देश विरोधी साजिश: महाराष्ट्र एटीएस ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के जाल में फंसे 66 युवकों को हिरासत में लेकर की पूछताछ

महाराष्ट्र एटीएस ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के जाल में फंसे 66 युवकों को हिरासत में लेकर की पूछताछ
  • सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं के ब्रेनवॉश और देश विरोधी साजिश का भंडाफोड़
  • पुणे शहर, ग्रामीण और पिंपरी चिंचवड़ में महाराष्ट्र एटीएस की बड़ी छापेमारी
  • पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के जाल में फंसे 66 युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ

Mumbai News. महाराष्ट्र में देश विरोधी ताकतों और सीमा पार से संचालित होने वाले आपराधिक नेटवर्कों के खिलाफ महाराष्ट्र एटीएस ने फिर से बड़ी कार्रवाई की है। इसी सिलसिले में एटीएस ने मंगलवार तड़के सुबह 7 बजे से पुणे जिले के विभिन्न इलाकों में एक साथ व्यापक तलाशी और पूछताछ अभियान छेड़ दिया। खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई इस कार्रवाई में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के संपर्क में आए कुल 66 संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित किया गया है और उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। यह संदिग्ध लगातार भट्टी के संपर्क में थे, हालांकि अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। प्राथमिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का सहारा लेकर भारतीय युवाओं को देशविघातक और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसा रहा था। सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि यह नेटवर्क भारत के भीतर एक बड़ा स्लीपर सेल नेटवर्क तैयार करने की साजिश रच रहा था। इस कार्रवाई ने सीमा पार से इंटरनेट के जरिए चलाए जा रहे एक बड़े प्रोपेगैंडा का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार सीधे तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों और भूमिगत गैंगस्टरों से जुड़े हैं।

पाकिस्तानी सिंडिकेट के मुख्य चेहरे

खुफिया इनपुट के अनुसार, शहजाद भट्टी अकेले इस साजिश को अंजाम नहीं दे रहा था, बल्कि उसके साथ पाकिस्तान से संचालित होने वाले कई खूंखार साथी भी इस राष्ट्र विरोधी नेटवर्क का हिस्सा हैं, जिनके नाम आबिद जाट उर्फ आबिद छल,अजमल गुजर, हम्माद मेमन, राणा हुनैन और अशर्फ बशीर आलम हैं।

इस तरह जाल बिछा रहा है यह पाकिस्तानी गैंग

जांच एजेंसियों द्वारा दी गई तकनीकी जानकारी के अनुसार, इस गैंग की कार्यपद्धती बेहद शातिर और खतरनाक है। यह गिरोह मुख्य रूप से चार चरणों में काम करता है -

सोशल मीडिया का दुरुपयोग - फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स पर विभिन्न प्रोफाइल बनाकर भारतीय युवाओं, विशेषकर पुणे और आसपास के क्षेत्रों के लड़कों से संपर्क साधा जाता है।

भड़काऊ दुष्प्रचार और ब्रेनवॉश - धार्मिक, सामाजिक और संवेदनशील मुद्दों का जानबूझकर सहारा लेकर युवाओं के मन में व्यवस्था और देश के प्रति असंतोष की भावना भरी जाती है। इसके बाद उनका मनोवैज्ञानिक स्तर पर ब्रेनवॉश किया जाता है।

आर्थिक लालच का जाल - वर्तमान में बेरोजगार या आर्थिक तंगी से जूझ रहे युवाओं को सॉफ्ट टारगेट बनाया जाता है। उन्हें कम समय में बिना मेहनत के मोटी रकम कमाने का लालच देकर इस दलदल में घसीटा जाता है।

लोकल स्लीपर सेल का निर्माण - एक बार जब युवा इनके चंगुल में फंस जाता है, तो उससे देश की गुप्त जानकारी जुटाने, मादक पदार्थों की तस्करी करने और अवैध हथियारों की डिलीवरी जैसे देशविरोधी काम करवाए जाते हैं ताकि स्थानीय स्तर पर एक मजबूत नेटवर्क खड़ा किया जा सके।

आतंकवाद विरोधी दस्ते की जनता और अभिभावकों से अपील

देश की आंतरिक सुरक्षा और देश के भविष्य यानी युवाओं को सुरक्षित रखने के लिए महाराष्ट्र एटीएस ने एक सख्त और जरूरी एडवाइजरी जारी की है। एटीएस ने राज्य के नागरिकों, खासकर युवाओं और उनके माता-पिता से निम्नलिखित बातों का कड़ाई से पालन करने का अनुरोध किया है -

अजनबियों से दूरी - सोशल मीडिया पर किसी भी अज्ञात, असत्यापित या संदिग्ध विदेशी प्रोफाइल से संपर्क न बढ़ाएं।

अभिभावकों की सतर्कता - माता-पिता अपने बच्चों की इंटरनेट आदतों और सोशल मीडिया गतिविधियों पर पैनी नजर रखें। यदि उनके व्यवहार में अचानक कोई एकांतप्रियता या संदिग्ध बदलाव दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

सस्ते ऑफर्स से बचें - इंटरनेट पर घर बैठे कम काम में भारी पैसे देने वाले विज्ञापनों या ऑफर्स के झांसे में न आएं। याद रखें कि किसी अजनबी द्वारा दिया गया छोटा सा काम भी देश के खिलाफ किसी बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा हो सकता है।

अफवाहों को न फैलाएं - देश की अखंडता और कानून-व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी भ्रामक सामग्री या संदेशों को न तो साझा करें और न ही आगे फॉरवर्ड करें। देशहित को सदैव सर्वोपरि रखें।

Created On :   14 July 2026 9:46 PM IST

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