मतदाता सूची: आदित्य ठाकरे ने कहा - वर्ली में 24 हजार फर्जी मतदाता, मुंबई में 5 लाख नाम गायब

आदित्य ठाकरे ने कहा - वर्ली में 24 हजार फर्जी मतदाता, मुंबई में 5 लाख नाम गायब
  • शिवसेना (उद्धव) विधायक बोले- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
  • 2029 से पहले बदल जाएगी सरकार
  • मुंबई में 5 लाख, महाराष्ट्र में 10 लाख नामों पर सवाल

डिजिटल डेस्क, मुंबई. महाराष्ट्र में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर शिवसेना (उद्धव) विधायक आदित्य ठाकरे ने चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोला है। आदित्य ने दावा किया कि मुंबई में करीब पांच लाख और पूरे महाराष्ट्र में लगभग 10 लाख मतदाताओं के नाम को लेकर विसंगतियां हैं। वहीं मुंबई के वर्ली विधानसभा क्षेत्र में 24 हजार कथित फर्जी मतदाता होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। आदित्य ठाकरे ने चेतावनी दी कि मतदाताओं के अधिकारों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और 2029 से पहले सरकार बदल जाएगी।

वर्ली में 24 हजार फर्जी मतदाता होने का दावा

आदित्य ठाकरे ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र वर्ली में 24 हजार फर्जी मतदाता पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि एक छोटे से 10 बाय 10 फुट के कमरे में हजारों मतदाताओं के नाम दर्ज होने जैसी जानकारी उजागर हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उनकी ओर से मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले अधिकारियों को 17 लाख लोगों की सूची सौंपी गई थी, तो इसके बावजूद मतदाता सूची में इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हुई? उन्होंने चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने तथा मतदाता सूची में सामने आई विसंगतियों पर स्पष्टीकरण देने की मांग की।

मुंबई में 5 लाख, महाराष्ट्र में 10 लाख नामों पर सवाल

आदित्य ठाकरे ने चुनाव आयोग की ओर से अलग-अलग तारीखों पर जारी की गई मतदाता सूचियों के आंकड़ों की तुलना करते हुए उनमें अंतर होने का दावा किया। उनके मुताबिक, मुंबई में लगभग पांच लाख मतदाताओं के नाम गायब होने की आशंका है, जबकि पूरे महाराष्ट्र में करीब 10 लाख मतदाताओं के नाम को लेकर विसंगतियां हो सकती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अलग-अलग सूचियों में मतदाताओं की संख्या में अंतर है, तो इसके पीछे की वजह क्या है? मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता क्यों नहीं दिखाई जा रही है? उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग इन आंकड़ों का स्पष्ट हिसाब जनता के सामने रखे।

माहिम में 900 मतदाताओं की मैपिंग नहीं होने का आरोप

आदित्य ठाकरे ने माहिम विधानसभा क्षेत्र का मामला उठाते हुए दावा किया कि करीब 900 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाने के कारण उन्हें नागरिकता साबित करने के लिए नोटिस भेजे गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जीवित व्यक्तियों को मतदाता सूची में मृत दिखा दिया गया है। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया के आधार पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची में नामों की जांच और सत्यापन किस आधार पर किया जा रहा है? यदि वास्तविक मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाते हैं या उन्हें अपनी पहचान साबित करने के लिए नोटिस भेजे जाते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का जवाब चुनाव आयोग को देना होगा। साथ ही उन्होंने राजनीतिक चेतावनी देते हुए कहा कि 2029 के पहले सरकार ही बदल जाएगी।

Created On :   9 Oct 2026 9:50 PM IST

Tags

Next Story