Mumbai News: महाराष्ट्र में 2 लाख 98 हजार बेटियां बनेंगी लखपति

महाराष्ट्र में 2 लाख 98 हजार बेटियां बनेंगी लखपति
  • अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस आज
  • राज्य भर में सबसे अधिक नाशिक में 16 हजार लाभार्थी

Mumbai News प्रदेश सरकार की बेटी लाड़ली ( लेक लाडकी) योजना के तहत अभी तक 2 लाख 98 हजार 628 बेटियां लाभार्थी बनी हैं। इससे इन बेटियों को 18 साल की उम्र पूरा होने तक एक लाख एक हजार रुपए मिल सकेगा। यानी ये बेटियां लखपति बन जाएंगी। राज्य के महिला व बाल विकास विभाग के एक अधिकारी ने ‘दैनिक भास्कर' से बातचीत में बताया कि अभी राज्य के 36 जिलों में 2 लाख 98 हजार 628 लाभार्थी बेटियां हैं। जबकि लाभार्थी बेटियां के 54 हजार 379 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं। अधिकारी ने बताया कि राज्य भर में सबसे अधिक नाशिक में 16 हजार 989 लाभार्थी बेटी हैं। जबकि मुंबई शहर में 417, मुंबई उपनगर में 2197, ठाणे में 6876, पालघर में 6645 लाभार्थी बच्चियां हैं।

अधिकारी ने बताया कि पात्र लाभार्थी बेटी के जन्म लेने पर पर 5 हजार रुपए, कक्षा पहली में दाखिला लेने पर 6 हजार रुपए, कक्षा छठवीं में प्रवेश करने पर 7 हजार रुपए, कक्षा 11 वीं में दाखिला लेने पर 8 हजार रुपए और 18 वर्ष की आयु पूरा होने पर 75 हजार रुपए जमा कराए जाते हैं। इससे बेटियों के 18 साल पूरे होने पर कुल 1 लाख 1 हजार रुपए बैंक खाते में दिए जाते हैं। राज्य में दिसंबर 2024 में महायुति सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेटी लाड़ली योजना को गति देने के लिए इसको 100 दिनों की कार्य योजना में समावेश किया था। इससे मई 2025 के बाद से लगभग 1 लाख 39 हजार लाभार्थी बच्चियों की संख्या बढ़ी है।

योजना के लाभ के लिए पात्रता :प्रदेश के महिला व बाल विकास विभाग ने अक्टूबर 2023 को बेटी लाडली योजना को मंजूरी प्रदान की थी। नवी मुंबई स्थित एकात्मिक बाल विकास योजना (आईसीडीएस) कार्यालय के जरिए यह योजना लागू की जाती है। राज्य में एक लाख रुपए तक सालाना आय वाले केशरी और पीला राशन कार्ड धारक परिवार की बच्चियों को इस योजना का लाभ मिलता है। इसके तहत 1 अप्रैल 2023 अथवा उसके बाद पात्र परिवार में जन्मी बेटियों को योजना का लाभ मिलता है। एक परिवार में अधिकतम दो बेटियां इसके लिए पात्र हैं। अगर किसी पात्र परिवार में एक बेटा और एक बेटी है तो बेटी को भी योजना का लाभ मिलता है। प्रदेश में बच्चियों के जन्म दर बढ़ाने और मृत्यु दर को कम करने और बाल विवाह को रोकने के उद्देश्य से यह योजना चलाई जाती है। विश्वभर में 11 अक्टूबर को बालिका दिवस के रूप में मनाया जाता है।

जिलेवार लाभार्थी बच्चियां की संख्या

जिला लाभार्थी

मुंबई शहर- 417

मुंबई उपनगर - 2197

ठाणे - 6876

पालघर - 6645

नाशिक - 16989

पुणे - 12982

नागपुर- 13300

अकोला - 6864

अमरावती- 13754

छत्रपति संभाजीनगर - 6389

नांदेड़ - 7300

अहिल्यानगर - 12884


Created On :   10 Oct 2026 7:03 PM IST

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