अल नीनो: सीएम बोले - हर जिले में पानी की बचत और निगरानी के लिए बनेगा टास्क फोर्स, बावनकुले ने कहा - संभावित सूखे से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर प्रशासन

सीएम बोले - हर जिले में पानी की बचत और निगरानी के लिए बनेगा टास्क फोर्स, बावनकुले ने कहा - संभावित सूखे से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर प्रशासन
  • परतवाड़ा मामले पर संयम बरतने की अपील
  • राज्य में संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
  • एल नीनो के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने शुरू की व्यापक तैयारी

Mumbai/Nagpur News. एल नीनो के संभावित खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने अभी से व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को सभी विभागों की बैठक में तत्काल प्रभाव से समन्वित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल प्रबंधन, जलसंधारण कार्यों में तेजी और पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन पर विशेष जोर दिया। फडणवीस ने बैठक में जानकारी दी कि अगस्त-सितंबर में एल नीनो का प्रभाव अधिक हो सकता है और औसत से कम बारिश की संभावना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान जल भंडारण स्थिति बेहतर है, लेकिन सावधानी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने हर जिले में पानी की बचत और निगरानी के लिए टास्क फोर्स बनाने का आदेश दिया है।

जलसंधारण कार्य बढ़ाने के निर्देश

सरकार ने जलयुक्त शिवार जैसी योजनाओं को तेजी से पूरा करने, हर जिले में पानी बचत के लिए टास्क फोर्स बनाने और मनरेगा के तहत जलसंधारण कार्य बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पशुओं के लिए चारे की कमी रोकने हेतु वैरण विकास कार्यक्रम को खासकर सोलापुर, सांगली और मराठवाडा में प्राथमिकता दी जाएगी। कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने कहा कि किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा एआई आधारित निगरानी से खाद वितरण में पारदर्शिता लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि संभावित संकट से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह तैयार हैं और किसानों के नुकसान को कम करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

क्या होता है एलनीनो?

एल नीनो एक जलवायु संबंधित घटना है, जो प्रशांत महासागर के तापमान में असामान्य बढ़ोतरी से जुड़ी होती है। यह हर 2 से 7 साल में एक बार होती है और दुनिया भर के मौसम पर असर डालती है। सामान्य स्थिति में पूर्वी प्रशांत महासागर (दक्षिण अमेरिका के पास) का पानी ठंडा रहता है और पश्चिमी प्रशांत महासागर (एशिया-ऑस्ट्रेलिया के पास) का पानी गर्म होता है। लेकिन एल नीनो के दौरान यह संतुलन बिगड़ जाता है और पूर्वी हिस्से का पानी भी गर्म हो जाता है। इसके असर से भारत में मानसून कमजोर पड़ सकता है, सूखा या कम बारिश की स्थिति बन सकती है। इसका असर बहुत व्यापक और गंभीर हो सकता है, इसलिए सरकारें पहले से तैयारी करती हैं।

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पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि राज्य में संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने शुरुआती स्तर पर आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में सभी पालकमंत्रियों को अल नीनो के संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए जरूरी तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी सभी जिलाधीशों से चर्चा कर स्थिति का आकलन किया है। सूखे की संभावित स्थिति से निपटने के लिए जल्द ही एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।

महिला आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को लंबे समय तक अवसरों से वंचित रखा। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिले हैं।

यवतमाल जिले में लापता आदिवासी लड़की के मामले पर उन्होंने कहा कि यह विषय गृह विभाग के संज्ञान में है और मुख्यमंत्री स्वयं इस पर नजर रखे हुए हैं। आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके भी मामले की निगरानी कर रहे हैं। नागपुर में रियाज़ काज़ी के धर्म परिवर्तन प्रकरण पर उन्होंने बताया कि पुलिस ने गंभीरता से कार्रवाई की है।

परतवाड़ा मामले पर संयम बरतने की अपील

परतवाड़ा मामले को लेकर उन्होंने कहा कि पूरी आधिकारिक जानकारी सामने आने तक किसी भी तरह के आरोप-प्रत्यारोप से बचना चाहिए। यह एक संवेदनशील विषय है, इसलिए सभी को आपसी सौहार्द बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जाति उपवर्गीकरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मातंग समाज के प्रतिनिधियों से चर्चा कर उचित निर्णय लिया जाएगा।

Created On :   20 April 2026 8:40 PM IST

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