बड़े फैसले: पेट्रोल बचाने बाइक पर सवार होकर वर्षा से विधान भवन पहुंचे मुख्यमंत्री, अब ठेके पर ली जाएंगी सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियां

पेट्रोल बचाने बाइक पर सवार होकर वर्षा से विधान भवन पहुंचे मुख्यमंत्री, अब ठेके पर ली जाएंगी सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियां
  • वर्षा से विधान भवन पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा-अगले 6 महिने तक नहीं होंगे बड़े सरकारी आयोजन
  • ईंधन बचाने का संदेश देने की दुपहिया से यात्रा

Mumbai News. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेट्रोलिएम पदार्थों की बचत की अपील राज्य में व्यापक असर दिख रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास वर्षा से बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर विधान भवन पहुंचे। राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री आशीष शेलार भी सीएम की दुपहिया पर सवार थे। मुख्यमंत्री ने केंद्र के मितव्ययिता उपायों का समर्थन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से केवल छोटे बलिदान देने को कहा है। फडणवीस ने इस मुद्दे पर "अनावश्यक विवाद" पैदा करने के लिए विपक्ष की आलोचना की और कहा कि रणनीतिक गठबंधन और आर्थिक लाभ के उद्देश्य से की जाने वाली प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाना सरासर मूर्खता है।इसके पहले बुधवार को मुख्यमंत्री फडणवीस ने कई मितव्ययिता उपायों की घोषणा की थी, जिसमें मंत्रिमंडल के उनके सहयोगियों के काफिले में वाहनों की संख्या आधी करना और मंत्रियों व अधिकारियों के विदेशी दौरों को रद्द करना शामिल है। गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार ने काफिलों में कटौती की है, टाले जा सकने वाले विदेशी दौरों को रद्द कर दिया है और अगले छह महीनों तक बड़े सरकारी कार्यक्रमों का आयोजन न करने का निर्णय लिया है।

पहले की सरकारे भी उठा चुकी हैं ऐसा कदम

विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह के मितव्ययिता उपाय पिछली सरकारों द्वारा भी अपनाए गए थे, जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पी.वी. नरसिंह राव के कार्यकाल के साथ-साथ 2012 में तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम का समय भी शामिल है। उन्होंने कहा कि "विपक्ष को परिपक्वता दिखाने की जरूरत है। दुनिया भर के देशों ने और भी कड़े फैसले लिए हैं। प्रधानमंत्री ने खुद बेहद कठिन निर्णय लेते हुए लोगों से केवल छोटे बलिदान मांगे हैं। इस पर अनावश्यक विवाद पैदा करना उचित नहीं है।

ईंधन बचाने का संदेश देने की दुपहिया से यात्रा

फडणवीस ने कहा कि उन्होंने ईंधन बचाने का संदेश देने के लिए मोटरसाइकिल से यात्रा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीतिक नेताओं के प्रतीकात्मक कार्यों से जनता के बीच जागरूकता फैलाने में मदद मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों और मंत्रियों की सभी अनावश्यक विदेश यात्राएं रोक दी गई हैं और ईंधन की खपत कम करने तथा विदेशी मुद्रा बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। फडणवीस ने हालांकि स्पष्ट किया कि शुक्रवार को सतारा में होने वाला एक बड़ा सरकारी कार्यक्रम अपने तय समय पर होगा, क्योंकि इसकी योजना पहले ही बन चुकी थी और इस पर खर्च किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगभग 25 लाख परिवारों को लाभ प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, इस कार्यक्रम के बाद अगले छह महीनों तक कोई बड़ा सरकारी आयोजन नहीं किया जाएगा।

मोटरसायकिल का पीयूसी खत्म हो चुका था

मोटारसायकिल यात्रा के बाद मुख्यमंत्री विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष सांसद वर्षा गाय़कवाड ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिस बुलेट मोटरसाइकिल (MH01CZ8314) से गुरुवार को विधानभवन पहुंचकर ‘सादगी’ का संदेश देने की कोशिश की, उसका पीयूसी प्रमाणपत्र 10 जनवरी 2025 को ही समाप्त हो चुका है। इसके बाद विपक्षी नेताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल किया है कि क्या कानून केवल आम लोगों के लिए ही हैं? साथ ही यह मांग भी उठाई जा रही है कि यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो मुख्यमंत्री की गाड़ी पर कितना जुर्माना लगाया गया, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए।

अब ठेके पर ली जाएंगी सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियां, जल्द होगी विभागीय अधिकारियों की अहम बैठक

इसके अलावा राज्य सरकार अब सरकारी कामकाज के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ाने जा रही है। राज्य सरकार की योजना के मुताबिक भविष्य में सरकारी विभागों के लिए ठेके पर इलेक्ट्रिक गाड़ियां ही हायर की जाएंगी। अब तक सरकार बड़े पैमाने पर पेट्रोल, डीजल और सीएनजी वाहनों को किराए पर लेती रही है। गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक राज्य सरकार खुद बहुत कम संख्या में वाहन खरीदती है, जबकि अधिकांश गाड़ियां ठेके पर लेती हैं। ऐसे में सरकार ने अपनी ईवी नीति के तहत अब इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।

इस वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए जल्द ही संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में सरकारी उपयोग के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियों को हायर करने की योजना पर मुहर लग सकती है। सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से ईंधन पर होने वाला खर्च कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही राज्य की नई ऊर्जा बचत नीति और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।

हाल ही में पश्चिम एशिया संकट के बीच केंद्र और राज्य सरकारें ऊर्जा बचत तथा ईंधन खपत कम करने पर जोर दे रही हैं। इसी कड़ी में राज्य सरकार सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के कई फैसले ले चुकी है। सूत्रों के मुताबिक शुरुआत में मंत्रालय, सरकारी कार्यालयों और प्रमुख विभागों में उपयोग होने वाली गाड़ियों को इलेक्ट्रिक मॉडल में बदला जाएगा। इसके बाद जिला स्तर तक इस योजना का विस्तार किया जा सकता है। सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ प्रदूषण कम होगा बल्कि लंबे समय में सरकारी खर्च में भी बड़ी बचत होगी।

Created On :   14 May 2026 10:15 PM IST

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