ऑनलाइन गैंग की करतूत: सरकारी नौकरी का सपना दिखा किशोरी को जाल में फंसाया, वर्चुअल सेक्स के बाद अश्लील वीडियो किया वायरल

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  • नेता से पहचान होने का दावा कर नौकरी दिलाने का दिया था भरोसा, शैक्षणिक दस्तावेज भी लिए
  • सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने के दौरान आरोपी से हुई थी पहचान, ‘मीका’ ऐप डाउनलोड करने के बाद बढ़ा संपर्क
  • उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब और गोवा से जुड़े 7 आरोपियों के खिलाफ तहसील थाने में मामला दर्ज

डिजिटल डेस्क, नागपुर। सरकारी नौकरी पाने का सपना एक 19 वर्षीय किशोरी के लिए मानसिक प्रताड़ना का सबब बन गया। सोशल मीडिया पर एजुकेशन और अन्य विषयों पर वीडियो बनाने वाली किशोरी को पहले एक नेता से पहचान होने का भरोसा दिलाया गया। फिर सरकारी नौकरी दिलाने का लालच देकर उसे अपने जाल में फंसाया। आरोप है कि इस भरोसे का फायदा उठाकर उससे अश्लील बातचीत शुरु की गई थी और उसे वर्चुअल सेक्स के लिए भी मजबूर किया गया था। इसके बाद उसका अश्लील वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया गया। इस मामले में बुधवार को तहसील थाने में 7 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। खास बात है कि सभी आरोपी अलग अलग राज्यों से संबंध रखते हैं, जो किसी ऑनलाइन गैंग की तरह एक दूसरे से ऑनलाइन जुड़े थे।

सोशल मीडिया पर हुई पहचान, नेता से मिलवाने का दिया भरोसा

पुलिस के अनुसार, पीड़िता सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती है और एजुकेशन सहित विभिन्न विषयों पर वीडियो बनाती है। इसी दौरान उसकी ऑनलाइन पहचान राजस्थान निवासी इरफान अली उम्र 35 साल से हुई। आरोपी के कहने पर नाबालिग ने ‘मीका’ ऐप डाउनलोड किया और दोनों के बीच लगातार बातचीत होने लगी।


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इसी संपर्क के दौरान आरोपी ने नाबालिग को बताया कि एक संगठन के उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता से उसकी जान-पहचान है। उसने दावा किया कि वह उसकी उस नेता से मुलाकात करवा सकता है और नेता की पहचान के जरिए उसे सरकारी नौकरी भी दिला सकता है। नौकरी की उम्मीद में नाबालिग ने उस पर भरोसा कर लिया। आरोप है कि इसी बहाने आरोपी ने उसके शैक्षणिक दस्तावेज भी हासिल कर लिए।

नौकरी के नाम पर अश्लील बातचीत, वर्चुअल सेक्स के लिए बनाया दबाव

शुरुआत में सरकारी नौकरी दिलाने और नेता से मिलवाने की बातें करने वाला आरोपी बाद में नाबालिग से फोन पर अश्लील बातचीत करने लगा। आरोप है कि नौकरी का लालच और नेता से पहचान होने का भरोसा देकर उस पर वर्चुअल सेक्स के लिए दबाव बनाया गया। इस दौरान उसका अश्लील वीडियो तैयार किया गया।

मामले में आरोप है कि बाद में इस वीडियो को वायरल कर दिया गया। इससे उसे मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। नौकरी दिलाने के नाम पर शुरू हुआ संपर्क आखिरकार उसके लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गया। पुलिस के अनुसार, कथित घटनाक्रम 5 नवंबर 2025 से 13 अक्टूबर 2026 के बीच का है।


पांच राज्यों से जुड़े आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

इस मामले में पुलिस ने इरफान अली (35, राजस्थान), नरेंद्र मीणा (40, लखनऊ, उत्तर प्रदेश), नितिन जैन (27, शहडोल, मध्य प्रदेश), किरण मित्तल (37, चंडीगढ़) और पायल उर्फ डेस्टिनी (34, पणजी, गोवा) सहित कुल 7 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।

पुलिस मामले की जांच कर रही है। नौकरी दिलाने का झांसा देकर नाबालिग को कथित तौर पर जाल में फंसाने, अश्लील वीडियो वायरल करने और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोपों की पड़ताल की जा रही है।

Created On :   14 Oct 2026 8:07 PM IST

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