डिजिटल करेंसी से लेन-देन: अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े नेस्को ड्रग्स केस और ओवरडोज मौत मामले के तार, खेमलानी ने यूरोप से मित्र के जरिए मंगाई थी गोलियां

अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े नेस्को ड्रग्स केस और ओवरडोज मौत मामले के तार, खेमलानी ने यूरोप से मित्र के जरिए मंगाई थी गोलियां
  • आरोपी आयुष साहित्य के एक दोस्त के उल्हासनगर के पते पर हुई थी डिलीवरी
  • डिजिटल करेंसी के जरिए हुआ करोड़ों का अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन
  • ड्रग्स किंगपिन महेश खेमलानी ने यूरोप से मित्र के जरिए मंगाई थी 4000 एमडीएमए की गोलियां
  • मुंबई के होटल में हुई थी ड्रग डील की मीटिंग

Mumbai News. दिवाकर सिंह. बहुचर्चित नेस्को ड्रग्स केस और ओवरडोज मौत मामले में मुंबई पुलिस को बड़े और चौंकाने वाले सुराग मिले हैं। जांच में अब इस पूरे मामले के तार एक अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसमें यूरोप से लेकर मुंबई और गोवा तक फैला एक संगठित नेटवर्क सक्रिय होने के सुराग मिले हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि ड्रग्स किंगपिन महेश खेमलानी उर्फ मार्क ने यूरोप में बैठे अपने ड्रग सप्लायर मित्र से बड़े पैमाने पर एमडीएमए (एक्स्टेसी) की सप्लाई भारत मंगवाई थी। जांच में पता चला है कि खेमलानी ने दो अलग-अलग खेपों में कुल 4000 एमडीएमए गोलियां भारत मंगवाई थीं। पहली खेप में 3000 और दूसरी में 1000 गोलियां शामिल थीं। इन गोलियों को सीधे उसके पास न मंगवाकर एक सोची-समझी साजिश के तहत आरोपी आयुष साहित्य के एक दोस्त के उल्हासनगर स्थित पते पर कूरियर के जरिए डिलीवर कराया गया, ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके।हालांकि, कार्रवाई के दौरान पुलिस अब तक केवल 935 गोलियां ही बरामद कर पाई है। शेष हजारों गोलियों की खपत कहां हुई, यह इस पूरे मामले का सबसे बड़ा रहस्य बना हुआ है। आशंका है कि इन ड्रग्स का इस्तेमाल हाई-प्रोफाइल पार्टियों और क्लब सर्किट में किया गया, जिसमें नेस्को की ड्रग्स पार्टी भी शामिल है। इस खुलासे के बाद अब पुलिस यूरोप में बैठे सप्लायर व खेमलानी के मित्र को भी इस मामले में आरोपी बनाने और उसका पता लगाने की तैयारी में है।

मुंबई के होटल में हुई थी ड्रग्स डील मीटिंग

इस केस का एक अहम पहलू मुंबई के एक होटल में हुई वह बैठक है, जिसमें महेश खेमलानी, आयुष साहित्य और यूरोप से आए ड्रग सप्लायर के बीच आमने-सामने मुलाकात हुई थी। पुलिस अब होटल के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस मीटिंग में और कौन-कौन शामिल था। जांच एजेंसियों को शक है कि इस बैठक में नेटवर्क से जुड़े अन्य स्थानीय सप्लायर और फाइनेंशियल हैंडलर भी मौजूद हो सकते हैं।

क्रिप्टोकरेंसी के जरिए करोड़ों का खेल

ड्रग्स तस्करी के इस मामले ने अपराधियों के हाई-टेक तरीकों को भी उजागर किया है। आरोपियों ने पूरे लेन-देन के लिए यूएसडीटी जैसी डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भुगतान क्रिप्टो वॉलेट के जरिए किया गया, जिसे बाद में एजेंटों के माध्यम से भारतीय रुपये में बदला गया। इसके बाद, इसी नेटवर्क के जरिए रुपये को दोबारा विदेशी मुद्रा में परिवर्तित कर यूरोप स्थित सप्लायर तक पहुंचाया गया। इस तरह का जटिल वित्तीय नेटवर्क जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

गोवा कनेक्शन और विस्तार की आशंका

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी गोवा में भी एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। पुलिस को शक है कि गोवा इस नेटवर्क का एक अहम ट्रांजिट और वितरण केंद्र हो सकता है, जहां से ड्रग्स को आगे सप्लाई किया जाता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बुधवार को मुख्य आरोपी महेश खेमलानी की 7 दिन की अतिरिक्त पुलिस हिरासत बढ़ाने की मांग बोरीवली कोर्ट से की थी, लेकिन कोर्ट ने उसे 4 दिनों की पुलिस रिमांड में भेज दिया। पुलिस का मानना है कि आमने-सामने पूछताछ के जरिए ही इस अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचा जा सकता है।

बड़े खुलासों की संभावना

फिलहाल, यह मामला मुंबई पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए नाम और नई कड़ियां सामने आने की संभावना बढ़ती जा रही है। आने वाले दिनों में यह केस और भी बड़े खुलासे कर सकता है, जिससे देश में सक्रिय अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है।

Created On :   6 May 2026 9:52 PM IST

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