समिति गठित होगी: ठेके पर रखे जाने वाले मजदूरों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा के लिए हरियाणा पैटर्न का अध्ययन करेगी राज्य सरकार

ठेके पर रखे जाने वाले मजदूरों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा के लिए हरियाणा पैटर्न का अध्ययन करेगी राज्य सरकार
  • मुख्यमंत्री फडणवीस ने समिति गठित करने के दिए आदेश
  • समिति करेगी हरियाणा मॉडल का अध्ययन

डिजिटल डेस्क, मुंबई. ठेके पर रखे जाने वाले मजदूरों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महाराष्ट्र सरकार हरियाणा पैटर्न का अध्ययन करेगी। इसके लिए जल्द ही एक विशेष समिति गठित की जाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ठेके पर रखे जाने वाले मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए हरियाणा की व्यवस्था का अध्ययन कर आवश्यक निर्णय लेने के आदेश अधिकारियों को दिए हैं। अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति से जुड़े लंबित मामलों पर भी सरकार सकारात्मक रास्ता निकालने की दिशा में काम कर रही है। खबर है कि यह समिति हरियाणा पैटर्न का विस्तृत अध्ययन कर महाराष्ट्र में उसकी उपयोगिता और संभावित अमल की रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

ठेका मजदूरों की सुरक्षा पर सरकार का फोकस

राज्य में विभिन्न सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और अन्य संस्थानों में बड़ी संख्या में मजदूर ठेके के माध्यम से काम करते हैं। ऐसे कर्मचारियों के सामने रोजगार की स्थिरता, सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक संरक्षण और भविष्य की सुरक्षा जैसे कई सवाल लगातार सामने आते रहे हैं। सरकार अब इन मुद्दों को ध्यान में रखते हुए ठेका श्रमिकों के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। हरियाणा में ठेका कर्मचारियों और मजदूरों से संबंधित व्यवस्था का अध्ययन करने के बाद यह देखा जाएगा कि वहां लागू प्रावधानों में से कौन-से प्रावधान महाराष्ट्र में लागू किए जा सकते हैं और किन क्षेत्रों में राज्य की परिस्थितियों के अनुसार अलग व्यवस्था की आवश्यकता होगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की नीति और निर्णय तय किए जाने की संभावना है।

समिति करेगी हरियाणा मॉडल का अध्ययन

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद संबंधित विभागों के अधिकारी हरियाणा की व्यवस्था का अध्ययन करेंगे। समिति के माध्यम से वहां ठेका मजदूरों को मिलने वाले सामाजिक सुरक्षा उपायों, आर्थिक संरक्षण, सेवा संबंधी प्रावधानों और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का परीक्षण किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि अध्ययन केवल कागजी स्तर तक सीमित न रहे, बल्कि हरियाणा में इन व्यवस्थाओं के वास्तविक क्रियान्वयन और उससे ठेका मजदूरों को होने वाले लाभों का भी आकलन किया जाए। इसके बाद महाराष्ट्र की जरूरतों के अनुरूप प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति से जुड़े लंबे समय से लंबित मामलों पर भी गौर किया जाएगा।

Created On :   10 Sept 2026 8:50 PM IST

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