ऐतिहासिक परंपरा: मराठी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत है, विद्यार्थियों को दी भाषा की जानकारी

मराठी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत है, विद्यार्थियों को दी भाषा की जानकारी
  • जीवन एवं प्रशासनिक कार्यों में मराठी के उपयोग पर जोर
  • मराठी साहित्य और संस्कृति ने समाज को मार्गदर्शन प्रदान किया

डिजिटल डेस्क, नागपुर. मराठी भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक परंपरा और सामाजिक मूल्यों की पहचान है। संत साहित्य से लेकर आधुनिक साहित्य तक मराठी भाषा ने समाज को विचार, संस्कार और दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। मराठी को अभिजात भाषा का दर्जा मिलना प्रत्येक मराठी भाषी के लिए गौरव और सम्मान का विषय है। आज आवश्यकता है कि विद्यार्थी अपनी मातृभाषा के साहित्य, इतिहास और परंपराओं को समझें तथा उसका दैनिक जीवन, शैक्षणिक गतिविधियों और प्रशासनिक कार्यों में अधिकाधिक उपयोग करें। भाषा का सम्मान ही अपनी संस्कृति और अस्मिता का सम्मान है। ऐसा मराठी भाषा अधिकारी डॉ. वैभव कारेमोरे ने कहा। शासकीय दंत महाविद्यालय और अस्पताल (जीडीसीएच) नागपुर में ‘अभिजात मराठी भाषा दिवस’ समारोह का आयोजन किया गया।

जीवन एवं प्रशासनिक कार्यों में मराठी के उपयोग पर जोर

समारोह का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों व उपस्थितों को मराठी भाषा की महान परंपरा, उसकी समृद्ध साहित्यिक विरासत और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी देना था। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके पश्चात मराठी भाषा अधिकारी डॉ. वैभव कारेमोरे ने प्रास्ताविक भाषण में कार्यक्रम के उद्देश्यों और 'अभिजात मराठी भाषा दिवस' के महत्व पर प्रकाश डाला। संस्थान के अधिष्ठाता डॉ. मंगेश फडनाईक ने समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने मराठी भाषा को अभिजात दर्जा मिलने के ऐतिहासिक संदर्भों को साझा किया और दैनिक जीवन एवं प्रशासनिक कार्यों में मातृभाषा के उपयोग को बढ़ावा देने पर बल दिया।

मुख्य वक्ता शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय की पूर्व प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष वैद्य माधुरी वाघ थी। उन्होंने मराठी भाषा के गौरव, साहित्यिक समृद्धि और सांस्कृतिक पहचान पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार मराठी साहित्य और संस्कृति ने समाज को मार्गदर्शन प्रदान किया है। इस अवसर पर सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अर्चना देशपांडे ने व अाभार प्रदर्शन डॉ. वैभव कारेमोरे ने किया।

Created On :   16 Oct 2026 6:26 PM IST

Tags

Next Story