किसानों पर संकट: विदर्भ-मराठवाड़ा को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग तेज, एक दर्जन से अधिक विधायकों ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

विदर्भ-मराठवाड़ा को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग तेज, एक दर्जन से अधिक विधायकों ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
  • कम बारिश से कई जिलों में फसलों पर संकट
  • किसानों को भारी नुकसान की आशंका
  • कई जिलों में बारिश की कमी से फसलें प्रभावित

डिजिटल डेस्क, मुंबई, सोमदत्त शर्मा। महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र में कम बारिश के चलते किसानों के सामने खड़ी हुई मुश्किलों को देखते हुए इन दोनों क्षेत्रों को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग तेज हो गई है। राज्य के विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े एक दर्जन से अधिक विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विदर्भ और मराठवाड़ा के प्रभावित जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है। इन विधायकों का कहना है कि इस वर्ष कई जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। बारिश की कमी के कारण बड़ी संख्या में किसान समय पर फसलों की बुवाई नहीं कर सके हैं। किसानों की स्थिति को देखते हुए सरकार से तत्काल राहत और विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की जा रही है। कृषि विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, विधायकों ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कम बारिश से उत्पन्न स्थिति का विस्तृत उल्लेख करते हुए दोनों क्षेत्रों के प्रभावित इलाकों को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है।

कई जिलों में बारिश की कमी से फसलें प्रभावित

मराठवाड़ा और विदर्भ के कई हिस्सों में इस वर्ष अपेक्षा के अनुरूप बारिश नहीं होने से खेती का गणित बिगड़ गया है। पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हुई है। जिन इलाकों में किसानों ने किसी तरह बुवाई कर दी, वहां भी बारिश नहीं होने से फसलों पर संकट पैदा हो गया है। किसानों के सामने एक ओर बुवाई पर खर्च की गई रकम डूबने का खतरा है, तो दूसरी ओर दोबारा बुवाई करने की स्थिति में अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ सकता है। ऐसे में किसान संगठनों और जनप्रतिनिधियों की ओर से सरकार से तत्काल सर्वेक्षण कराकर नुकसान का आकलन करने और राहत उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है।

मंगलवार की कैबिनेट बैठक में भी उठा था मुद्दा

विदर्भ और मराठवाड़ा में बारिश की कमी का मुद्दा मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में भी उठा था। सरकार के स्तर पर प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब विधायकों द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग किए जाने से यह मुद्दा और गंभीर हो गया है।

फसल नुकसान का सर्वे करने के मुख्यमंत्री के आदेश

जिन क्षेत्रों में बारिश कम हुई है और बारिश के अभाव में फसलें सूखने लगी हैं, वहां सर्वेक्षण करने के आदेश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की स्थिति को लेकर गंभीर है और प्रभावित किसानों को नियमों के अनुसार आवश्यक नुकसान भरपाई देने के निर्देश दिए गए हैं। फडणवीस के अनुसार फसलों के नुकसान का सर्वेक्षण केवल एक विभाग द्वारा नहीं किया जाएगा। राजस्व, कृषि और ग्राम विकास विभाग संयुक्त रूप से सर्वेक्षण करेंगे। इससे प्रभावित क्षेत्रों और फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन करने में मदद मिलेगी।

Created On :   10 Sept 2026 8:59 PM IST

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