने स्नान व पूजन के साथ ही नौका विहार का भी आंनद उठाया। लेकिन देखने में आया कि नाविकों द्वारा नाव पर सवार लोगों को बिना लाइफ जैकेट पहनाए, नौका विहार कराया जा रहा था।

कुछ नावों में एक लाइफ जैकेट रखी थी, लेकिन किसी भी यात्री ने लाइफ जैकेट पहनी नहीं थी। यहां तक कि नाविक नाव में वाहनों तक को लोड करके रखे हुए थे और क्षमता से ज्यादा सवारियों को बैठाते भी नजर आए। इसी तरह तिलवारा घाट में भी नाव बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के संचालित हो रही हैं। वहीं लम्हेटा घाट पर भी नाविकों द्वारा सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आई। यहां भी बिना लाइफ जैकेट के नदी में घुमाया जा रहा है।

{भेड़ाघाट पंचवटी में लगभग 50 नाव और मोटर बोट का संचालन

{गौरीघाट में प्रतिदिन तकरीबन 80 नाव का संचालन

{तिलवारा में प्रतिदिन चलने वाली नाव की संख्या तकरीबन 40

{जिलहरीघाट, लम्हेटाघाट समेत अन्य तटों में भी लापरवाही

पर्यटकों ने कहा- हो नियमित माॅनिटरिंग व कार्रवाई

पर्यटकों ने बरगी हादसे के बाद प्रशासन से नाव संचालन की माॅनिटरिंग करने की मांग की है। गौरीघाट पहुंचे सुनील कुमार, अशोक लोधी और सुनीता तिवारी ने कहा कि घाटों पर नौका संचालन से पहले सुरक्षा जांच अनिवार्य की जाए। नियम तोड़ने वाले नाविकों के लाइसेंस निरस्त हों और हर घाट पर होमगार्ड के गोताखोर तैनात किए जाएं। नियमानुसार हर नाव में यात्रियों की संख्या के बराबर लाइफ जैकेट, रिंग, रस्सी और प्रशिक्षित स्टाफ होना जरूरी है।

ये होना चाहिए

{नौका विहार के दौरान यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनाना अनिवार्य।

{नाव की क्षमता के अनुरूप यात्रियों की संख्या सीमित की जानी चाहिए।

{नाव में सुरक्षा संबंधी उपकरण होना अनिवार्य।

{घाटों पर होगमार्ड व गोताखोरों के साथ रेस्क्यू बाेट की तैनाती, ताकि हादसे के समय त्वरित मदद हो सके।

{जर्जर हालत व उनके संचालन की नियमित मॉनिटरिंग।

Created On :   2 May 2026 6:44 PM IST

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