क्राइम ब्रांच की बड़ी छापेमारी: तीन अवैध कॉल सेंटरों पर एक साथ एक्शन, फर्जी कंपनियों की आड़ में चल रहा था ठगी का खेल

तीन अवैध कॉल सेंटरों पर एक साथ एक्शन, फर्जी कंपनियों की आड़ में चल रहा था ठगी का खेल
  • फ्लिपकार्ट फ्रेंचाइजी के नाम पर की जा रही थी देशभर में साइबर ठगी
  • दो आरोपी गिरफ्तार
  • मलाड में मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी छापेमारी

Mumbai News. मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने मलाड पश्चिम स्थित एवरशाइन मॉल में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया है। ये कॉल सेंटर फर्जी कंपनियों के नाम पर चलाए जा रहे थे और देशभर के लोगों को फ्लिपकार्ट फ्रेंचाइजी देने का झांसा देकर ठगी की जा रही थी। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

एक साथ तीन कॉल सेंटरों पर छापा

क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि चिंचोली बंदर रोड स्थित एवरशाइन मॉल के तीसरे और चौथे फ्लोर पर मैक्स बिज कनेक्ट प्रा. लि., मैक्स ग्रीन प्लैनेट सोलर सर्विसेस और इंस्टा कुरियर एंड लॉजिस्टिक्स प्रा. लि. के नाम पर कॉल सेंटर चलाए जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने सुनियोजित तरीके से दो टीमों का गठन कर एक साथ तीनों ठिकानों पर छापेमारी की।

मौके पर मिला हाईटेक सेटअप

दोपहर करीब 12:30 बजे जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो वहां दर्जनों टेलीकॉलर कंप्यूटर और मोबाइल के जरिए लोगों से बात करते हुए पाए गए। ऑफिस में केबिन, कॉन्फ्रेंस रूम और कई कतारों में बैठे कर्मचारी सक्रिय रूप से कॉलिंग कर रहे थे। पुलिस ने तत्काल सभी कर्मचारियों को वहीं रोककर पूछताछ शुरू की और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को कब्जे में लिया।

फर्जी स्क्रिप्ट से लोगों को फंसाते थे

जांच में खुलासा हुआ कि कॉल सेंटर में काम करने वाले टेलीकॉलर को एक तय स्क्रिप्ट दी गई थी। इसके जरिए वे देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों को फोन कर उन्हें फ्लिपकार्ट की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देते थे। भरोसा जीतने के बाद उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी।

जरूरी लाइसेंस नहीं, नियमों का उल्लंघन

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि कॉल सेंटर चलाने के लिए आवश्यक कई सरकारी परमिशन इनके पास नहीं थीं। इनमें बीएमसी का गुमास्ता लाइसेंस, टेलीकम्युनिकेशन विभाग की अनुमति, ट्राई लाइसेंस और डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 के तहत जरूरी मंजूरी शामिल है। इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड के तौर पर कंपनी के मालिक देवेंद्र अरविंद विरकर (32) और पार्टनर कमलेश मोहन शाह (40) को गिरफ्तार किया गया है। दोनों मलाड-कांदिवली इलाके के निवासी हैं और लंबे समय से इस फर्जी कॉल सेंटर नेटवर्क को चला रहे थे।

देशभर में फैला था जाल

प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह गिरोह देशभर में लोगों को निशाना बना रहा था। कई राज्यों से लोगों को कॉल कर उन्हें बिजनेस के नाम पर निवेश के लिए उकसाया जाता था। क्राइम ब्रांच ने मौके से बड़ी संख्या में कंप्यूटर, मोबाइल फोन और दस्तावेज जब्त किए हैं। अब इनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि ठगी की कुल रकम और पीड़ितों की संख्या का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि यह एक बड़ा संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क हो सकता है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं

Created On :   6 May 2026 9:47 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story