मुंबई में केस दर्ज: टाटा के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, टाटा ईवी की नकली वेबसाइट बनाकर डीलरशिप के नाम पर लाखों की ठगी

टाटा के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, टाटा ईवी की नकली वेबसाइट बनाकर डीलरशिप के नाम पर लाखों की ठगी
  • रतन टाटा की तस्वीर और हुबहू असली जैसी वेबसाइट
  • इस्तेमाल कर जालसाजों ने लोगों को लगाया चूना

Mumbai News. टाटा समूह के नाम और साख का इस्तेमाल कर देश-विदेश के नागरिकों को ठगने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड (टीपीईएमएल) की हुबहू नकली वेबसाइटें बनाकर टाटा ईवी की डीलरशिप देने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये ऐंठने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मुंबई के एमआरए मार्ग पुलिस ने इस संबंध में केसब कुमार, आकाश बंसल, कुणाल सिंह, राजू मानसकर और उनके अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ 14 जुलाई को धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। कंपनी के सीनियर मैनेजर (लीगल) प्रशांत मुरली द्वारा पुलिस को दिए गए बयान के अनुसार, यह जालसाजी पिछले एक साल से अधिक समय से बेहद योजनाबद्ध तरीके से चल रही थी।

ऐसे खुली जालसाजों की पोल

शिकायत के मुताबिक, अप्रैल 2025 में कंपनी की लीगल टीम को सबसे पहले [www.tataevdealership.com](https://www.tataevdealership.com) नाम की एक फर्जी वेबसाइट का पता चला, जिस पर लोगों को टाटा ईवी की डीलरशिप का झांसा दिया जा रहा था। जब कंपनी ने वैश्विक संस्था विपो (वीपो) के मध्यस्थता केंद्र में शिकायत की, तो 31 जुलाई 2025 को फैसला टाटा के पक्ष में आया और डोमेन कंपनी को ट्रांसफर कर दिया गया। इस शुरुआती जांच में मुंबई के कुणाल सिंह नामक व्यक्ति का नाम सामने आया।

रतन टाटा की तस्वीर का किया दुरुपयोग

एक वेबसाइट बंद होने के बाद शातिर आरोपियों ने तुरंत www.tataevdealership.in नाम से दूसरा फर्जी डोमेन रजिस्टर कर लिया। हद तो तब हो गई जब मई 2026 में जालसाजों ने www.tatadealership.in नाम से तीसरी वेबसाइट बना डाली। इस फर्जी वेबसाइट पर टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन स्वर्गीय रतन टाटा की तस्वीर और टाटा के दोपहिया व चौपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के फर्जी प्रपोजल डालकर लोगों को गुमराह किया जा रहा था। यह वेबसाइट न केवल भारत, बल्कि ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूके और यूएसए जैसे देशों में भी डीलरशिप देने का दावा कर रही थी। पुलिस के अनुसार, देश-विदेश के कई नागरिक इस धोखाधड़ी का शिकार होकर लाखों रुपये गंवा चुके हैं।

टाटा कंपनी की सजगता के चलते निक्सी (निक्सी) और विपो जैसी संस्थाओं ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन फर्जी डोमेन्स को ब्लॉक कर टाटा मोटर्स के नाम ट्रांसफर कर दिया है। निक्सी की जांच में एक अन्य आरोपी केसब कुमार का विवरण भी सामने आया है। मुंबई पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ ब्रांड के नाम का गलत इस्तेमाल करने, फर्जी दस्तावेज बनाने और सामूहिक रूप से आर्थिक धोखाधड़ी करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस साइबर सेल की मदद से आरोपियों के बैंक खातों को ट्रैक कर रही है।

टाटा की अपील

टाटा मोटर्स ने जनता से अपील की है कि डीलरशिप से जुड़ी किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए केवल कंपनी की अधिकृत वेबसाइट [www.ev.tatamotors.com](https://www.ev.tatamotors.com) पर ही भरोसा करें और किसी भी अनधिकृत वेबसाइट या बैंक खाते में पैसे न भेजें।

Created On :   15 July 2026 6:10 PM IST

Tags

Next Story