SIR कंट्रोवर्सी पर बिखर रहा विपक्ष!: एमके स्टालिन से विजय तक, कांग्रेस के साथ रहकर भी क्यों अलग रास्ता अपना रहे ये 5 दल?

एमके स्टालिन से विजय तक, कांग्रेस के साथ रहकर भी क्यों अलग रास्ता अपना रहे ये 5 दल?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन पुरजोर ताक झोंक रहा है। इसके लिए विपक्षी दल योजना तैयार कर रहे हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन पुरजोर ताकत झोंक रहा है। इसके लिए विपक्षी दल योजना तैयार कर रहे हैं। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को विपक्षी नेताओं को चाय पर बुलाया है। इसके बाद वह प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे।

इंडिया गठबंधन के घटक दलों में बढ़ रही दूरी?

बता दें, दिल्ली में सोमवार को बाराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने मार्च निकाला था। इस दौरान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर याचिका दायर की थी। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट जल्द ही सुनवाई करेगा।

बता दें, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव समेत 11 विपक्षी नेताओं ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। ऐसा वाकया काफी समय बाद देखने को मिला है। वहीं, विपक्षी नेताओं की एकजटुता के लिए राहुल गांधी ने आभार जताया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने पोस्ट किया। इसमें उन्होंने लिखा, "आज जो कुछ हुआ, उसे देखकर बहुत खुशी होती है। मुझे आप सभी पर गर्व है। सबने एक टीम की तरह काम किया। जैसा कि मैंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ये अलग-अलग प्रदर्शन नहीं हैं। यह एक ही आंदोलन है, जिसमें हम सब एक साथ खड़े हैं।"

बता दें, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता डी। राजा, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की सांसद महुआ माजी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम। ए। बेबी और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेता ई। टी। मोहम्मद बशीर ने याचिका दायर की है। इन नेताओं ने चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को पार्टी बनाया है।

इन पार्टियों ने बनाई दूरी?

गौरतलब है कि इंडिया गठबंधन के इन बड़े कदमों के बावजूद 5 बड़ी विपक्षी पार्टियां गायब रही। इनमें से अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) और एमके स्टालिन की डीएमके इंडिया गठबंधन में रह चुकी है। वहीं नवीन पटनायक की बीजेडी और के चंद्रशेखर राव की बीआरएस पहले की तरह ही इंडिया गठबंधन से दूर है।

हालांकि, इंडिया गठबंधन से अलग आम आदमी पार्टी, डीएमके, बीजेडी और बीआरएस ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर को रद्द करने की मांग कर रही है। तमिलनाडु में कांग्रेस के सहयोगी दल टीवीके चीफ और मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय भी इंडिया गठबंधन के कार्यक्रम में शामिल होते नजर नहीं आ रहे हैं। विपक्षी दल डीएमके ने एसआईआर और सीईसी के मुद्दे पर विजय की चुप्पी को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी का दावा है कि टीवीके और बीजेपी में गुप्त गठबंधन है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि टीवीके इंडिया गठबंधन का हिस्सा है। सोमवार को ही डीएमके ने कहा कि वह कांग्रेस के विश्वासघात के बाद इंडिया ब्लॉक से बाहर हुई है, इसलिए उसे कांग्रेस के नेतृत्व वाले आंदोलनों में भाग लेने की जरूरत नहीं है। उसका रास्ता अब स्वतंत्र है। डीएमके ने सवाल किया कि कांग्रेस नेता सीईसी के इस्तीफे के संबंध में सीएम विजय की स्थिति पर चुप क्यों हैं।

मालूम हो कि, तमिलनाडु में कांग्रेस और डीएमके लंबे समय से गठबंधन में रही। इस बार के विधानसभा चुनाव में भी दोनों साथ लड़े थे। लेकिन हार के बाद कांग्रेस ने डीएमके से गठबंधन तोड़कर बहुमत से थोड़ी दूर रही टीवीके को समर्थन दे दिया। कांग्रेस के इसी कदम से एमके स्टालिन नाराज चल रहे हैं।

वहीं, इंडिया गठबंधन के एक और सहयोगी दल आप की बात करें, तो वह भी गठबंधन के कार्यक्रम से दूर दिखाई दे रही है। इस संबंध में जब आप सांसद संजय सिंह से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सड़क से लेकर संसद तक एसआईआर के मुद्दे पर लड़ रही है। दिल्ली में सौरभ भारद्वाज लगातार प्रोटेस्ट कर रहे हैं। कई विधायकों को हिरासत में लिया गया। अरविंद केजरीवाल को घसीटकर ले जाया गया। सीजेपी के प्रोटेस्ट में साथ दिया। हम लगातार लड़ रहे हैं। ज्ञानेश कुमार को जाना होगा, एसआईआर रद्द किया जाना चाहिए।

आप नेता दुर्गेश पाठक ने कांग्रेस को इशारों में निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, ''एक देश, एक प्रोटेस्ट और दो नियम, एक को घर में अरेस्ट और दूसरे को 5 स्टार ट्रीटमेंट।'' उनका इशारा राहुल गांधी के 12 अक्टूबर के मार्च की तरफ था। इससे पहले 10 अक्टूबर को सीजेपी के प्रोटेस्ट के दौरान 7000 से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया गया था।

आप-कांग्रेस के बीच दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय तल्खी बढ़ गई थी। आप हार की एक वजह कांग्रेस को भी मानती है। आप ने साफ कर दिया है कि जहां भी कांग्रेस नेतृत्व होगा, वो उन मोर्चों से पार्टी दूर रहेगी।

इंडिया गठबंधन से बीजेडी से हो रही दूर

दिल्ली में 6 मार्च को इंडिया गठबंधन के मार्च में बीजेडी शामिल हुई थी। इसके बाद दिल्ली में अन्य कार्यक्रमों से उनकी पार्टी दूर है। नवीन पटनायक विधानसभा चुनाव के समय से ही एसआईआर के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

6 अक्टूबर को कांग्रेस ने कहा था, ''मार्च को निर्वाचन सदन के पास आकाशवाणी भवन के सामने रोक दिया गया। BJD के सांसद भी इसमें शामिल हुए। इसमें कोई संदेह नहीं कि अन्य विपक्षी दल भी नैतिक रूप से इस मार्च के साथ थे, और वे दल भी जो फिलहाल कुछ समय के लिए NDA का हिस्सा हैं।''

Created On :   13 Oct 2026 4:41 PM IST

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