बॉम्बे हाई कोर्ट: अभिनेत्री रूपाली गांगुली ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए खटखटाया अदालत का दरवाजा

अभिनेत्री रूपाली गांगुली ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए खटखटाया अदालत का दरवाजा
  • अपनी पहचान के कथित अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल और डिजिटल दुरुपयोग से परेशान
  • व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

डिजिटल डेस्क, मुंबई. टेलीविजन अभिनेत्री रूपाली गांगुली ने अपने व्यक्तित्व, प्रचार (पब्लिसिटी) और नैतिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने यह कदम अपनी पहचान के कथित अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल और डिजिटल दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया है। न्यायमूर्ति राजेश एस. पाटिल की एकल पीठ के एक आदेश के बाद रूपाली गांगुली याचिका दायर किया है, जिसमें उन्हें 'लेटर्स पेटेंट' के क्लॉज 12 के तहत मुकदमा दायर करने की अनुमति दी गई थी। वकील सना रईस खान के जरिए पेश हुईं 'अनुपमा' फेम अभिनेत्री ने 18 प्रतिवादियों (डिफेंडेंट्स) को इस मामले में शामिल किया है। इनमें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, फर्जी इवेंट-बुकिंग पोर्टल, रेडिट, सी-आर्ट, गूगल, केंद्र सरकार के मंत्रालय और कुछ अज्ञात लोग शामिल हैं। अभिनेत्री का आरोप है कि कई संस्थाएं बिना अनुमति के उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर रही हैं। वे ऐसा ई-कॉमर्स उत्पादों, फर्जी बुकिंग लिस्टिंग और जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल्स के जरिए कर रही हैं।

याचिका के अनुसार यह मुकदमा उनके व्यक्तित्व के अधिकारों, नैतिक अधिकारों और अन्य कानूनी अधिकारों की सुरक्षा के लिए दायर किया गया है। इन अधिकारों में उनका नाम, आवाज, तस्वीर, हुबहू दिखने वाली छवि, हस्ताक्षर और उनके व्यक्तित्व से जुड़ी अन्य खास विशेषताएं शामिल हैं। याचिका में कहा गया है कि प्रतिवादी (डिफेंडेंट्स) इन चीजों का अनधिकृत इस्तेमाल कर रहे हैं, अधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं और व्यावसायिक लाभ के लिए इनका गलत फायदा उठा रहे हैं।

याचिका में यह भी कहा गया है कि डिजिटल हेरफेर के जरिए उनके निजता (प्राइवेसी) और सम्मान के अधिकार को नुकसान पहुंचाया गया है। आरोप है कि प्रतिवादी उनकी सहमति के बिना, उनकी तस्वीर और व्यक्तित्व का इस्तेमाल व्यावसायिक लाभ के लिए कर रहे हैं। वे ऐसा वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ग्राफिक इंटरचेंज फॉर्मेट और एआई से बने कंटेंट के जरिए कर रहे हैं। गांगुली ने हाई कोर्ट से व्यापक कानूनी राहत की मांग की है। इसमें उल्लंघन करने वाले 'मिरर लिंक' को ब्लॉक करने के आदेश, उल्लंघन करने वाले सामान को हटाने या सौंपने का निर्देश और 5 लाख रुपए के हर्जाने की मांग शामिल है।

Created On :  

Tags

Next Story