केन्द्र पर निशाना: खड़गे ने कहा - विरोध करने के अधिकार की चोरी ही भाजपाई तानाशाही का प्रमाण है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली. कांग्रेस ने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल की सूची से हटाए जाने को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। प्रमुख विपक्षी दल ने बुधवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद, जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल से हटाया गया। पहले वोट चोरी फिर “विरोध करने के अधिकार की चोरी” ये भाजपाई तानाशाही का प्रमाण है।
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि गृह मंत्री अमित शाह द्वारा एसआईआर में बाहर 13.3 करोड़ भारतीयों को “घुसपैठिया” घोषित करना भारतीयता का अपमान है। उन्होंने सरकार से कहा कि ज्ञानेश कुमार को बचाना बंद कीजिए। सत्ता से सवाल पूछने वालों को जेल, युवाओं को लाठी-डंडे, जबरन हिरासत, हमारी बेटियों से पुलिसिया बर्बरता, आरएसएस गुंडों को खुलेआम छूट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी-अमित शाह की दमनकारी नीतियों के आगे अब कोई नहीं झुकेगा। देश आवाज उठा रहा है, भाजपा से एक-एक बात का हिसाब लेकर रहेगा।
पीएम-एचएम ने करीब 14 करोड़ भारतीयों का संवैधानिक अधिकार छीनाः जयराम
वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर केंद्रीय गृह मंत्री शाह से तीन सवाल पूछा। उन्होंने सवाल किया कि एसआईआर का लगातार बचाव कर रहे केंद्रीय गृह मंत्री को बताना चाहिए कि कितने घुसपैठियों की पहचान हुई? कितने घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए? कितने घुसपैठियों को देश से बाहर भेजा गया? जयराम ने कहा कि 100 करोड़ भारतीयों को एसआईआर की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है। उन्हें इसके नतीजे जानने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि असलियत यह है कि प्रधानमंत्री-गृह मंत्री की हताश जोड़ी ने करीब 14 करोड़ भारतीयों से उनका वोट देने का संवैधानिक अधिकार छीन लिया है।
Created On :   14 Oct 2026 6:22 PM IST













