बड़ा निशाना: 20 जुलाई को होने वाले देशव्यापी आंदोलन और सोनम वांगचुक के अनशन को उद्धव का समर्थन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

20 जुलाई को होने वाले देशव्यापी आंदोलन और सोनम वांगचुक के अनशन को उद्धव का समर्थन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
  • देशव्यापी आंदोलन को उद्धव ठाकरे ने दिया समर्थन
  • सोनम वांगचुक के अनशन को भी उद्धव का समर्थन
  • नीट विवाद पर धर्मेंद्र प्रधान दें इस्तीफा
  • आंदोलन को बाधित करने की आशंका जताई

Mumbai News. नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी सोनम वांगचुक के आमरण अनशन को लेकर शिवसेना (उद्धव) पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 20 जुलाई को प्रस्तावित दिल्ली आंदोलन को समर्थन देते हुए सभी राजनीतिक दलों और सांसदों से इसमें शामिल होने की अपील की। ठाकरे ने कहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले सोनम वांगचुक से फोन पर बात कर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि सरकार वांगचुक की चिंता नहीं कर रही है और उन्हें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।

उद्धव ने आरोप लगाया कि 16 दिनों से अधिक समय से जारी अनशन के बावजूद केंद्र सरकार ने कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई। ठाकरे ने कहा कि यदि भाजपा सांसदों में मानवता का भाव है तो उन्हें भी 20 जुलाई के आंदोलन में शामिल होना चाहिए, क्योंकि यह किसी दल का नहीं बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का प्रश्न है। ठाकरे ने कहा कि नीट पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ और कई विद्यार्थियों ने आत्महत्या तक कर ली, लेकिन सरकार ने इस गंभीर मुद्दे को प्राथमिकता नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी दलों में टूट-फूट कराने में अधिक व्यस्त है, जबकि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर संकट की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा।

आंदोलन को बाधित करने की आशंका जताई

उद्धव ने दावा किया कि आंदोलन से जुड़े अभिजीत दीपके ने आशंका जताई है कि 20 जुलाई के मार्च से पहले कुछ असामाजिक तत्वों के जरिए हिंसा फैलाकर आंदोलन को बदनाम और विफल करने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता है तो यह लोकतांत्रिक आंदोलन को कुचलने का प्रयास होगा। उद्धव ने कहा कि यदि किसी मंत्री से अपेक्षित कार्य नहीं हो रहा है तो उसे बदलने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि उनके स्थान पर सक्षम व्यक्ति की नियुक्ति की जाए, ताकि देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में छात्रों का विश्वास बहाल किया जा सके।

Created On :   13 July 2026 8:38 PM IST

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