भ्रष्टाचार का आरोप: रोहित पवार ने कहा - महाराष्ट्र सीईटी परीक्षा के ठेकों में 2,300 करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार हुआ

रोहित पवार ने कहा - महाराष्ट्र सीईटी परीक्षा के ठेकों में 2,300 करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार हुआ
  • 25 लाख रुपए लेकर परीक्षा में निश्चित परिणाम दिलाने की गारंटी
  • उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील का इस्तीफा मांगा
  • फडणवीस से न्यायिक जांच के आदेश देने की मांग

डिजिटल डेस्क, मुंबई. महाराष्ट्र में कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) के संचालन से जुड़े ठेकों में करीब 2 हजार 300 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप राकांपा (शरद) विधायक रोहित पवार ने लगाया है। मंगलवार को मुंबई में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में यह आरोप लगाते हुए रोहित ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील और सीईटी सेल के प्रमुख अधिकारियों के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने के साथ ही दिसंबर में होने वाली आगामी सीईटी परीक्षा ऑफलाइन पद्धति से कराने की मांग भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि एज्युस्पार्क और उससे जुड़ी कंपनियों को निविदा प्रक्रिया में कथित हेरफेर कर कई सरकारी ठेके दिलाए गए। इन ठेकों में सीईटी परीक्षा का प्रबंधन, कौशल विकास, शैक्षणिक सॉफ्टवेयर, बुनियादी ढांचे और अन्य सरकारी विभागों से संबंधित काम शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ कंपनियों ने आपसी सांठगांठ कर ठेके हासिल करने के लिए एक समूह बनाया था। रोहित ने 25 लाख रुपए में परीक्षा में निश्चित सफलता की गारंटी देने का एक स्टिंग ऑपरेशन दिखाया।

फडणवीस से न्यायिक जांच के आदेश देने की मांग

रोहित ने प्रेस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस पूरे मामले की तत्काल न्यायिक जांच के आदेश देने की मांग की। उन्होंने कहा कि मामला लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए इसकी जांच केवल विभागीय स्तर पर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कथित भ्रष्टाचार में सीईटी सेल के कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। राजनीतिक संबंधों और प्रभाव की परवाह किए बिना दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। रोहित ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री फडणवीस का इस मामले से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े इतने गंभीर मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। यदि परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और अधिकारियों को इसकी जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई, तो इसकी जवाबदेही सरकार को लेनी होगी।

25 लाख रुपए में परीक्षा में निश्चित सफलता का दावा

प्रेस कांफ्रेंस में एक शिक्षक ने कथित स्टिंग ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए दावा किया कि एक एजेंसी 25 लाख रुपए लेकर परीक्षा में निश्चित परिणाम दिलाने की गारंटी दे रही थी। शिक्षक के अनुसार, स्टिंग ऑपरेशन के दौरान इस तरह के प्रस्ताव और कथित गड़बड़ी से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। रोहित पवार ने इस मामले को गंभीर बताते हुए जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि कथित भ्रष्टाचार का स्टिंग ऑपरेशन कर मामले को सामने लाने वाले शिक्षकों को सुरक्षा दी जानी चाहिए। इन शिक्षकों ने पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय में जाकर संबंधित दस्तावेज भी सौंपे हैं, लेकिन उनके अनुसार अब तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। हालांकि रोहित पवार के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

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