Nagpur News: सूखे से बेहाल किसानों पर कर्ज वसूली का दबाव, घर पहुंचकर परिवारों की तस्वीरें लेने का आरोप

सूखे से बेहाल किसानों पर कर्ज वसूली का दबाव, घर पहुंचकर परिवारों की तस्वीरें लेने का आरोप
  • वडेट्टीवार बोले- कर्नाटक में किसानों के खातों में पहुंची मदद, महाराष्ट्र के किसान बेहाल
  • सरकार तुरंत राहत दे और वसूली के नाम पर किसानों की प्रताड़ना रोके
  • फीस भरने में असमर्थ विद्यार्थियों की समस्या भी उठाई, युवाओं के आंदोलन पर सरकार को चेताया

Nagpur News महाराष्ट्र में सूखे और फसल के नुकसान से जूझ रहे किसानों को राहत देने के बजाय बैंकों, सहकारी ऋण संस्थाओं और माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की ओर से कर्ज वसूली के लिए दबाव बनाए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वसूली के लिए किसानों के घर पहुंचकर उनके परिवार के सदस्यों की तस्वीरें ली जा रही हैं और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने इस मामले में राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि मंत्रियों के निर्देशों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से वसूली की जा रही है।

बुधवार को पत्रकारों से चर्चा के दौरान वडेट्टीवार ने कहा कि प्रदेश के किसान सूखे, फसल बर्बादी और आर्थिक संकट से परेशान हैं। ऐसे समय में उन्हें राहत देने की जरूरत है, लेकिन कर्ज वसूली के नाम पर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। सहकारिता मंत्री ने कर्ज पुनर्गठन की प्रक्रिया के साथ ही किसानों से वसूली नहीं करने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद वसूली जारी है, तो सवाल उठता है कि सरकार के आदेशों का पालन कौन कराएगा?

कर्नाटक में किसानों को मदद, महाराष्ट्र में इंतजार : वडेट्टीवार ने कहा कि कर्नाटक में सूखा प्रभावित किसानों के खातों में सहायता राशि जमा की गई है, जबकि महाराष्ट्र में किसानों को अपेक्षित आर्थिक मदद मिलती दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि बाजार में चीनी के दाम बढ़कर 55 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने के बावजूद गन्ना उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।

उन्होंने गन्ने का भाव 5,000 रुपये प्रति टन करने की मांग का जिक्र करते हुए कहा कि इस संबंध में केंद्रीय कृषि मंत्री के समक्ष प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी थी, लेकिन अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली।

फीस भरने के पैसे नहीं, सिर्फ परीक्षा शुल्क माफी से राहत नहीं : वडेट्टीवार ने विद्यार्थियों की समस्याओं को भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने परीक्षा शुल्क माफ करने की घोषणा तो की, लेकिन इससे विद्यार्थियों की आर्थिक परेशानियां दूर नहीं होंगी। कई विद्यार्थियों के पास कॉलेज की फीस भरने तक के पैसे नहीं हैं, जबकि शिक्षण संस्थान शुल्क जमा करने के लिए दबाव बना रहे हैं।

युवाओं के आंदोलन को लेकर वडेट्टीवार ने चेतावनी दी कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवाओं को सजा देने से समस्याएं हल नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि यदि देश के सभी युवा सड़कों पर उतर आए, तो उन्हें रखने के लिए जेलें भी कम पड़ जाएंगी।


Created On :   14 Oct 2026 4:08 PM IST

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