महाराष्ट्र: राज्य में दवाओं पर एफडीए की निगरानी बढ़ी, शिकायतों में भी 557 फीसदी की बढ़ोतरी - तीन महीने में 1,397 शिकायतें मिलीं

राज्य में दवाओं पर एफडीए की निगरानी बढ़ी, शिकायतों में भी 557 फीसदी की बढ़ोतरी - तीन महीने में 1,397 शिकायतें मिलीं
  • तीन महीने में 1,397 शिकायतें मिलीं, 924 की हुई जांच
  • एलोपैथिक दवाइयों की ज्यादा शिकायतें

डिजिटल डेस्क, मुंबई. महाराष्ट्र में दवाओं की गुणवत्ता और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने अपनी कार्रवाई और निगरानी तेज कर दी है। जून से अगस्त 2026 के बीच महज तीन महीने में औषधि विभाग को 1,397 शिकायतें प्राप्त हुईं। यह वर्ष 2025-26 की तिमाही की औसत तुलना में 557 फीसदी ज्यादा है। इसी दौरान शिकायतों की जांच में भी 378 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

एफडीए के मुताबिक वर्ष 2025-26 में कुल 850 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसकी तिमाही औसत करीब 213 शिकायतें रहीं। इसके मुकाबले तुकाराम मुंढे के एफडीए आयुक्त पद संभालने के बाद जून से अगस्त 2026 के बीच 1,397 शिकायतें मिलीं। इनमें से 924 शिकायतों की जांच की गई जबकि वर्ष 2025-26 की तिमाही औसत करीब 193 जांच की गई थी। यानी जांच के काम में 378 फीसदी की वृद्धि हुई।

जब्ती कार्रवाई में इजाफा

औषधि विभाग ने सिर्फ शिकायतों की जांच तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ जब्ती अभियान भी तेज कर दिया। तीन महीने में की गई जब्ती कार्रवाई वर्ष 2025-26 की तिमाही औसत की तुलना में 217 फीसदी अधिक है। इस दौरान जब्त किए गए माल की कुल कीमत 11.41 करोड़ रुपए रही जो पिछले वित्त वर्ष की तिमाही औसत के मुकाबले 234 फीसदी अधिक है। वहीं जून से अगस्त के बीच 20 एफआईआर दर्ज की गई हैं। जो तिमाही औसत की तुलना में करीब 21 फीसदी ज्यादा है।

एलोपैथिक दवाइयों की ज्यादा शिकायतें

एफडीए के मुताबिक सबसे अधिक शिकायतें डॉक्टर की पर्ची के बिना बेचे जानेवाली एलोपैथिक दवाओं की मिली है। इसके बाद आयुर्वेदिक दवाइयों से जुड़ी शिकायतें रहीं जो दावों के साथ बेची जा रही थीं।

महाप्रसाद वितरण की पूर्व सूचना नमूना पोर्टल पर

त्योहारों, धार्मिक आयोजनों, यात्राओं और उर्स के दौरान वितरित होने वाले महाप्रसाद, अन्न, लंगर, भंडारा तथा अन्य सामूहिक अन्न वितरण कार्यक्रमों की पूर्व सूचना का नमूना एफडीए ने अपने फूड एंड ड्रग ग्रीवेंस पोर्टल (https://complaints.mahafda.in) पर उपलब्ध कराया है। ऐसे कार्यक्रमों के लिए आयोजकों को सात दिन पहले सामूहिक अन्न वितरण कार्यक्रम की पूर्वसूचना संबंधित विभाग को देनी होगी।

6 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

शहर में खाद्य सुरक्षा को लेकर एफडीए की कार्रवाई जारी है। अलग-अलग स्थानों पर की गई जांच में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के नियमों की गंभीर अनदेखी सामने आने के बाद छह खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन निलंबित किए गए हैं। इसमें श्री गजानन वडापाव स्नैक्स सेंटर, समर्थ स्वीट्स, एकवीरा झुणका भाकर केंद्र, मनीषा स्वीट्स, मे. नवाब सीख कॉर्नर, जय महाराष्ट्र मसाला डोसा कॉर्नर और होटल अभिनव का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।

Created On :   10 Sept 2026 9:47 PM IST

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