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आठवले ने कहा - आरक्षण रद्द करने की मांग करने वालों पर सरकार कार्रवाई करे, दीपके को आरपीआई में शामिल होने का न्योता

Nagpur News. अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के आरक्षण का विरोध संविधान का अपमान है। आरक्षण रद्द करने की मांग करने वालों के खिलाफ सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। यह बात केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कही। उन्होंने कहा कि जिन वर्गों को आरक्षण नहीं मिल रहा, उन्हें आरक्षण देने की मांग करना अनुचित नहीं है, लेकिन एससी-एसटी को मिले संवैधानिक आरक्षण को समाप्त करने की मांग करना असंवैधानिक है।
युवाओं के आंदोलनों को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की भूमिका को आठवले ने दोहरी बताया। उन्होंने ‘काकरोच जनता पार्टी’ के अभिजीत दीपके की मांगों का समर्थन करते हुए उन्हें आरपीआई में शामिल होने का न्योता भी दिया। सोमवार को रविभवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में आठवले ने यह बातें कहीं।
आठवले ने कहा कि संविधान निर्माण के समय डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने एससी-एसटी के लिए आरक्षण का प्रावधान किया था। इसमें यह शर्त नहीं थी कि 10 वर्ष बाद इन वर्गों का आरक्षण समाप्त कर दिया जाएगा। 10 वर्ष की अवधि की शर्त केवल राजनीतिक आरक्षण के लिए थी। जब तक समाज में जातिभेद कायम है, तब तक संवैधानिक आरक्षण भी कायम रहेगा।
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ओबीसी के साथ कांग्रेस ने किया अन्याय
आठवले ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आरक्षण के मामले में ओबीसी के साथ अन्याय किया। विश्वनाथ प्रताप सिंह के नेतृत्व वाली सरकार के समय ओबीसी के संबंध में मंडल आयोग की सिफारिशें लागू करने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि मराठा समाज को सरकार विभिन्न माध्यमों से लाभ दे रही है। विदर्भ और कोंकण में कुनबी समाज को ओबीसी प्रमाणपत्र दिए गए हैं। जातिगत जनगणना से मराठा समाज की संख्या की वास्तविक जानकारी सामने आएगी। उन्होंने कहा कि वे मराठा आरक्षण को लेकर मनोज जरांगे पाटील की मांगों का समर्थन करते हैं। नामांतर आंदोलन के दौरान भी मराठा समाज के गरीबों को आरक्षण देने की मांग उठी थी। महाराष्ट्र की 23 जातियों को केंद्र की ओबीसी सूची में शामिल करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।
नक्सलवाद के मुद्दे पर मोदी का समर्थन
बौद्धिक नक्सलवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का समर्थन करते हुए आठवले ने कहा कि नक्सलियों की मांगों का समर्थन किया जा सकता है, लेकिन उनके हिंसक मार्ग को उचित नहीं ठहराया जा सकता। नक्सलियों को बढ़ावा देने वाले लेखन और अन्य गतिविधियों को लेकर प्रधानमंत्री ने अपनी बात रखी है। आंबेडकरवादियों के लिए नक्सलियों का रास्ता स्वीकार्य नहीं है।
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खरगे को कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नहीं बनने दिया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के मंच के शुद्धिकरण के मामले पर आठवले ने कहा कि खरगे दलित और आंबेडकरवादी नेता हैं। उनका अपमान किया जा रहा है। कांग्रेस ने उन्हें मुख्यमंत्री तक नहीं बनने दिया।
अभिजीत दीपके को आंबेडकरवादी बताते हुए आठवले ने कहा कि हम उनका समर्थन करते हैं। राहुल गांधी ने युवा आंदोलन को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है, लेकिन इससे पहले वे युवा आंदोलन के समर्थन में सामने नहीं आए। उनकी भूमिका दोहरी है।
दीक्षाभूमि की जिम्मेदारी लेने को तैयार
दीक्षाभूमि स्मारक समिति के विवाद पर आठवले ने कहा कि यह विवाद पुराना है और इसे जल्द दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि विवाद नहीं सुलझता है तो दीक्षाभूमि की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी जाए, वे इसकी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हैं।
Created On :   17 Aug 2026 5:44 PM IST












