टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: रंगदारी के पैसों से बिश्नोई गैंग ने रची थी पूरे हमले की साज़िश, हुआ था विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल

रंगदारी के पैसों से बिश्नोई गैंग ने रची थी पूरे हमले की साज़िश, हुआ था विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल
  • वसूली की रकम को लेने के लिए बिश्नोई गैंग ने खोला था यह क्रिप्टो वॉलेट अकाउंट
  • इससे होता था गैंग का फाइनेंसियल ऑपरेशन
  • बैंक खाते में पैसे आने के बाद सुनेहा पंडित ने कई गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खाते में भेजे थे पैसे

डिजिटल डेस्क, मुंबई. दिवाकर सिंह. अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग मामले की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, वैसे-वैसे बेहद खौफनाक खुलासे सामने आ रहे हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच की जाँच में सामने आया है कि टाइगर श्रॉफ पर हमला करने की पूरी साज़िश की पटकथा बिश्नोई गैंग ने रंगदारी से वसूले गए काले पैसों से रची थी। इस पूरे खौफनाक खेल में विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल किया गया था और बाद में उन पैसों को साज़िश में शामिल गिरफ्तार आरोपियों तक पहुँचाया गया।

क्रिप्टो वॉलेट और वीपीएन का मायाजाल

पुलिस की जाँच में पता चला है कि वसूली और एक्सटॉर्शन के पैसों को ठिकाने लगाने के लिए बिश्नोई गैंग ने खास तौर पर एक विशेष क्रिप्टो वॉलेट अकाउंट खोल रखा था। इसी डिजिटल खाते के जरिए गैंग का पूरा फाइनेंशियल ऑपरेशन संचालित होता था। जाँच एजेंसियों को चकमा देने और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन को छिपाने के लिए आरोपियों ने कंबोडिया और डेनमार्क के वीपीएन का इस्तेमाल किया था, ताकि किसी को भी ट्रांजेक्शन के असली लोकेशन की भनक न लग सके।

47 लाख रुपए का डिजिटल ट्रांसफर

इस साजिश के तार अब मास्टरमाइंड अनिल पंडित के भाई अभिषेक पंडित से भी जुड़ गए हैं। पुलिस के अनुसार, अभिषेक ने क्रिप्टो वॉलेट के जरिए अपनी पत्नी सुनेहा पंडित के करनाल वाले बैंक खाते में सिलसिलेवार तरीके से अगस्त 2022 से जुलाई 2024 के बीच लाख से अधिक रुपए ट्रांसफर किए थे। विदेशी धरती से ऑपरेट होने वाले इस क्रिप्टो अकाउंट से पैसे पहले एसबीआई के उस बैंक खाते में आए, जिसका मोबाइल नंबर सुनेहा पंडित के नाम पर रजिस्टर्ड था और वही इसे पूरी तरह कंट्रोल कर रही थी।

गाड़ी और लॉज बुकिंग पर खर्च हुआ पैसा

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग में इस्तेमाल की गई बाइक, आरोपियों के रहने के लिए लॉज का कमरा बुक करने और अन्य साजो-सामान का खर्च इसी अवैध विदेशी फंडिंग से उठाया गया था। क्रिप्टो वॉलेट खाते से बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर होने के बाद आरोपी सुनेहा पंडित ने बिना वक्त गंवाए इस मामले में गिरफ्तार किए गए कई आरोपियों के बैंक खातों में पैसे भेजे थे, ताकि वारदात को बेरोकटोक अंजाम दिया जा सके। जांच में खुलासा हुआ है कि सुनेहा ने आरोपी रितिक के बैंक खाते में 57 हज़ार, जिस लॉज में दोनों शूटर फूल सिंह और रेहान रुके थे, उस लॉज के बैंक खाते में 5 हज़ार रुपए और आरोपी अमर के बैंक खाते में 50 हज़ार रुपए ट्रांसफर किए थे।

एक अन्य अधिकारी के अनुसार, ऋतिक के खाते में आए 57 हज़ार रुपए में से 30 हज़ार रुपए वारदात को अंजाम देने से ठीक 18 घंटे पहले सुनेहा ने ट्रांसफर किए थे, जबकि 27 हज़ार रुपए सितंबर 2026 में बाइक ख़रीदने के लिए भेजे गए थे। करनाल के जिस एसबीआई बैंक खाते से यह पैसे ट्रांसफर हुए थे, वह वांछित आरोपी अभिषेक पंडित के नाम पर है, लेकिन उसमें उसकी पत्नी सुनेहा का मोबाइल नंबर पंजीकृत है, जिसे क्राइम ब्रांच ने उसके पास से बरामद कर लिया है। जाँच में यह भी सामने आया है कि सुनेहा को हमले की पूरी साज़िश के बारे में जानकारी थी और इसके चलते वह अभिषेक के निर्देश पर लगातार पैसे आरोपियों को ट्रांसफर कर रही थी।

सुनेहा को 16 नवंबर तक पुलिस हिरासत

हरियाणा से सुनेहा को गिरफ्तार करने के बाद मंगलवार को क्राइम ब्रांच ने उसे कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने इस दौरान मनी ट्रेल की पूरी जानकारी कोर्ट के सामने रखते हुए 15 दिनों की पुलिस रिमांड की मांग की, जिसका बचाव पक्ष ने यह कहते हुए विरोध किया कि सुनेहा को साज़िश की कोई जानकारी नहीं थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने सुनेहा को 16 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब इस बात की तह तक जाने में जुटी है कि इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट और मनी लॉन्ड्रिंग के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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