बरगी डैम हादसा: लहरों में अपनों की तलाश, शवों के बाहर आते ही छलक पड़ीं आंखें

लहरों में अपनों की तलाश, शवों के बाहर आते ही छलक पड़ीं आंखें
सामने आई कैप्टन व क्रू मेंबर्स की लापरवाही, यलो अलर्ट को भी नजरअंदाज कर चलाया क्रूज

डिजिटल डेस्क,जबलपुर। जिनके अपने पानी में लापता थे, उनकी आंखें तो लहरों में बस अपनों को तलाश ही रही थीं। बड़ी संख्या में अन्य लोग भी बरगी डैम के किनारे एकत्रित थे। जैसे ही शव बाहर आते, लोगों की आंखें नम हो जाती थीं। परिजन बिलखकर रो पड़ते थे। हर जुबान पर बार-बार यही बात थी कि इस दर्दनाक हादसे के जिम्मेदारों को किसी भी सूरत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।

इसमें क्रूज के कैप्टन व क्रू मेंबर्स द्वारा भारी लापरवाही बरती गई है। तूफान के अंदेशे और यलो अलर्ट के बावजूद उन्होंने डैम की उफनती लहरों में दोबारा क्रूज को उतार दिया। लोगों के मना करने पर भी वे नहीं माने। यदि वे मान जाते तो घटना से बचा जा सकता था। घटना के दूसरे दिन सुबह से ही लोग बरगी बांध स्थित घटना स्थल के समीप पहुंच गए थे।


सेना के जवान, एसडीईआरएफ और पुलिस जवानों के साथ स्थानीय तैराक भी लापता लोगों की खोज में जुटे हुए थे। सभी की आंखों में उम्मीद थी कि उनके काश अपने सुरक्षित मिल जाएं, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। शुक्रवार को एक-एक कर पांच शव निकाले गए। इस तरह कुल बरामद हो चुके शवों की संख्या 9 हो गई है। यही हालात मेडिकल की मरचुरी के आसपास के थे। लोगों की आंखों में आंसू और माहौल गमगीन रहा।

पत्नी का शव देखते ही गमगीन हुए रियाज

क्रूज में साउथ सिविल लाइन निवासी 72 वर्षीय रियाज हुसैन सैयद अपनी पत्नी 66 वर्षीय रेश्मा सैयद के साथ सवार थे। उनके अलावा गंजबासौदा विदिशा से आईं उनकी 67 वर्षीय समधन फातिमा शमीम जैदी और 13 वर्षीय उनका नाती जाफर भी साथ थे। शुक्रवार को एसडीईआरएफ की टीम ने जब गुमशुदा लोगों की तलाश तेज की, तब उनकी पत्नी तथा समधन की मौत होने की पुष्टि हुई। वहीं 13 साल का जाफर बचा लिया गया।

सुरेश ने बचाई पर्यटक की जान- बरगी हादसे में घटनास्थल से 100 मीटर की दूरी पर रहने वाले सुरेश आदिवासी ने एक पर्यटक की जान बचाई। उसने चालक महेश पटेल को वापस आने के लिए भी आवाज लगाई थी।

सामने नहीं रखी गईं थीं लाइफ जैकेट

हादसे के पीड़ित रोशन आनंद ने बताया कि वे अपनी पत्नी और बच्चों के साथ क्रूज में सवार हुए थे, लेकिन क्रूज में बैठने के बाद किसी भी क्रू मेंबर ने न तो लाइफ जैकेट उन्हें प्रदान की और न ही इन्हें पहनने के लिए किसी को प्रेरित किया। तेज आंधी और बारिश के कारण जैसे ही क्रूज हिलने लगा, तो कुछ लोगों ने लाइफ जैकेट की मांग की, तब कहीं आनन-फानन में इसका वितरण किया गया।

इस दौरान रोशन ने स्वयं भी लाइफ जैकेट स्टोर रूम से लेकर क्रूज में सवार लोगों को बांटा। रोशन ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ, उस वक्त केवल 3 क्रू मेंबर ही मौजूद थे और जैसे ही क्रूज डूबा सबसे पहले वे तीनों ही लाइफ जैकेट पहनकर बाहर चले गए थे।

पानी में उतराते मिले पैकेट पैक जैकेट

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद पैकेट पैक लाइफ जैकेट पानी में तैरती दिखाई दीं। हादसे में सुरक्षित बचे लोगों ने बताया कि क्रूज पर लाइफ जैकेट उपलब्ध थीं, लेकिन हादसे के वक्त कई यात्रियों ने उन्हें पहना नहीं था। हादसे में बचे विवेक सोनी ने बताया कि वे अपनी भांजी आराध्या सोनी के साथ क्रूज में यात्रा कर रहे थे।

अचानक आंधी चलने पर उन्होंने जैकेट का बंडल खोला और बांटने लगे, जितनी बांट सकते थे उतनी बांटी। यानी क्रूज चलने के पहले जैकेट नहीं बांटी गई थी। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है कि किस हड़बड़ी से जैकेट बांटी जा रही है।

नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने कहा ये घोर लापरवाही

मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार एवं ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय यादव ने घटना स्थल पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि खराब मौसम के बावजूद क्रूज संचालन की अनुमति देना सीधे-सीधे सिस्टम की घोर लापरवाही को दर्शाता है। वहीं प्रबंधन स्वयं स्वीकार कर रहा है कि न तो आंधी-तूफान मापने का कोई यंत्र मौजूद था और न ही पर्याप्त लाइफ जैकेट्स उपलब्ध थीं, जो कि नियमों का खुला उल्लंघन है। नेता प्रतिपक्ष ने जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग भी की है।

एक साल के कियान को मौसी ने एक हाथ से ऊपर उठाकर पानी से निकाला


जिस छोटे से बच्चे कियान का जन्मदिन मनाने उसका परिवार और रिश्तेदार वाराणसी व काठमांडु से आकर गुरुवार को बरगी पहुंचे, उन्हें इस बात का जरा भी अंदेशा नहीं रहा होगा कि क्रूज का यह सफर उन्हें मुसीबत में डाल सकता है। हंसता-खेलता परिवार मात्र दस सेकेंड में पानी के बीच मौत से जूझने लगा।

लम्हेटा बायपास निवासी आईबीडी रॉयल सिटी निवासी रोशन आनंद ने बताया कि करीब आधे से एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एक-एक करके इस परिवार और रिश्तेदार के नौ सदस्य मौत को मात देकर बाहर निकलने में कामयाब हुए। कियान को उसकी वाराणसी निवासी मौसी सविता वर्मा ने मौत के मुंह से बाहर निकाला।

वे एक हाथ से उठाकर उसे पानी से बाहर ले आईं। शुक्रवार को एक साल के हुए इस बच्चे कियान का जन्म दिन घर में पूजा-पाठ करके मनाया गया। वह बच्चे के जन्मदिन की खुशी में सब कुछ भूलने का प्रयास कर रहे हैं।

ऐसा रहा घटनाक्रम

 4.47 बजे- क्रूज पर सवार हुए

 5.10 बजे- हल्की बूंदाबांदी और तेज हवा का दौर

 5.17 बजे- अचानक ब्लैकआउट और हवा की रफ्तार बढ़ी

 5.20 बजे- क्रूज डैम में पलटा।

अंतिम सफर से पहले काटा था केक

क्षेत्रीयजनों की मानें तो क्रूज में एक परिवार ऐसा भी था, जिनके एक सदस्य का जन्मदिन था। इसलिए वे लोग केक काटकर जन्मदिन मनाने की तैयारी कर रहे थे और जैसे ही केक काटा गया, वैसे ही एकाएक मौसम में परिवर्तन होने के कारण तेज हवाओं के चलते क्रूज बांध में डूब गया।

नियमानुसार नहीं थी क्रूज की फिटनेस

जानकारी के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त क्रूज की फिटनेस जांच को लेकर पर्यटन विभाग सवालों के घेरे में हैं। मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम नियमों के मुताबिक क्रूज की फिटनेस जांच दो साल में कराई जानी जरूरी है। निगम के रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा से जब पूछा गया कि आखिरी बार क्रूज की फिटनेस जांच कब की गई थी, तो उन्होंने इसकी जानकारी होने से इनकार कर दिया।

सूत्रों के मुताबिक आखिरी बार 2023 में क्रूज की फिटनेस जांच कराई गई थी, यानी हादसे के दिन क्रूज बिना फिटनेस के ही लोगों को सैर करा रहा था। बिना वैध फिटनेस सर्टिफिकेट के जल परिवहन कराना भारी जोखिम भरा साबित हुआ।

सीएम ने पीड़ित परिवारों को बंधाया ढांढस

मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने शुक्रवार दाेपहर जबलपुर पहुंचकर बरगी बांध क्रूज हादसे के पीड़ित परिजनों से भेंट की। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया और दु:ख की इस घड़ी में राज्य शासन की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। वे दोपहर तीन बजे डुमना एयरपोर्ट पहुंचे।


यहां से वे वेस्टलैंड खमरिया स्थित कामराज के निवास पहुंचे और शोक जताया। मुख्यमंत्री ने साउथ सिविल लाइन स्थित सैयद रियाज हुसैन और कोतवाली से दरहाई मार्ग स्थित कृष्णा सोनी के निवास पहुंचकर भी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान उप मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी, नगराध्यक्ष रत्नेश सोनकर, अखिलेश जैन सहित अन्य मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे।

मौके पर पहुंचे उप मुख्यमंत्री दिए दिशा-

निर्देश-उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने शुक्रवार को बरगी डैम पर हुए दर्दनाक हादसा स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर चल रहे राहत व बचाव कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

राज्यसभा सांसद तन्खा ने विदेश दौरा रद्द किया

बरगी बांध में भीषण त्रासदी को गंभीरता से लेते हुए राज्यसभा सांसद विवेक कृष्ण तन्खा ने अपना विदेश दाैरा रद्द कर दिया। वे शनिवार की सुबह जबलपुर पहुंचकर इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों से मिलेंगे। श्री तन्खा ने कहा कि वे इस दु:ख की घड़ी में सभी प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं।

Created On :   2 May 2026 5:56 PM IST

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