गलियारों में चर्चा: राज्य के विधायकों को पसंद आ रहा है तुकाराम मुंढे के काम करने का तरीका, विधायकों की राय मुंढे जैसे अधिकारी ही अवैध काम पर लगा सकते हैं लगाम

राज्य के विधायकों को पसंद आ रहा है तुकाराम मुंढे के काम करने का तरीका, विधायकों की राय मुंढे जैसे अधिकारी ही अवैध काम पर लगा सकते हैं लगाम
  • भाजपा विधायक योगेश सागर ने की सराहना
  • मंत्री नरहरी झिरवाल ने भी की थी प्रशंसा

Mumbai News. राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) आयुक्त तुकाराम मुंढे की कार्यशैली इन दिनों राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। खास बात यह है कि मुंढे के कामकाज की सराहना केवल सत्ता पक्ष ही नहीं, बल्कि विपक्ष के विधायक भी खुलकर कर रहे हैं। विभिन्न दलों के नेताओं ने उनकी निष्पक्ष कार्यशैली, सख्त प्रशासनिक रवैये और अवैध खाद्य कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की प्रशंसा की। हाल के कुछ दिनों में एफडीए की ओर से मिलावटी खाद्य पदार्थों, अवैध खाद्य कारोबार, बिना लाइसेंस चल रहे प्रतिष्ठानों और नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई है। इन कार्रवाइयों के कारण विभाग की सक्रियता पहले की तुलना में काफी बढ़ी हुई दिखाई दे रही है।

भाजपा विधायक योगेश सागर ने की सराहना

भाजपा विधायक योगेश सागर ने तुकाराम मुंढे की कार्यशैली की खुलकर प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी कार्यप्रणाली आज पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुकी है। उन्होंने कहा कि मुंढे किसी भी राजनीतिक या अन्य प्रकार के दबाव में काम नहीं करते और कानून के अनुसार कार्रवाई करते हैं। अवैध खाद्य कारोबार, मिलावटी खाद्य पदार्थों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जिस तरह से लगातार कार्रवाई की जा रही है, उससे अवैध कारोबार करने वालों में डर का माहौल बना है। सागर के अनुसार, एक ईमानदार और निष्पक्ष अधिकारी की यही पहचान होती है कि वह बिना किसी दबाव के कानून का पालन कराए और जनता के हितों की रक्षा करे।

विपक्ष ने भी किया समर्थन

शिवसेना (उद्धव) के वरिष्ठ विधायक भास्कर जाधव ने भी तुकाराम मुंढे की कार्यशैली का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों को मुंढे जैसे ईमानदार और निडर अधिकारियों की आवश्यकता है। भास्कर ने यह भी कहा कि अक्सर ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों को कई तरह की कठिनाइयों और दबावों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद यदि अधिकारी निष्पक्ष होकर जनता के हित में कार्य करते हैं, तो उन्हें राजनीतिक समर्थन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए हर विभाग में ऐसे अधिकारियों की जरूरत है जो बिना किसी भय या दबाव के कानून लागू कर सकें।

मंत्री नरहरी झिरवाल ने भी की थी प्रशंसा

हाल ही में विधानसभा के संपन्न मानसून सत्र के दौरान खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाल ने भी तुकाराम मुंढे के काम की सराहना की थी। उन्होंने कहा कि मुंढे के एफडीए आयुक्त बनने के बाद विभाग में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। निरीक्षण की गति बढ़ी है, कार्रवाई अधिक प्रभावी हुई है और विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आई है। मंत्री के अनुसार, विभाग अब पहले की तुलना में अधिक सक्रिय होकर काम कर रहा है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। मुंढे पर भरोसा जताते हुए उन्हें हाल ही में हाफकिन कॉर्पोरेशन की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। हाफकिन में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी की नियुक्ति नहीं होने के कारण सरकार ने एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे को अतिरिक्त प्रभार दिया है

Created On :   13 July 2026 8:49 PM IST

Tags

Next Story