Jabalpur News: जब 'अक्षर साथी' बहू ने खुद तिलक लगाकर दिलाई अपनी सास को परीक्षा, साक्षरता अभियान में उमड़ा श्रद्धा और उत्साह का सैलाब

जब अक्षर साथी बहू ने खुद तिलक लगाकर दिलाई अपनी सास को परीक्षा, साक्षरता अभियान में उमड़ा श्रद्धा और उत्साह का सैलाब
​कलम बनी बहू, अक्षर बनी सास: बरगी नगर में शिक्षा के मेले ने रचा इतिहास

​जबलपुर: रिश्तों की मिठास जब शिक्षा के प्रकाश से मिलती है, तो समाज की तस्वीर बदल जाती है। कुछ ऐसा ही नजारा बरगी नगर के सामाजिक चेतना केंद्रों पर देखने को मिला, जहाँ मध्य प्रदेश के साक्षरता मूल्यांकन अभियान के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों की परीक्षा संपन्न हुई।

​इस परीक्षा की सबसे भावुक कर देने वाली तस्वीर तब सामने आई, जब कई केंद्रों पर 'अक्षर साथी' बहुओं ने अपनी ही निरक्षर सासों को परीक्षा दिलाई। जहाँ कल तक बहू घर की जिम्मेदारी संभालती थी, वहीं आज वह अपनी सास की गुरु बनकर उन्हें साक्षरता के मार्ग पर ले जाती दिखी।

​परीक्षा के मुख्य अंश:

​लक्ष्य और उपलब्धि: जबलपुर जिले को 36,000 परीक्षार्थियों का लक्ष्य मिला था, जिसके विरुद्ध 33,000 परीक्षार्थी 1700 केंद्रों पर शामिल हुए।

​उम्र की कोई सीमा नहीं: नगर के एक केंद्र पर 67 वर्षीय संतोष कुमार ने परीक्षा देकर यह साबित कर दिया कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती।

​डिजिटल मॉनिटरिंग: पूरी परीक्षा की ऑनलाइन रिपोर्टिंग और मॉनिटरिंग की गई, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई।

​उत्सव जैसा माहौल

​संकुल समन्वयक विपिन विश्वकर्मा ने बताया कि केंद्रों पर माहौल किसी मेले जैसा था। जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी अंजली सेलेट और उनकी टीम ने परीक्षार्थियों का तिलक वंदन और माला पहनाकर स्वागत किया। ग्रामीण क्षेत्रों में अमृता कोरी और उनकी टीम ने आरती उतारकर परीक्षा की शुरुआत कराई, जिससे बुजुर्ग परीक्षार्थियों का मनोबल बढ़ा।

​इनका रहा विशेष योगदान

​इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में जिला समन्वयक दीपक पटेल, विकासखंड समन्वयक, समस्त अक्षर साथी, बीआरसीसी, और शिक्षक स्टाफ के साथ सामाजिक संस्थाओं ने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया।

Created On :   16 March 2026 11:43 PM IST

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