पैनी नजर: 70वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के लिए पुलिस-प्रशासन अलर्ट, अनहोनी रोकने के चाक चौबंद पुलिस व्यवस्था

70वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के लिए पुलिस-प्रशासन अलर्ट, अनहोनी रोकने के चाक चौबंद पुलिस व्यवस्था
  • दीक्षाभूमि पर अनुयायियों की सुरक्षा सर्वोपरि, चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर
  • ट्रैफिक, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन पर विशेष जोर
  • लापता लोगों और बच्चों के लिए बनेगा स्वतंत्र कक्ष
  • अनुयायियों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 18001230061 जारी
  • सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश

डिजिटल डेस्क, नागपुर। दीक्षाभूमि में आयोजित होने वाले 70वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस समारोह में लाखों अनुयायियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अनुयायियों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष नियोजन किया जा रहा है। पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चोरी और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सख्त योजना तैयार की जाए। अनुयायियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाओं की सावधानीपूर्वक समीक्षा की जाए।

धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस समारोह की तैयारियों की समीक्षा बैठक में पुलिस आयुक्त ने कहा कि बड़ी संख्या में आने वाले अनुयायियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उपलब्ध पुलिस बल का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए और हर सेक्टर में पुलिस उपनिरीक्षक की नियुक्ति की जाए। यातायात प्रबंधन के लिए भी ठोस योजना तैयार कर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं।

बैठक में मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटांकर, जिलाधीश कुमार आशीर्वाद, पुलिस उपायुक्त ए. ऋषिकेश रेड्डी, पुलिस उपायुक्त संदीप पखाले, अतिरिक्त जिलाधीश प्रवीण माहिरे, निवासी उपजिलाधीश अनूप खांडे, अतिरिक्त मनपा आयुक्त मिलिंद मेश्राम, सामाजिक न्याय विभाग की सहायक आयुक्त सुकेशिनी तेलगोटे सहित विभिन्न समितियों के प्रमुख उपस्थित थे।

अतिरिक्त मनुष्यबल के साथ सभी विभागों में समन्वय

मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटांकर ने आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त मनुष्यबल उपलब्ध कराने और सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने अनुयायियों की सुविधा के लिए समता सैनिक दल के साथ विद्यार्थियों का सहयोग लेने पर भी जोर दिया। समारोह के दौरान भीड़ का नियोजन, यातायात नियंत्रण और अन्य सुविधाओं को सुचारु रखने के लिए संबंधित विभागों को पहले से तैयारी करने को कहा गया।

स्वास्थ्य, बिजली और आपदा प्रबंधन पर विशेष ध्यान

जिलाधीश कुमार आशीर्वाद ने कहा कि समारोह के दौरान दीक्षाभूमि परिसर में स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली व्यवस्था और हेल्पलाइन प्रभावी रूप से कार्यरत रहनी चाहिए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने सभी विभागों को सतर्क रहने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।

लापता लोगों और बच्चों के लिए अलग कक्ष, हेल्पलाइन शुरू

बड़ी संख्या में अनुयायियों के आगमन को देखते हुए शिकायत निवारण कक्ष के साथ लापता लोगों और बच्चों को खोजने के लिए स्वतंत्र कक्ष बनाया जाएगा। समारोह के दौरान मिलने वाली लावारिस वस्तुओं को सुरक्षित रखने के लिए भी अलग व्यवस्था की जाएगी। आपातकालीन स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर 18001230061 जारी किया गया है।

बैठक में आपदा प्रबंधन अधिकारी अंकुश गावंडे ने आपदा प्रबंधन योजना का प्रस्तुतीकरण किया। प्रशासन का लक्ष्य है कि समारोह के दौरान सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात और अन्य जरूरी सुविधाएं सुचारु रहें तथा देशभर से आने वाले अनुयायी सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण में कार्यक्रम में शामिल हो सकें।

Created On :   15 Oct 2026 8:30 PM IST

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