जल प्राधिकरण केंद्र का मामला: क्लोरीन गैस रिसाव मामले में ठेकेदार और सप्लायर पर मामला दर्ज, लापरवाही से बनी थी आपात स्थिति

क्लोरीन गैस रिसाव मामले में ठेकेदार और सप्लायर पर मामला दर्ज, लापरवाही से बनी थी आपात स्थिति
  • दम घुटने से नागरिकों को अस्पताल में कराना पड़ा था भर्ती
  • कुछ श्वानों की भी गई थी जान
  • जांच समिति की रिपोर्ट में सामने आई लापरवाही

डिजिटल डेस्क, नागपुर। गोधनी स्थित जल प्राधिकरण केंद्र में क्लोरीन गैस रिसाव के मामले में जांच के बाद लापरवाही सामने आई है। इस मामले में ठेकेदार कंपनी और गैस सप्लाई करने वाली कंपनी के संचालकों के खिलाफ मानकापुर थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है। गैस रिसाव के कारण परिसर में आपात स्थिति उत्पन्न हो गई थी। नागरिकों को सांस लेने में परेशानी होने पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, जबकि कुछ श्वानों की भी मौत हो गई थी।

महानगरपालिका के गोधनी स्थित जल प्राधिकरण केंद्र में 24 अगस्त 2026 को क्लोरिन गैस का रिसाव हुआ था। इसके चलते आसपास के नागरिकों की जान खतरे में पड़ गई थी। गैस के प्रभाव से लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी और दम घुटने जैसी स्थिति पैदा हो गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित परिसर को खाली कराया गया था। इस दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया था।

जांच समिति की रिपोर्ट में सामने आई लापरवाही

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन समिति की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई थी। समिति की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि रिसाव हुई क्लोरीन गैस की वैधता 2027 तक थी। इसके बावजूद गैस की देखरेख और आपूर्ति से जुड़ी लापरवाही के कारण हादसा हुआ। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय करते हुए पुलिस कार्रवाई की गई।

ठेकेदार और गैस सप्लायर के खिलाफ प्रकरण दर्ज

जांच रिपोर्ट के आधार पर जल प्राधिकरण के उप अभियंता श्रीकांत बत्तुलवार की शिकायत पर शुक्रवार को ठेकेदार कंपनी 'पृथ्वीपाल सिंह एंड कंपनी' के मोहन आनंद (निवासी धरमपेठ) और गैस सप्लाई करने वाली कंपनी 'पार्श्व एसोसिएट' के संचालक राजकुमार ताटेड उम्र 50 वर्ष, निवासी रेशिम ओली, इतवारी के खिलाफ मानकापुर थाने में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

Created On :   16 Oct 2026 5:55 PM IST

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