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डीजे बंदी पर रार: नेताओं के अलग अलग सुर, विहिंप ने दी आदेश नहीं मानने की चेतावनी, उठे सवाल

Nagpur News. डीजे बंदी के पुलिस आदेश को लेकर भाजपा नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आए हैं। किसी ने निर्णय का स्वागत किया है, तो किसी ने केवल हिंदू त्योहारों के दौरान पाबंदी लगाए जाने पर सवाल उठाए हैं। भाजपा के शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी ने डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के बजाय आवाज नियंत्रित करने की मांग की है, वहीं विश्व हिंदू परिषद (विहिंप) ने 6 सितंबर की शोभायात्रा में डीजे बजाने की बात कही है।
हिंदू त्योहारों को टारगेट नहीं किया जा रहा
पूर्व विधान परिषद सदस्य संदीप जोशी ने डीजे बंदी के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इसे केवल हिंदू त्योहारों को टारगेट करने वाला निर्णय नहीं माना जाना चाहिए। हर मुद्दे को जातीय या धार्मिक रंग देने की जरूरत नहीं है। बदलाव की शुरुआत अपने घर से होनी चाहिए और उसका अनुकरण भी किया जाता है। जोशी ने डीजे बंदी केवल दो माह के लिए नहीं, बल्कि पूरे वर्ष लागू करने की मांग की, साथ ही डीजे सेटअप के साथ निकलने वाली रैलियों को आरटीओ से अनुमति मिलने पर भी सवाल उठाए।
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सीपी बदलने से नियम नहीं बदलते
मध्य नागपुर के विधायक प्रवीण दटके ने कहा कि केवल हिंदू त्योहारों के दौरान डीजे बंदी उचित नहीं है। जनवरी से दिसंबर तक पूरे वर्ष ध्वनि प्रदूषण के नियम समान रूप से लागू होने चाहिए। केवल सीपी बदलने से शहर के नियम नहीं बदल जाते। डीजे बंदी का विरोध नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि पाबंदी हिंदू त्योहारों के समय ही क्यों लगाई जा रही है।
नियम पर पुनर्विचार किया जाए
भाजपा के शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी ने कहा कि पूरी तरह डीजे बंद करने के बजाय उसकी आवाज निर्धारित सीमा में रखी जानी चाहिए। पुलिस को आदेश पर पुनर्विचार करना चाहिए। साउंड सिस्टम व्यवसाय से कई परिवारों का रोजगार जुड़ा है। बंदी से रोजगार का संकट पैदा होगा। सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए समान नियम लागू करने की मांग भी उन्होंने की।
त्योहार फीका करने का प्रयास
विहिंप के प्रांत मंत्री प्रशांत तितरे ने कहा कि संगठन पुलिस के आदेश का विरोध नहीं करता, लेकिन केवल हिंदू त्योहारों के लिए ऐसे नियम स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि ईद के दौरान भी पुलिस आयुक्त से मुलाकात करके विहिंप पदाधिकारियों ने डीजे बंदी की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। तितरे ने कहा कि सीमित अवधि की डीजे बंदी हिंदू त्योहारों का रंग फीका करने का प्रयास प्रतीत होती है।
Created On :   4 Sept 2026 5:56 PM IST











