बॉम्बे हाई कोर्ट: पति की आर्थिक स्थिति देखते हुए पत्नी और दो बेटियों के लिए 4 लाख रुपए प्रति माह भरण-पोषण तय न्यायसंगत

पति की आर्थिक स्थिति देखते हुए पत्नी और दो बेटियों के लिए 4 लाख रुपए प्रति माह भरण-पोषण तय न्यायसंगत
  • अदालत ने पति की दिंडोशी सेशन कोर्ट के पत्नी के पक्ष में दिए आदेश के खिलाफ दायर याचिका को किया खारिज
  • पति 'मोतीलाल ओसवाल वेल्थ' कंपनी में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरतc

डिजिटल डेस्क, मुंबई. बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि पति की आर्थिक स्थिति को देखते हुए पत्नी और दो बेटियों की परवरिश के लिए 4 लाख रुपए प्रति माह का भरण-पोषण तय करना पूरी तरह से न्यायसंगत है। अदालत ने मुंबई के दिंडोशी सेशन कोर्ट के पत्नी के पक्ष में दिए उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें पति को ‘मोतीलाल ओसवाल वेल्थ' कंपनी में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत रहते हुए 3 करोड़ रुपए से अधिक आय होने की बात कही गई थी और पति को प्रति महीने पत्नी और दो जुड़वा बेटियों को प्रति माह 4 लाख रुपए भरण-पोषण देने का आदेश दिया गया था।

न्यायमूर्ती माधव जे. जामदार की एकलपीठ ने पुनीता रवि अग्रवाल की याचिका खारिज करते हुए कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 और 227 के तहत निचली अदालतों के आदेश में दखल देने का कोई ठोस आधार नहीं बनता है। पीठ ने कहा कि पति-पत्नी की 8 साल की दो जुड़वां बेटियां हैं और उन दोनों की अकेले देखभाल व पालन-पोषण माता द्वारा किया जा रहा है। पत्नी की भी अपनी आय है, लेकिन उसकी आय 3 करोड़ 50 लाख रुपए नहीं, बल्कि केवल 3 लाख 50 हजार रुपए वार्षिक है।

पत्नी की ओर से पेश वकील प्रशांत पांडे ने दलील दी कि पति ने अपने खुलासे के हलफनामे में यह बताया था कि वह ‘मोतीलाल ओसवाल वेल्थ' कंपनी में वेल्थ मैनेजर के रूप में काम कर रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-2025 के लिए उनका निश्चित सकल वार्षिक वेतन 51 लाख 75 हजार रुपए है, जबकि उनके उसी वर्ष के आयकर रिटर्न के अनुसार उनकी वार्षिक आय तीन करोड़ रुपए है।पीठ ने पाया कि पति द्वारा खुद अपील मेमो के साथ प्रस्तुत की गई वेतन पर्चियों से पता चला कि वह वास्तव में उसी कंपनी में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत हैं। पीठ ने कहा कि दोनों पक्षों की आर्थिक स्थिति, रहन-सहन के स्तर और पति की 3 करोड़ रुपए की भारी-भरकम वार्षिक आय को ध्यान में रखते हुए पत्नी और दोनों बेटियों के लिए तय किया गया 4 लाख रुपए प्रति महीने भरण-पोषण पूरी तरह से उचित है।

Created On :   11 Oct 2026 8:27 PM IST

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