विकास का पर्व: 2047 के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए नागपुर तैयार, एआई की आधुनिक तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग

2047 के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए नागपुर तैयार, एआई की आधुनिक तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग
  • विकास के नए पर्व की ओर नागपुर की दौड़ : बावनकुले
  • सिंचाई, स्वास्थ्य, कृषि, बुनियादी सुविधाओं, महिला सशक्तिकरण और टेक्नोलॉजी को मिली रफ्तार

Nagpur News. राजस्व मंत्री एवं पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि नागपुर जिले ने विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। सिंचाई, स्वास्थ्य, कृषि, बुनियादी सुविधाओं, महिला सशक्तिकरण, खेल, पुलिस प्रशासन और आधुनिक तकनीक के माध्यम से विकास को नई गति मिली है। विभिन्न योजनाओं के जरिए नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नागपुर को देश के अग्रणी और विकसित शहरों में शामिल करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

विभागीय आयुक्तालय परिसर में आयोजित मुख्य शासकीय समारोह में पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद उन्होंने संबोधित किया। समारोह में सांसद श्यामकुमार बर्वे, विधायक डॉ. राजीव पोतदार, विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी, पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील, विशेष पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटील, मनपा आयुक्त डॉ. विपीन इटणकर, एनएमआरडीए आयुक्त संजय मीणा, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायक महामुनि, सह पुलिस आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी, पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार, स्वतंत्रता सेनानी, वरिष्ठ नागरिक और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

पालकमंत्री ने कहा कि नागपुर और विदर्भ को लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा, एग्रो-प्रोसेसिंग, सूचना प्रौद्योगिकी और औद्योगिक विकास का बड़ा हब बनाने का लक्ष्य है। शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, खेल, मिहान, महामेट्रो, सड़क विकास, नागपुर स्पोर्ट्स हब, अंबोरा पर्यटन, रामटेक में चित्रनगरी, न्यू नागपुर ट्रेड एंड फाइनेंशियल सेंटर तथा स्टेट डेटा सेंटर जैसी परियोजनाएं नागपुर के विकास को नई दिशा दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय के साथ नागपुर और विदर्भ को देश का खुशहाल एवं अग्रणी क्षेत्र बनाने की विकास यात्रा जारी रखी जाएगी, ताकि 2047 के विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सके।

पालकमंत्री ने कहा कि समाज कल्याण विभाग के माध्यम से भी उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। मिहान-एयरपोर्ट क्षेत्र में 82 एकड़ जमीन पर कन्वेंशन, कल्चरल और एग्जीबिशन सेंटर विकसित करने की तैयारी चल रही है।

सिंचाई क्षेत्र में चिचघाट उपसा सिंचाई योजना के माध्यम से 3,715 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचाई के दायरे में आया है। खैरी नहर की विशेष मरम्मत से 473 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बहाल हुई है। वहीं भिड़-चिचघाट योजना के माध्यम से 9,640 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई का लाभ मिल रहा है।

स्वास्थ्य सुविधाओं को किया जा रहा मजबूत

जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से 68 ‘आपला दवाखाना’ केंद्रों के जरिए नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयुष्मान भारत और महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के तहत 93,914 मरीजों का 307 करोड़ रुपये का नि:शुल्क उपचार किया गया है। जिले में अब तक 3 लाख 38 हजार 295 आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए हैं।

60 एआई आंगनवाड़ियों से कुपोषण पर लगाम

जिले के 60 स्वास्थ्य केंद्रों को NQAS रेटिंग मिली है, जबकि 15 स्मार्ट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शुरू किए गए हैं। जिले में 60 एआई आधारित आंगनवाड़ियां शुरू की गई हैं। पालकमंत्री के अनुसार, इस पहल के कारण नागपुर देश का पहला ऐसा जिला बना है, जहां इतनी संख्या में एआई आंगनवाड़ियों का उपयोग किया जा रहा है। इससे कुपोषण कम करने में मदद मिली है।

आधुनिक तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग

शहर पुलिस आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और स्मार्ट पुलिसिंग का उपयोग कर रही है। वहीं, नागपुर ग्रामीण पुलिस भी एआई की सहायता से गंभीर अपराधों की जांच और उनके निराकरण में सफलता हासिल कर रही है।

Created On :   16 Aug 2026 7:31 PM IST

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