बड़े खुलासे: अवैध मस्जिद ढहाने के मामले में कारोबारी को पाकिस्तान से धमकी आने के बाद अब डिलीटेड डिजिटल डेटा की गहन छानबीन में जुटी है सीआईयू

अवैध मस्जिद ढहाने के मामले में कारोबारी को पाकिस्तान से धमकी आने के बाद अब डिलीटेड डिजिटल डेटा की गहन छानबीन में जुटी है सीआईयू
  • सुरक्षा गार्ड शरीफ के घर का मुज़फ़्फ़राबाद कनेक्शन आया सामने,
  • मुंबई क्राइम ब्रांच ने जम्मू- कश्मीर पुलिस से माँगी जानकारी
  • लश्कर ए तोयबा कमांडर बने आरोपी शरीफ के बड़े भाई के 2019 में पाकिस्तान भागने की जाँच तेज

डिजिटल डेस्क, मुंबई. दिवाकर सिंह। बांद्रा पूर्व स्थित ग़रीब नगर इलाके में एक अवैध मस्जिद को ढहाए जाने की कार्रवाई का समर्थन करने पर मुंबई के कारोबारी इम्तियाज खत्री को सीधे पाकिस्तान से जान से मारने की धमकी के मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (सीआईयू) की पड़ताल जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क के कई सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सुरक्षा गार्ड मोहम्मद शरीफ का परिवार सीधे पाकिस्तान से जुड़ा पाया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि आरोपी शरीफ का बड़ा भाई साल 2019 में अवैध रूप से सीमा पार कर पाकिस्तान भाग गया था और वर्तमान में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तोयबा (एलईटी) में कमांडर स्तर के पद पर सक्रिय है। इस गंभीर खुफिया इनपुट के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने जम्मू-कश्मीर पुलिस से संपर्क साधकर उसके 2019 के बैकग्राउंड और मूवमेंट का पूरा ब्योरा माँगा है।

2019 का रूट और लश्कर कनेक्शन तलाश रही पुलिस

जाँच एजेंसियाँ अब इस बात का सटीक खाका तैयार करने में जुटी हैं कि आरोपी शरीफ का भाई 2019 में जम्मू-कश्मीर के किस इलाके से और किन मददगारों के ज़रिए पाकिस्तान पहुँचने में कामयाब रहा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान पहुँचते ही वह लश्कर-ए-तोयबा में शामिल हुआ और कुछ ही समय में संगठन में कमांडर के पद तक पहुँच गया। हालांकि, क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि उसके 2019 में सीमा पार करने और लश्कर में उसकी मौजूदा स्थिति से जुड़े खुफिया इनपुट्स की आधिकारिक और तकनीकी पुष्टि की प्रक्रिया अभी जारी है।

मुज़फ़्फ़राबाद से सीधे जुड़ रहे परिवार के तार

जाँचकर्ताओं के लिए सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि शरीफ का पूरा परिवार इस समय पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के मुज़फ़्फ़राबाद में रह रहा है। शरीफ का पिता और उसके दो बड़े भाई मुज़फ़्फ़राबाद में ही स्थापित हैं। सीआईयू अब आरोपी शरीफ और उसके परिवार के बीच हुई तमाम कॉल्स और मैसेजेस की टाइमलाइन तैयार कर रही है। पुलिस यह जाँच रही है कि शरीफ मुज़फ़्फ़राबाद में कितनी बार संपर्क करता था और क्या इन बातचीत का कारोबारी को मिली धमकियों से सीधा कोई संबंध है।

ब्लैक गोल्ड कोडवर्ड और डिलीटेड डिजिटल डेटा

  • सीआईयू ने आरोपी शरीफ के पास से दो मोबाइल फोन और एक पॉकेट डायरी जब्त की है, जिनसे जाँच को नया मोड़ मिला है।
  • जब्त दो मोबाइलों में से एक को हाल ही में फॉर्मेट किया गया था। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स अब मिटाए गए डेटा को रिकवर कर रहे हैं।
  • फोन और डायरी में ब्लैक गोल्ड और कश्मीरी जैसे कोडवर्ड के साथ कई पाकिस्तानी नंबर सेव मिले हैं।
  • पूछताछ में शरीफ ने कबूला कि वह फेसबुक के जरिए मुख्य संदिग्ध के संपर्क में आया था।

न्यायिक हिरासत में आरोपी

2008 से मुंबई में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत शरीफ को व्हाट्सएप कॉल्स और वॉइस नोट्स की जाँच के बाद पकड़ा गया था। पुलिस कस्टडी खत्म होने पर अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब सीआईयू की मुख्य प्राथमिकता लश्कर के इस संभावित नेटवर्क का पूरी तरह पर्दाफाश करना है।

Created On :   13 Sept 2026 9:51 PM IST

Tags

Next Story