दावा: फडणवीस ने किसानों का 48 हजार करोड़ का बिजली बिल माफ करने दोनों डीसीएम को भरोसे में नहीं लिया

फडणवीस ने किसानों का 48 हजार करोड़ का बिजली बिल माफ करने दोनों डीसीएम को भरोसे में नहीं लिया
  • शिवसेना (शिंदे) के एक वरिष्ठ नेता का दावा
  • मंत्रिमंडल और विधानसभा में भी नहीं हुई चर्चा

Mumbai News. सोमदत्त शर्मा। राज्य के किसानों के 48 हजार करोड़ रुपए के बकाया बिजली बिल माफ करने की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की घोषणा अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। महायुति सरकार के भीतर ही इस फैसले को लेकर मतभेद सामने आने लगे हैं। शिवसेना (शिंदे) के एक वरिष्ठ नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर दावा किया है कि मुख्यमंत्री ने इस बड़े फैसले से पहले न तो दोनों उपमुख्यमंत्रियों से चर्चा की और न ही मंत्रिमंडल की बैठक में इस तरह का कोई प्रस्ताव लाया गया। इस नेता के अनुसार, उन्होंने इस मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से बातचीत की, जिसमें शिंदे ने स्पष्ट किया कि किसानों के बिजली बिल माफ करने को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से उनके साथ कोई चर्चा नहीं हुई थी। मुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा एक कार्यक्रम के दौरान अचानक 48 हजार करोड़ रुपए की बिजली बिल माफी की घोषणा करने से सरकार के भीतर भी कई लोग आश्चर्यचकित रह गए।

मंत्रिमंडल और विधानसभा में भी नहीं हुई चर्चा

सूत्रों के मुताबिक इतनी बड़ी वित्तीय देनदारी वाले फैसले पर न तो किसी मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा हुई और न ही हाल ही में समाप्त हुए विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान इसकी कोई आधिकारिक घोषणा की गई। विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं का भी मानना है कि इतने बड़े आर्थिक फैसले पर पहले कैबिनेट की मंजूरी और विस्तृत योजना सार्वजनिक की जानी चाहिए थी। शिंदे गुट के इस नेता का कहना है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद दोनों उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार भी सकते में पड़ गए, क्योंकि उन्हें इस फैसले की पूर्व जानकारी नहीं थी।

48 हजार करोड़ का वित्तीय बोझ कैसे उठाएगी सरकार?

सरकार के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 48 हजार करोड़ रुपए की इस योजना का वित्तीय प्रबंधन कैसे किया जाएगा। महाराष्ट्र पहले से ही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और कृषि ऋण माफी जैसी योजनाओं पर बड़े पैमाने पर खर्च कर रहा है। ऐसे में ऊर्जा विभाग और वित्त विभाग के स्तर पर भी इस योजना की व्यवहारिकता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

सरकार जल्द जारी करेगी विस्तृत दिशा-निर्देश

फिलहाल राज्य सरकार ने बिजली बिल माफी योजना की विस्तृत गाइडलाइन जारी नहीं की है। अभी कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब बाकी हैं। किन किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा, किस अवधि के बकाया बिजली बिल माफ किए जाएंगे, पात्रता का आधार क्या होगा, आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया कैसे होगी और जिन किसानों ने पहले ही बिजली बिल जमा कर दिया है, उनके लिए कोई विशेष प्रावधान होगा या नहीं शामिल हैं। सरकार के सूत्रों का कहना है कि ऊर्जा विभाग और संबंधित अधिकारियों की बैठक के बाद विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

क्या बोले थे मुख्यमंत्री फडणवीस

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने योजना की घोषणा करते हुए कहा था कि किसानों की "पट्टी कोरी" होनी चाहिए, ताकि वे पुराने बिजली बकाये के बोझ से मुक्त होकर नई शुरुआत कर सकें। उन्होंने कहा था कि सरकार का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, जिससे वे बिना किसी वित्तीय दबाव के खेती पर ध्यान केंद्रित कर सकें और कृषि उत्पादन बढ़ा सकें।

Created On :   22 July 2026 9:36 PM IST

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