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नागपुर जिला सूखा घोषित: पीड़ितों को सरकारी फैसले के मुताबिक रियायतें, संबंधित विभागों के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द

डिजिटल डेस्क, नागपुर। सरकार ने पूरे नागपुर जिले में सूखा घोषित किया है। जिले में 14 तहसीलें हैं और सभी तहसीलें इसमें शामिल हैं। राज्य के राहत और पुनर्वास विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। स्थिति को देखते हुए जिलाधीश व जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष कुमार आशीर्वाद ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी है। छुट्टी पर जाने के पहले जिलाधीश से मंजूरी लेनी होगी। अधिकारियों को मुख्यालय में ही मौजूद रहना होगा।
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उपाय और रियायतें लागू
जिले में नागपुर ग्रामीण, कामठी, सावनेर, पारशिवनी, मौदा, भिवापुर, कलमेश्वर, काटोल, रामटेक, हिंगना, उमरेड, कुही, नरखेड़ और नागपुर शहर इस तरह 14 तहसीलें हैं। पूरे जिले में सूखा घोषित होने के बाद मिलने वाली राहत व रियायतें लागू हो गई हैं। सरकार के फैसले के मुताबिक, इन तहसीलों के लिए जमीन राजस्व में छूट, फसल लोन की रीस्ट्रक्चरिंग, खेती से जुड़े लोन की रिकवरी पर रोक, 7.5 हॉर्सपावर से ज़्यादा कैपेसिटी वाले खेती के पंपों के मौजूदा बिजली बिल में छूट और परीक्षा फीस में छूट जैसी रियायतें लागू की गई हैं। एम्प्लॉयमेंट गारंटी स्कीम के तहत ज़्यादा से ज़्यादा काम शुरू करने, ज़रूरत के हिसाब से टैंकरों से पानी सप्लाई करने, अनाज की उपलब्धता सुनिश्चित करने, जानवरों के लिए चारे का इंतज़ाम करने और पानी बचाने के काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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फसल नुकसान का तुरंत पंचनामा करें
सरकार ने फसल नुकसान के पंचनामे तुरंत करके रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जिलाधीश को दिए हैं। फसलों के नुकसान के बारे में संबंधित सूखा प्रभावित किसानों को तय प्रोसेस के हिसाब से मदद देने के लिए सरकार एक स्वतंत्र शासनादेश जारी करेगी।
मुख्यालय छोड़ने पर लगाई रोक : कुमार
जिला सूखा घोषित होने के मद्देनजर जिलाधीश व जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष कुमार आशीर्वाद ने अधिकारियों के मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी है। अधिकारी जिला मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। जिलाधीश ने राजस्व, कृषि, ग्रामीण विकास, नगर विकास, भूमि अभिलेख (सर्वे), महावितरण, पशुसंवर्धन, जलसंपदा और जलसंधारण विभाग के अधिकारियों के प्रशासकीय अनुशासन, हाजिरी और छुट्टी मंजूरी के बारे में मार्गदर्शक सूचना व आदेश जारी किए हैं। कर्ज माफी, बीज और खाद वितरण, फसल कर्ज पुनर्गठन और कई तरह की आर्थिक रियायतेें लागू की गई हैं। अधिकारियों को पूरे समय मुख्यालय में ही रहना होगा। जिलाधीश ने स्पष्ट किया कि काम में कोई भी लापरवाही, अनदेखी या गैरहाज़िरी आपदा प्रबंधन अधिनियम एक्ट का सीधा उल्लंघन माना जाएगा।
सूखा प्रभावितों को डीपीसी की निधि से मदद की तैयारी : बावनकुले
राजस्वमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि जल्द ही फसल नुकसान का पंचनामा पूरा होगा। सूखा प्रभावितों को डीपीसी अर्थात जिला नियोजन समिति की निधि से भी मदद देने की तैयारी है। सूखा प्रभावितों को राहत के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार मंत्रिमंडल की उपसमिति को दिया गया है। शनिवार को पत्रकारों से चर्चा में बावनकुले ने कहा कि सूखा की स्थिति को लेकर शासनादेश पर अमल किया जा रहा है। प्रत्येक मंगलवार को जिला निहाय समीक्षा की जा रही है। नागपुर व अमरावती जिले में डीपीसी निधि से सीमेंट सड़क के बजाय जलसंधारण के कामों को प्राधान्यता देने का निर्णय लिया गया है। फसल नुकसान का पंचनामा करने के लिए राजस्व, कृषि व ग्राम विकास विभाग को समन्वय से काम करने का निर्देश दिया गया है। अवैध साहूकारों के विरोध में कठोर कार्रवाई की जाएगी।
Created On :   27 Sept 2026 8:19 PM IST












