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Nagpur News: तिरंगा फहराना अपराध कैसे? इमरजेंसी लगानी है तो आधिकारिक तौर पर लगाइए

Nagpur News दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के दो नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश में अघोषित आपातकाल चल रहा है? दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर देश में इमरजेंसी लगानी है, तो सरकार आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा करने का साहस दिखाए। बुधवार को दीपके ने नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के लिए पांच दिन न्यायिक हिरासत में रहना पड़े, तो इसे कैसी लोकतांत्रिक व्यवस्था कहा जाएगा? आपातकाल के दौर में भी ऐसी स्थिति नहीं थी। क्या अब देश में तिरंगा फहराना सबसे बड़ा अपराध बन गया है?
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संविधान के आधार पर चलेगा देश : धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के अवसर पर दीक्षाभूमि पहुंचे दीपके ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को अभिवादन किया । दीपके ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि देश पर किसी विचारधारा को थोपने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन भारत डॉ. आंबेडकर के विचारों और संविधान के रास्ते पर ही चलेगा।
इंडिया गठबंधन के आंदोलनों को समर्थन : सीजेपी और इंडिया गठबंधन के आंदोलनों पर दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी एक स्वतंत्र दबाव समूह के रूप में काम करती है। हालांकि, स्वतंत्र राजनीतिक भूमिका का मतलब यह नहीं है कि पार्टी इंडिया गठबंधन के खिलाफ है। दीपके ने राजनीतिक दलों में टूट, चुनाव चिह्नों को फ्रीज किए जाने और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने जैसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर सवाल उठाए। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यदि मतदाताओं से कहा जाता है कि इस बार मतदान नहीं कर पाए तो अगली बार कर लेना, तो क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी कहा जाएगा कि वे अगला चुनाव लड़ें?
विदेशी फंडिंग के आरोपों पर जांच की मांग : हाल के जनरेशन जेड आंदोलनों को विदेशी फंडिंग मिलने के आरोपों पर दीपके ने सबूत पेश करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि विदेशी फंडिंग के प्रमाण हैं, तो उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सौंपा जाना चाहिए, ताकि जांच कर उचित कार्रवाई की जा सके। केवल आरोप लगाने के बजाय मामले की जांच होनी चाहिए। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ओर से विपक्ष पर पाकिस्तान की भाषा बोलने के आरोपों पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, चीन और अमेरिका का जिक्र करने के बजाय राज्य में सूखे की स्थिति और किसानों की समस्याओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
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Created On :   14 Oct 2026 4:23 PM IST













