ज्ञानसंग्रह का डिजिटाइजेशन: अमित शाह ने कहा - भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए आगे आए एशियाटिक सोसायटी:, देशभर के पुस्तकालयों और शोध संस्थानों से जोड़ने का आह्वान

अमित शाह ने कहा - भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए आगे आए एशियाटिक सोसायटी:, देशभर के पुस्तकालयों और शोध संस्थानों से जोड़ने का आह्वान
  • 222 साल पुराना है एशियाटिक का इतिहास: शिंदे
  • ज्ञानसंग्रह का डिजिटाइजेशन कर देशभर के पुस्तकालयों और शोध संस्थानों से जोड़ने का आह्वान

डिजिटल डेस्क, मुंबई। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार के लिए एशियाटिक सोसायटी ऑफ मुंबई से व्यापक पहल करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि सोसायटी अपने विशाल ज्ञान संग्रह का डिजिटाइजेशन कर देशभर के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और विद्वानों के लिए उपलब्ध कराए। साथ ही देश के पुस्तकालयों और शोध संस्थानों को एक साझा मंच से जोड़ा जाए। मुंबई के टाउन हॉल में एशियाटिक सोसायटी ऑफ मुंबई की नवनिर्वाचित समिति के परिचय कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि किसी राष्ट्र की स्मृति, इतिहास, संस्कार, भाषा, अभिलेख और परंपराओं का संरक्षण उसकी पहचान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इतिहास और सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा करने वाले राष्ट्र की अस्मिता कभी समाप्त नहीं होती।

शाह ने कहा कि भारतीय इतिहास, पुरातत्व, भाषा, दर्शन, साहित्य और विज्ञान का पुनर्मूल्यांकन भारतीय दृष्टिकोण से किया जाना जरूरी है। एशियाटिक सोसायटी को महाराष्ट्र के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को अपने संग्रह के अध्ययन के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। शाह ने कहा कि ज्ञान किसी सीमा में बंद नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका लाभ भारत के साथ पूरी दुनिया के कल्याण के लिए होना चाहिए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि एशियाटिक सोसायटी के कार्य को व्यापक बनाने के लिए राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि इतिहास केवल अतीत को समझने का माध्यम नहीं, बल्कि वर्तमान को दिशा देने और भविष्य की गति तय करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। फडणवीस ने कहा कि सोसायटी के ग्रंथालय विभाग के मुख्य कार्यालय के लिए नई जगह तैयार हो गई है। इसे जल्द शुरू करने के लिए सरकार आवश्यक सहयोग करेगी। शोधकर्ताओं को पुस्तकें, संदर्भ सामग्री और ज्ञानसंपदा आसानी से उपलब्ध कराने के लिए भी सरकार सकारात्मक भूमिका निभाएगी।

222 साल पुराना है एशियाटिक का इतिहास: शिंदे

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि एशियाटिक सोसायटी का 222 वर्षों का गौरवशाली इतिहास है। प्राचीन ग्रंथों, पांडुलिपियों और सिक्कों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है। इस विरासत के संरक्षण के लिए राज्य सरकार हरसंभव सहयोग करेगी। कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने एशियाटिक सोसायटी में ‘गणेश ज्ञानारती’ प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। प्रदर्शनी में मौर्य, सातवाहन, गुप्त और छत्रपति शिवाजी महाराज के काल से जुड़े करीब 1 हजार 300 दुर्लभ स्वर्ण, रजत, कांस्य और तांबे के सिक्के प्रदर्शित किए गए हैं।

Created On :   13 Sept 2026 9:39 PM IST

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