पराली प्रबंधन: पराली समस्या नहीं, किसान की आय और मिट्टी की सेहत सुधारने का माध्यम है

पराली समस्या नहीं, किसान की आय और मिट्टी की सेहत सुधारने का माध्यम है
  • पराली समस्या नहीं, किसान की आय और मिट्टी की सेहत सुधारने का माध्यम है
  • पराली प्रबंधन पर कृषि मंत्री चौहान और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने की समीक्षा
  • भूपेन्द्र ने राज्यों के साथ समन्वय की जरूरत बताई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली. धान कटाई के मौजूदा सीजन में पराली (फसल अवशेष) प्रबंधन को मिशन मोड में अमलीजामा पहनाने के लिए मंगलवार को कृषि भवन में अंतर-मंत्रालयी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। यह बैठक केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में हुई। बैठक में दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने दो-टूक कहा कि फसल कटाई और रबी बुवाई के बीच समय बहुत कम बचा है, इसलिए प्रशासनिक अमले को फाइलों से निकलकर सीधे जमीन पर युद्ध स्तर पर काम करना होगा। जिला स्तर पर जिलाधिकारियों (कलेक्टर्स) की त्वरित बैठकें आयोजित कर सख्त निगरानी और व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

हमें मिट्‌टी की सेहत को बचाना है : शिवराज

कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि धान की कटाई चल रही है और किसान को अगली फसल की बुवाई की जल्दी है। ऐसे में केवल यह कह देना कि पराली मत जलाओ, काफी नहीं होगा। हमें किसान को आसान, सुलभ और सस्ता विकल्प देना होगा। पराली जलाने से न सिर्फ वायु प्रदूषण होता है, बल्कि मिट्टी के मित्र कीट और पोषक तत्व जलकर राख हो जाते हैं। हमें मिट्टी की सेहत को बचाना है। पराली खेत में मिले तो जैविक खाद बनती है और खेत से बाहर जाए तो बायो-सीएनजी, बायो-इथेनॉल, बिजली और चारे के रूप में किसान की अतिरिक्त आमदनी का जरिया बनती है।

भूपेन्द्र ने राज्यों के साथ समन्वय की जरूरत बताई

पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने राज्यों के साथ समन्वय की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि उपग्रह निगरानी में दोपहर 3 बजे के बाद आने वाले अंतराल (सैटेलाइट पास न होने) के दौरान ग्राउंड पेट्रोलिंग और फ्लाइंग स्क्वॉड के जरिए पराली जलाने पर सख्त निगरानी रखी जाए। बैठक में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कृषि मंत्रियों तथा केंद्र एवं राज्यों के संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Created On :   13 Oct 2026 6:56 PM IST

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